पैमाना (PAIMANA) पोर्टल ने जून 2026 तक 1,847 संचालित केंद्रीय अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी की है।
पैमाना (PAIMANA) के बारे में
- शुरुआत: इसे 2025 में शुरू किया गया। इसने ऑनलाइन कंप्यूटरीकृत निगरानी प्रणाली (OCMS-2006) का स्थान लिया है।
- उद्देश्य: यह एक वेब-आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य केंद्रीय क्षेत्रक की अवसंरचना परियोजनाओं की पारदर्शी, प्रभावी और डेटा-आधारित निगरानी करना है।
- मंत्रालय: केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI)
- कवरेज: यह ₹150 करोड़ या उससे अधिक लागत वाली केंद्रीय क्षेत्रक की अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी करता है।
PAIMANA-CRIP के बारे में
- शुरुआत: जुलाई 2026 में PAIMANA-CRIP प्रारंभ किया गया।
- इसने एकीकृत परियोजना निगरानी पोर्टल का स्थान लिया है।
- इसका उद्देश्य देश में अवसंरचना परियोजनाओं के लिए केंद्रीय रिपॉजिटरी के रूप में कार्य करना है।
Article Sources
1 sourceउच्चतम न्यायालय द्वारा अगस्त्यमलाई बायोस्फीयर रिजर्व में वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को समयबद्ध तरीके से हटाने के आदेश से तमिलनाडु में लोगों में चिंताएं बढ़ गई हैं और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
अगस्त्यमलाई बायोस्फीयर रिजर्व के बारे में
- अवस्थिति : यह दक्षिण भारत में पश्चिमी घाट के सबसे दक्षिणी छोर पर स्थित है और इसका विस्तार तमिलनाडु तथा केरल में है।
- यूनेस्को-MAB: यह यूनेस्को के मानव एवं जैवमंडल (मैन एंड बायोस्फीयर रिजर्व: MAB) कार्यक्रम का हिस्सा है।
- पारितंत्र: इसमें मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय वन पारितंत्र पाए जाते हैं।
- वनस्पति: यह इलायची, जामुन, जायफल, काली मिर्च और केला जैसी वनस्पतियों के लिए एक महत्वपूर्ण और विशिष्ट आनुवंशिक भंडार है।
- जीव-जंतु: यहाँ स्तनपायी, सरीसृप, उभयचर, मछलियों और पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां पाई जाती हैं।
- संरक्षित क्षेत्र: इस क्षेत्र में अग्रलिखित संरक्षित क्षेत्र शामिल हैं: शेंदुर्नी वन्यजीव अभयारण्य, पेप्पारा वन्यजीव अभयारण्य, नेय्यार वन्यजीव अभयारण्य और कलाकाड मुंडनथुराई टाइगर रिजर्व।
- जनजातीय समुदाय: यह क्षेत्र कानी जनजाति का निवास स्थान है।
राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र (NCPOR) के वैज्ञानिकों ने अरब सागर में एक विशाल सबमरीन फैन और चैनल-लेवी प्रणाली का मानचित्रण किया है।
सबमरीन फैन के बारे में
- सबमरीन फैन गहरे समुद्र के तल पर जमा होने वाला पंखे के आकार का तलछट निक्षेप होता है।
- निर्माण: यह मुख्य रूप से टर्बिडिटी धाराओं द्वारा बनता है। ये धाराएं पंक, रेत और अन्य तलछटों को समुद्र के अंदर स्थित चैनलों के माध्यम से ढलान की ओर ले जाती हैं।
- संरचना: सबमरीन फैन के प्रमुख घटकों में खड्ड (कैन्यन), चैनल और लोब शामिल हैं।
- बंगाल फैन: बंगाल फैन विश्व का सबसे बड़ा सबमरीन फैन है।
- हाइड्रोकार्बन के लिए महत्व: धारा मार्ग में जमा होने वाली मोटी रेत तेल और प्राकृतिक गैस के संभावित निक्षेप का निर्माण कर सकती है।
संयुक्त राज्य अमेरिका की लेक मीड (Lake Mead) का जलस्तर इसके लगभग 90 वर्ष पहले भरने के बाद से अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है।
लेक मीड के बारे में
- अवस्थिति: यह मोजावे मरुस्थल क्षेत्र में स्थित है।
- महत्व: जल भंडारण क्षमता के आधार पर यह अमेरिका का सबसे बड़ा जलाशय है।
- निर्माण: यह एक कृत्रिम जलाशय है, जिसे 1930 के दशक में कोलोराडो नदी पर हूवर बांध के निर्माण के बाद बनाया गया।
- कोलोराडो नदी संयुक्त राज्य अमेरिका और मेक्सिको के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा के एक हिस्से का निर्माण करती है।
संसद ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक, 2026 पारित किया है।
विधेयक के बारे में
