इगोसेन्ट्रिक डेटा संग्रह में तीव्र वृद्धि ने निगरानी किए जाने, सहमति प्राप्त करने और श्रम विस्थापन से जुड़े नैतिक प्रश्नों को जन्म दिया है।
ईगोसेंट्रिक डेटा के बारे में
- इगोसेन्ट्रिक डेटा से आशय उन वीडियो और सेंसर रिकॉर्डिंग से है, जिन्हें किसी कार्य को करने वाले व्यक्ति के दृष्टिकोण से रिकॉर्ड किया जाता है।
- आमतौर पर सिर, छाती या कलाई पर लगाए गए कैमरों से यह डेटा एकत्र किया जाता है। इसमें वही दृश्य दिखाई देता है जो कोई व्यक्ति किसी कार्य को करते समय देखता है, जैसे हाथों की गतिविधियां, वस्तुओं के साथ संपर्क, स्थानों में मार्ग ढूंढना आदि।
महत्व:
- इसे इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि यह वही दृश्य दृष्टिकोण प्रदर्शित करे, जो किसी रोबोट को कार्य के दौरान प्राप्त होता है।
- यह विजन-लैंग्वेज-एक्शन (VLA) मॉडलों को प्रशिक्षित करने के लिए उपयोगी है, जो ऐसे AI सिस्टम हैं जो दृश्य समझ, भाषा निर्देश और शारीरिक गतिविधियों को एक साथ जोड़ते हैं।
- संबंधित चिंताएं: निगरानी रखना, निजता का उल्लंघन, जिम्मेदारी को लेकर अस्पष्टता, प्रतिपूर्ति को लेकर अस्पष्टता।
अंतरिक्ष विभाग (DoS) ने IN-SPACe के सहयोग से गुजरात के खोरज और तमिलनाडु के थूथुकुडी में सामान्य तकनीकी सुविधाएं (CTFs) स्थापित करने की मंजूरी दी है।
- ये CTFs विशेष रूप से अंतरिक्ष कार्यों (अंतरिक्ष यान, पेलोड सिस्टम आदि) के लिए नामित प्लग-एंड-प्ले विनिर्माण क्लस्टर के भीतर स्थित होंगे।
IN-SPACe के बारे में
- यह ‘भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र’ का संक्षिप्त रूप है।
- यह अंतरिक्ष विभाग (DoS) के तहत एक स्वायत्त निकाय है।
- अंतरिक्ष क्रियाकलापों में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और सार्वजनिक-निजी सहयोग के माध्यम से भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए इसे अंतरिक्ष क्षेत्रक में सुधार (2020) के तहत स्थापित किया गया।
- प्रमुख कार्य:
- संवर्धन: ISRO से वित्तीय सहायता और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के माध्यम से यह अंतरिक्ष कार्यों में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देता है।
- सक्षम बनाना: इसरो की अवसंरचनाओं और प्रयोगशालाओं तक पहुंच प्रदान करके स्टार्टअप की लागत को कम करता है।
- प्राधिकरण: निजी क्षेत्र के प्रक्षेपणों और ग्राउंड ऑपरेशनों की अनुमति देने वाले प्रमुख विनियामक के रूप में कार्य करता है। आदि।
भारत के चंद्रयान-3 मिशन को अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोनॉटिक्स एंड एस्ट्रोनॉटिक्स (AIAA) द्वारा 2026 के प्रतिष्ठित गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स पुरस्कार के बारे में
- महत्व: यह अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए AIAA द्वारा प्रदान किया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है।
- पृष्ठभूमि: इस पुरस्कार को तरल ईंधन आधारित रॉकेट इंजन विकास के अग्रणी रॉबर्ट एच. गोडार्ड के नाम पर रखा गया। 1975 में इस पुरस्कार का वर्तमान विस्तारित मानदंड निर्धारित किया गया।
चंद्रयान-3 मिशन के बारे में
- ऐतिहासिक लैंडिंग: 23 अगस्त, 2023 को, चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला अंतरिक्ष यान बनकर इतिहास रच दिया।
- मिशन की अवधि: एक चंद्र दिवस (लगभग 14 पृथ्वी दिवस)।
- घटक: विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर।
युवाओं में प्रेगाबालिन दवा के शांतिदायक, उत्साह उत्पन्न करने वाले और वास्तविकता से अलगाव पैदा करने वाले प्रभावों के कारण व्यापक दुरुपयोग को देखते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसे शेड्यूल H1 में शामिल कर दिया है।
प्रेगाबालिन के बारे में
- चिकित्सीय उपयोग: प्रेगाबालिन (या लिरिका) मुख्य रूप से तंत्रिका संबंधी दर्द, पुराने दर्द, न्यूरोपैथी, फाइब्रोमायल्जिया के इलाज और मिर्गी वाले लोगों में दौरे के इलाज की दवा है।
- स्वास्थ्य जोखिम: आत्मघाती विचार उत्पन्न होना और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) संबंधी अवसाद।
