अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के हालिया अध्ययन में भारत की 11,000 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर गंभीर, अति-स्थानीय जलवायु परिवर्तनों की चेतावनी दी गई है।
प्रमुख बिंदु
- तटीय अपरदन: वर्ष 2050 तक समुद्र के जलस्तर में 15 सेमी की वृद्धि तटरेखा की होने वाली क्षति को तेजी से बढ़ाएगी।
- चक्रवात: तेज़ी से उष्ण होता महासागर (0.27°C प्रति दशक) अधिक प्रबल उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के उत्पन्न होने का कारण बन रहा है।
- ताप विसंगतियाँ: लगभग 40 जिलों में गर्मियों के दौरान तापमान में 1°C से अधिक वृद्धि होने की संभावना है। इससे उष्णता और आर्द्रता का स्तर खतरनाक सीमा के करीब पहुँच सकता है।
- ध्रुवीकृत वर्षण प्रणाली : हालांकि औसत वर्षा में वृद्धि होगी, लेकिन यह वृद्धि मुख्य रूप से पश्चिमी तट पर केंद्रित है।
- लवणता: चक्रवात-जनित तूफान महोर्मि की वजह से समुद्री जल, ताज़े भूजल में प्रवेश कर रहा है (जैसे सुंदरबन में), जिससे पेयजल आपूर्ति के लिए संकट उत्पन्न हो रहा है।
उच्चतम न्यायालय ने अगस्त्यमलाई बायोस्फीयर रिजर्व सहित अगस्त्यमलाई भू-क्षेत्र से अतिक्रमणकारियों को तुरंत हटाने और अवैध संरचनाओं को ध्वस्त करने का आदेश दिया।
अगस्त्यमलाई बायोस्फीयर रिजर्व के बारे में
- यह दक्षिणी पश्चिमी घाट में तमिलनाडु और केरल में स्थित है।
- इसे 2016 में यूनेस्को के 'मैन एंड बायोस्फीयर' (MAB) कार्यक्रम के तहत बायोस्फीयर रिजर्व के वैश्विक नेटवर्क में शामिल किया गया था।
- इस रिजर्व में तीन वन्यजीव अभयारण्य—शेंदुर्नी, पेप्पारा और नेय्यर, तथा कलाकड़ मुंडनथुरई टाइगर रिजर्व शामिल हैं।
एक हालिया विश्लेषण में यह प्रकट हुआ कि धरातलीय ओज़ोन या ग्राउंड लेवल ओजोन (O₃) दिल्ली में वायु प्रदूषण की एक बड़ी चुनौती के रूप में उभर रहा है।
धरातलीय ओज़ोन (O₃) के बारे में
- यह द्वितीयक वायु प्रदूषक है (जो क्षोभमंडल में पाया जाता है)। यह सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOₓ) और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों (VOCs) के बीच अभिक्रिया से बनता है।
- निर्माण: NOₓ + VOCs + सूर्य का प्रकाश → ओज़ोन (O₃)
- प्रमुख स्रोत: वाहन, उद्योग और ताप विद्युत संयंत्र।
- तीव्र सौर विकिरण के कारण ग्रीष्म ऋतु के दौरान इसके स्तर में अत्यधिक वृद्धि होती है।
- प्रभाव: श्वसन संबंधी बीमारियां, फसलों को नुकसान और प्रकाश-रासायनिक धुंध।
- यह समतापमंडलीय ओजोन (गुड ओजोन) से अलग है, जो पृथ्वी को पराबैंगनी (UV) किरणों से बचाता है। धरातलीय ओजोन एक हानिकारक प्रदूषक (बैड ओजोन) है।
- सुरक्षित सीमा: WHO के मानकों और 2009 के राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS), दोनों के अनुसार, 8-घंटे के निगरानी मूल्यांकन के लिए 100 µg/m³ और 1-घंटे के निगरानी मूल्यांकन के लिए 180 µg/m³ सुरक्षित सीमा निर्धारित है।
भारत द्वारा डीजल में आइसोब्यूटेनॉल के सम्मिश्रण की शुरुआत किए जाने की संभावना है।
आइसोब्यूटेनॉल के बारे में
- आइसोब्यूटेनॉल चार-कार्बन परमाणु वाला अल्कोहल (C₄H₁₀O) है। यह इथेनॉल की तुलना में उच्च श्रेणी का अल्कोहल माना जाता है, क्योंकि इथेनॉल में केवल दो कार्बन परमाणु होते हैं।
- इसे बायोमास, कृषि अपशिष्ट जैसे नवीकरणीय स्रोतों से; या इथेनॉल एवं गन्ना उत्पादन से जुड़ी प्रक्रियाओं के माध्यम से उत्पादित किया जा सकता है।
- उपयोग: पेंट, कोटिंग्स जैसे उत्पादों में औद्योगिक विलायक के रूप में; परिवहन के लिए संभावित जैव ईंधन के रूप में आदि।
- डीजल के साथ सम्मिश्रण में उपयोगिता:
- आइसोब्यूटानॉल डीजल के साथ बिना किसी अतिरिक्त योजक (Additives) के आसानी से मिश्रित हो जाता है। इसमें ऊर्जा की मात्रा अधिक होती है।
- यह कम वाष्पशील और कम संक्षारणकारी होता है। इसलिए यह वर्तमान इंजनों और ईंधन अवसंरचना के साथ अधिक अनुकूलता प्रदान करता है।
हाल ही में एक अध्ययन में साकली आर्द्रभूमि के अवसादों का उपयोग करके माजुली द्वीप के 4,000 वर्षों के जलवायु इतिहास का पुनर्निर्माण किया गया है।
माजुली द्वीप के बारे में
- यह असम में स्थित है। यह विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप है।
- इसे 2016 में भारत का पहला नदी द्वीप जिला घोषित किया गया था।
