16वें एशियाई शेर गणना आकलन में गुजरात के ग्रेटर गिर भूक्षेत्र में कुल 891 एशियाई शेर पाए गए। यह वृद्धि एशियाई शेरों के संरक्षण के लिए किए गए दशकों के प्रयासों का परिणाम है, क्योंकि कभी यह प्रजाति विलुप्त होने के कगार पर पहुँच गई थी।
- शेरों की संख्या में इस वृद्धि का श्रेय सख्त विधिक संरक्षण, शिकार प्रजातियों की संख्या बढ़ाने, भूक्षेत्र (लैंडस्केप) स्तर पर संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को दिया गया है।
एशियाई शेर के बारे में
- बिग कैट्स प्रजातियों में शामिल शेर एकमात्र ऐसी बड़ी बिल्ली प्रजाति है जो समूह में रहती है। शेरों के समूह को प्राइड कहा जाता है।
- संरक्षण स्थिति:
- IUCN रेड लिस्ट: एंडेंजर्ड,
- CITES: परिशिष्ट-I,
- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972: अनुसूची-I में शामिल,
- भौगोलिक प्राप्ति क्षेत्र: एशियाई शेरों की एकमात्र अलग-थलग समष्टि (आबादी) गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभयारण्य में पाई जाती है।
- अनुकूल पर्यावरण: एशियाई शेर मुख्य रूप से शुष्क पर्णपाती वनों में पाए जाते हैं।
- प्रमुख खतरे:
- विलुप्त होने का खतरा: एक ही स्थान पर सीमित संख्या होने के कारण शेरों को बीमारियों, जंगल की आग और अंतःप्रजनन (इनब्रीडिंग) से खतरा रहता है।
- मानव-शेर संघर्ष: कृषि क्षेत्र और मानव बस्तियों के विस्तार से पशुधन के शिकार तथा मानव-शेर संघर्ष की घटनाएं बढ़ती हैं।
- आकस्मिक एवं प्रतिशोधात्मक मृत्यु: तार के फंदे, जाल और विषाक्त हो गए जानवरों के शवों के कारण शेरों की मृत्यु हो सकती है।
- पर्यावास का क्षरण: पशुधन द्वारा अत्यधिक चराई से शेरों के पर्यावास में आक्रामक खरपतवार और झाड़ियों का प्रसार होता है।
- संरक्षण के प्रयास:
- प्रोजेक्ट लायन: वर्ष 2020 में शुरू किया गया। इसमें भूक्षेत्र (लैंडस्केप) आधारित संरक्षण दृष्टिकोण अपनाया गया है। इसमें पर्यावास की पुनर्बहाली, शेरो की समष्टि (आबादी) का प्रबंधन और पारिस्थितिक अनुकूलन बढ़ाने पर ध्यान दिया जाता है।
- दूसरी प्राकृतिक समष्टि या पर्यावास: बरडा वन्यजीव अभयारण्य एशियाई शेरों के लिए दूसरे पर्यावास के रूप में विकसित हो रहा है। साथ ही, कूनो राष्ट्रीय उद्यान में भी इसे फिर से बसाने की योजना भी है।
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग: इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) का गठन।
- स्थानीय पहल एवं सामुदायिक भागीदारी: गिर संवाद सेतु जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
