आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (ABHA), 'आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन' (ABDM) के तहत एक पहल है। इसके तहत नागरिकों को एक डिजिटल स्वास्थ्य पहचान-पत्र (हेल्थ ID) प्रदान किया जाता है। इसकी सहायता से वे अस्पतालों, क्लिनिकों और लैब्स में अपने मेडिकल रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से जोड़ सकते हैं और कहीं भी प्राप्त कर सकते हैं।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के बारे में
- प्रारंभ: 2021 में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा केंद्रीय क्षेत्रक योजना के रूप में।
- नोडल एजेंसी: राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA)।
- उद्देश्य: भारत में एकीकृत, साझा करने योग्य और नागरिक केंद्रित डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना तैयार करना।
ABDM के डिजिटल घटक
- ABHA ID: 14 अंकों की विशिष्ट डिजिटल हेल्थ आईडी है।
- हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR): यह देश भर के सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस है।
- हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (HPR): यह डॉक्टरों और आयुष चिकित्सकों सहित सभी पंजीकृत स्वास्थ्य पेशेवरों का डेटाबेस है।
- यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (UHI): यह टेली-कंसल्टेशन, अपॉइंटमेंट और अन्य स्वास्थ्य-देखभाल सेवाओं के लिए सर्वसुलभ डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
- हेल्थ इंफॉर्मेशन एक्सचेंज (HIE-CM): यह मेडिकल रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से साझा करने की एक प्रणाली है। इसमें मरीज की सहमति आवश्यक होती है।
- नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज (HCX): यह स्वास्थ्य बीमा क्लेम के निस्तारण को तेज और सरल बनाने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
ABDM के तहत शुरू की गईं प्रमुख पहलें
- स्कैन और शेयर: QR कोड के माध्यम से OPD में पंजीकरण कराया जा सकता है। इससे अस्पताल में मरीजों का प्रतीक्षा समय कम हो जाता है।
- डिजिटल स्वास्थ्य प्रोत्साहन योजना (DHIS): इसके तहत डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली अपनाने के लिए ₹4 करोड़ तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
- माइक्रोसाइट प्रोजेक्ट: यह निजी स्वास्थ्य देखभाल सेवा केंद्रों को ABDM को लोकप्रिय बनाने में मदद करने लिए लिए क्लस्टर-आधारित नेटवर्क है।
भारत में डिजिटल स्वास्थ्य-देखभाल का महत्व
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