- यह उत्तर-पश्चिम में सुबनसिरी और उसकी सहायक नदियों (रंगा नदी, डिक्रोंग, डुबला, चिची और टुनी आदि), उत्तर-पूर्व में; खेरकटिया सुती (ब्रह्मपुत्र की अतिरिक्त जलधारा ), तथा दक्षिण एवं दक्षिण-पश्चिम में ब्रह्मपुत्र नदी से घिरा हुआ है।
- मुख्य विशेषताएं: यह नदीय भूआकारिकी का क्षेत्र है; यहाँ लघु द्वीपों का निर्माण होता है जिन्हें स्थानीय रूप से चापोरी कहा जाता है; यह असमिया नव-वैष्णव संस्कृति का केंद्र है (सत्रों की परंपरा के लिए प्रसिद्ध) आदि।
- इसे 2004 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की संभावित सूची में शामिल किया गया था।
Article Sources
1 sourceभारत के प्रधानमंत्री और म्यांमार के राष्ट्रपति ने आपसी हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों की समीक्षा की, जिनमें AI और अंतरिक्ष जैसे विषय शामिल थे।
- दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए रुपया-क्यात व्यापार निपटान तंत्र (2024 में चालू) की सतत संवृद्धि का भी स्वागत किया।
भारत-म्यांमार संबंधों का महत्व:
- भू-रणनीतिक : म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और 'महासागर' (MAHASAGAR) जैसी नीतियों के केंद्र में स्थित है।
- कनेक्टिविटी: क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग और कालादान मल्टी-मॉडल परियोजना।
- सुरक्षा: सीमा पार से होने वाले नृजातीय उग्रवाद (1,643 किमी लंबी सीमा पर) से निपटने तथा पूर्वोत्तर राज्यों में हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी (स्वर्णिम त्रिभुज) को रोकने के लिए।
- सांस्कृतिक सॉफ्ट पावर: साझा थेरवाद बौद्ध विरासत आधारित सुदृढ़ ऐतिहासिक संबंध।
Article Sources
1 sourceदिल्ली उच्च न्यायालय ने 'लक्ष वीर सिंह यादव बनाम भारत संघ और अन्य' वाद में एक व्यक्ति के 'भूल जाने के अधिकार' (Right To Be Forgotten) को अनुच्छेद 21 के तहत ‘निजता का अधिकार’ नामक मूल अधिकार का एक अभिन्न अंग माना है।
- भूल जाने का अधिकार: यह वह अधिकार है जिसके तहत कोई व्यक्ति अपनी ऐसी व्यक्तिगत जानकारी को सार्वजनिक पहुँच से हटाने या उस तक पहुँच सीमित करने की मांग कर सकता है, जिसका अब कोई वैध या आवश्यक उद्देश्य नहीं रह गया हो।
निर्णय के प्रमुख बिंदु
- यह विस्तृत सिद्धांत निर्धारित करता है कि न्यायालय के रिकॉर्ड में नामों को कब डी-इंडेक्स या छिपाया जा सकता है।
- डी-इंडेक्सिंग (वैश्विक स्तर पर संचालित होने के लिए): इसमें किसी व्यक्ति का नाम सर्च इंजन के लिए उपयोग होने वाली कुंजी के रूप में हटा दिया जाता है, लेकिन संबंधित रिकॉर्ड को मिटाया नहीं जाता। इससे उस जानकारी तक नाम के आधार पर खोज करके पहुँचना कठिन हो जाता है, जबकि रिकॉर्ड अपने मूल स्रोत पर उपलब्ध रह सकता है।
- अनुप्रयोग: ऐसे मामले जो बरी होने, दोषमुक्त होने आदि पर समाप्त हो जाते हैं।
- अपवाद: इसे महिलाओं, बच्चों या लोक विश्वास के हनन के मामलों में लागू नहीं किया जा सकता है।
- डी-इंडेक्सिंग (वैश्विक स्तर पर संचालित होने के लिए): इसमें किसी व्यक्ति का नाम सर्च इंजन के लिए उपयोग होने वाली कुंजी के रूप में हटा दिया जाता है, लेकिन संबंधित रिकॉर्ड को मिटाया नहीं जाता। इससे उस जानकारी तक नाम के आधार पर खोज करके पहुँचना कठिन हो जाता है, जबकि रिकॉर्ड अपने मूल स्रोत पर उपलब्ध रह सकता है।
- मास्किंग: यह न्यायिक रिकॉर्ड में नामों और व्यक्तिगत पहचानों को तटस्थ चिन्हों (जैसे- XYZ) से बदल देता है।
भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) 1 जून 2026 से लागू हो गया है।
भारत-ओमान CEPA के बारे में
- ओमान द्वारा छूट: भारत के 99.38% निर्यात (मूल्य के आधार पर) को ओमान में तत्काल शून्य-शुल्क पहुँच प्राप्त होगी।
- ओमान में प्रमुख सेवा क्षेत्रकों में भारतीय कंपनियों के लिए 100% FDI की अनुमति होगी।
- भारत द्वारा छूट: ओमान से होने वाले 94.81% आयात को कवर करने वाली 77.79% टैरिफ लाइनों पर टैरिफ उदारीकरण, जबकि डेयरी, तिलहन और अनाज जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को संरक्षण प्रदान किया जाएगा।
भारत-ओमान व्यापार संबंधों के बारे में
- ओमान खाड़ी देशों में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, जिसके साथ भारत का लगभग 11 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार होता है।
- ओमान के सोहार, डुक्म और सलालाह में स्थित लॉजिस्टिक्स हब भारत को व्यापक खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) और पूर्वी अफ्रीकी बाजारों तक पहुँच प्रदान करते हैं।