शेड्यूल H1 के बारे में
- परिचय: शेड्यूल H1 ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के औषधि नियम, 1945 के तहत अत्यधिक निषिद्ध श्रेणी है।
- सूचीबद्ध दवाओं की अनुशंसा पर सख्त नियम: शेड्यूल H1 में शामिल दवाएं केवल पंजीकृत चिकित्सा पेशेवर (RMP) द्वारा जारी वैध प्रिस्क्रिप्शन पर ही बेची जा सकती हैं।
- खुदरा विक्रेता की जवाबदेही: केमिस्ट और खुदरा विक्रेताओं को एक अलग रजिस्टर बनाए रखना होता है जिसमें बिक्री के सभी विवरण दर्ज किए जाते हैं।
- अनिवार्य चेतावनी लेबल: निर्माताओं को पैकेजिंग पर स्पष्ट रूप से “शेड्यूल H1 ड्रग चेतावनी” लेबल प्रदर्शित करना चाहिए।
Article Sources
1 sourceRBI ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को ₹2.86 लाख करोड़ के अपने अब तक का सर्वाधिक अधिशेष हस्तांतरण को मंजूरी प्रदान की।
RBI अधिशेष के बारे में
- अधिशेष का अर्थ है—व्यय से अधिक आय अर्जित होना।
- RBI की आय के स्रोत: रुपया प्रतिभूतियों को धारण करने पर ब्याज, तरलता समायोजन सुविधा (LAF), सीमांत स्थायी सुविधा (MSF), ऋण और अग्रिम, तथा विदेशी स्रोत।
- RBI अपनी किसी भी आय, लाभ या मुनाफे पर आयकर या सुपर-टैक्स देने के लिए उत्तरदायी नहीं है।
- RBI का व्यय: नोटों की छपाई, एजेंसी शुल्क जिसमें बैंकों, प्राथमिक डीलरों आदि का कमीशन और कर्मचारी लागत शामिल है।
- RBI की आय के स्रोत: रुपया प्रतिभूतियों को धारण करने पर ब्याज, तरलता समायोजन सुविधा (LAF), सीमांत स्थायी सुविधा (MSF), ऋण और अग्रिम, तथा विदेशी स्रोत।
सरकार को RBI अधिशेष के हस्तांतरण के संबंध में प्रावधान
- RBI अधिनियम, 1934 की धारा 47: खराब/संदिग्ध ऋणों, परिसंपत्तियों में मूल्यह्रास और अन्य मानक बैंकिंग प्रावधानों के लिए राशि अलग रखने के बाद अधिशेष लाभ को केंद्र सरकार को हस्तांतरित करना अनिवार्य है।
- मालेगाम समिति (2013) और बिमल जालान समिति (2019) की सिफारिशों के बाद, सरकार को अधिशेष हस्तांतरण में अधिक वृद्धि देखी गई है।
जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में बढ़ती लू की स्थिति के बीच, पैरामीट्रिक बीमा अत्यधिक गर्मी की घटनाओं के दौरान स्वचालित वित्तीय सहायता प्रदान करने के एक साधन के रूप में उभर रहा है।
पैरामीट्रिक बीमा के बारे में
- पैरामीट्रिक बीमा एक गैर-पारंपरिक बीमा मॉडल है। इसमें वास्तविक भौतिक नुकसान की भरपाई करने के बजाय किसी विशेष और मापनीय घटना (जैसे तापमान, वर्षा, हवा की गति) के घटित होने पर पहले से तय निश्चित राशि का भुगतान किया जाता है।
- महत्व: लू, बाढ़ और सूखे जैसी आपदाओं के दौरान तेजी से वित्तीय राहत सुनिश्चित करता है; यह जलवायु-जोखिम प्रबंधन और जलवायु संकट का सामना करने वाले समुदायों के लिए उपयोगी है।
भारत ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में विवाद निपटान पैनल गठित करने के चीन के पहले अनुरोध को रोक दिया, जिसमें चीन ने भारतीय शुल्कों और प्रोत्साहनों (आईटी और सौर ऊर्जा उत्पादों से संबंधित) को भेदभावपूर्ण बताया था।
- कोई देश पैनल गठन के पहले अनुरोध को रोक सकता है। हालांकि, विवाद निपटान निकाय की अगली बैठक में पैनल का गठन स्वतः हो जाता है, जब तक कि उसके खिलाफ सर्वसम्मति न हो।
WTO विवाद निपटान निकाय (DSB) के बारे में
- DSB सदस्य देशों के बीच व्यापार से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए जिम्मेदार संस्था है।
- प्रमुख विशेषताएं:
- संरचना: इसमें WTO के सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
- मुख्य कार्य: यह विवाद निपटान ज्ञापन (DSU) के तहत WTO के विवाद निपटान-तंत्र का प्रशासन करता है।
- DSB के कार्य: विवाद निपटान पैनल स्थापित करना; पैनल और अपीलीय निकाय की रिपोर्ट अपनाना; यदि निर्णयों का पालन नहीं किया जाता है तो प्रतिपूर्ति या व्यापार प्रतिबंधों को अधिकृत करना, आदि।
- 2019 के बाद से, गणपूर्ति की कमी (अमेरिका द्वारा न्यायाधीशों की नियुक्ति नहीं करने) के कारण WTO का अपीलीय निकाय निष्क्रिय है।