- यह विधेयक औपचारिक रूप से बैंकर्स बुक्स एविडेंस अधिनियम, 1891 को समाप्त करता है।
- इसमें “बैंकर्स बुक्स” की परिभाषा को व्यापक बनाया गया है। इसमें लेजर, डे-बुक्स, कैश-बुक्स और बैंक के अन्य सभी व्यावसायिक रिकॉर्ड शामिल होंगे। ये रिकॉर्ड भौतिक या डिजिटल किसी भी रूप में रखे जा सकते हैं।
- साक्ष्य के रूप में मान्यता: बैंक द्वारा प्रमाणित रिकॉर्ड को सभी कानूनी कार्यवाहियों में प्रथम दृष्टया साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
- इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड: बैंक के रिकॉर्ड यदि डिजिटल रूप में रखे गए हों, तब भी उन्हें न्यायिक कार्यवाही में स्वीकार्य साक्ष्य माना जाएगा।
वैज्ञानिकों ने बंगाल की उत्तरी खाड़ी के ऊपर असामान्य रूप से मोटी ओजोन परत का पता लगाया है।
ओजोन परत के बारे में
- ओजोन परत: यह समतापमंडल का एक क्षेत्र है, जो पृथ्वी की सतह से लगभग 15 से 40 किलोमीटर की ऊँचाई पर स्थित है। इसमें वायुमंडलीय ओजोन का अधिकांश भाग पाया जाता है।
- सुरक्षात्मक भूमिका: यह एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करती है और पृथ्वी पर मौजूद सभी जीवों को सूर्य से आने वाले हानिकारक विकिरण से बचाती है।
- ओजोन क्षरण: इंसानी गतिविधियों के कारण ओजोन-क्षयकारी पदार्थ (ODS) वायुमंडल में उत्सर्जित हो गए हैं। इनमें प्रमुख हैं: क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs), हाइड्रोक्लोरोफ्लोरोकार्बन (HCFCs), हैलोन, कार्बन टेट्राक्लोराइड, मिथाइल क्लोरोफॉर्म।
- ओजोन क्षरण के प्रभाव:
- पृथ्वी की सतह तक अधिक मात्रा में UV-B विकिरण पहुँच सकता है। इससे मनुष्यों में त्वचा कैंसर और मोतियाबिंद का खतरा बढ़ता है, फसलों और पौधों को नुकसान पहुँच सकता है, समुद्री जीवों पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है।
Article Sources
1 sourceवैज्ञानिकों को संभवतः ऐसे पदार्थ के एक रूप का पहला प्रमाण मिला है, जो पूरी तरह से मूलभूत बल के वाहक कणों से बना है।
ग्लूबॉल्स के बारे में
- प्रकृति के चार मूलभूत बल: प्रकृति में चार मूलभूत बल माने जाते हैं: प्रबल बल, दुर्बल बल, विद्युतचुंबकीय बल और गुरुत्वाकर्षण बल।
- बल-वाहक कण: इन बलों का प्रभाव कुछ विशेष कणों के आदान-प्रदान के माध्यम से होता है। ये कण बलों के मध्यस्थ के रूप में कार्य करते हैं।
- प्रबल बल: ग्लूऑन द्वारा मध्यस्थित।
- दुर्बल बल: W और Z बोसॉन द्वारा मध्यस्थित।
- विद्युतचुंबकीय बल: फोटॉन द्वारा मध्यस्थित।
- गुरुत्वाकर्षण: ग्रैविटॉन को इसका संभावित वाहक माना जाता है, लेकिन अभी तक इसकी खोज नहीं हुई है।
- ग्लूबॉल्स: ग्लूऑन, जो प्रबल बल के मध्यस्थ कण हैं, एक-दूसरे को आकर्षित कर सकते हैं और आपस में बंधकर नई बंधित अवस्थाएँ बना सकते हैं। इन बंधित अवस्थाओं को ग्लूबॉल्स कहा जाता है।
- ग्लूबॉल्स की विशेषता यह है कि ये प्रकृति में ऐसे कण माने जाते हैं जो पूरी तरह से बल के वाहक कणों (ग्लूऑन) से बने होते हैं।
Article Sources
1 sourceनए शोध से संकेत मिलता है कि एक माता-पिता से प्राप्त जीन कभी-कभी दूसरे माता-पिता से विरासत में मिले जीन को अप्रत्याशित रूप से निष्क्रिय कर सकते हैं और यह प्रभाव कई पीढ़ियों तक बना रह सकता है।
परम्यूटेशन के बारे में
- यह एक ऐसी परिघटना है जिसमें जीन की एक प्रति दूसरे माता-पिता से विरासत में मिली जीन की प्रमुख प्रति को निष्क्रिय कर सकती है।
- ऐसा मिथाइल समूह लगने के कारण होता है, जो जीन को रासायनिक रूप से संशोधित कर उसकी सक्रियता को बदल देते हैं।
- वंशागति की पारंपरिक अवधारणा को चुनौती: परम्यूटेशन आनुवंशिक विरासत के बारे में हमारी पारंपरिक समझ को चुनौती देता है। इसे स्तनपायियों में प्राकृतिक रूप से होने वाली परिघटना के रूप में पहले प्रदर्शित नहीं किया गया था।
- परम्यूटेशन, एपिजेनेटिक्स का एक रूप है। एपिजेनेटिक्स में DNA अनुक्रम या उन प्रोटीनों पर रासायनिक संशोधन होते हैं, जिनके चारों ओर DNA लिपटा रहता है। ये संशोधन जीन को सक्रिय (On) या निष्क्रिय (Off) कर सकते हैं।