सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy) का अर्थ है—आपसी समझ, लोगों के बीच संबंध और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बढ़ाने के लिए संस्कृति को एक रणनीतिक माध्यम के रूप में उपयोग करना।
- इसमें विचारों, मूल्यों, परंपराओं तथा संस्कृति या पहचान से जुड़े अन्य पहलुओं का आदान-प्रदान शामिल है, ताकि राष्ट्रीय हितों को बढ़ावा दिया जा सके।
सांस्कृतिक कूटनीति का महत्व/आवश्यकता
- सॉफ्ट पावर: सांस्कृतिक कूटनीति बॉलीवुड सिनेमा, योग, क्रिकेट, भारतीय खान-पान और भारतीय कला के माध्यम से भारत का वैश्विक प्रभाव बढ़ाती है।
- उदाहरण के लिए: संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया जाना।
- प्रवासी भारतीयों से संलग्नता: यह कूटनीति भारतीय प्रवासियों के साथ संबंध को प्रगाढ़ बनाती हैं। साथ ही, प्रवासी भारतीय भारत तथा अन्य देशों के बीच सांस्कृतिक सेतु का कार्य करते हैं।
- उदाहरण के लिए: अमेरिका के मैसाचुसेट्स में 2026 में “भारत दिवस (इंडिया डे) घोषित किया गया।
- संबंधों को सुदृढ़ करना: सांस्कृतिक गतिविधियां द्विपक्षीय और बहुपक्षीय कूटनीति को सुदृढ़ करती हैं तथा देशों के बीच लंबे समय तक संबंध बनाए रखने में मदद करती हैं।
- उदाहरण के लिए: भारत-आसियान सांस्कृतिक आदान-प्रदान (2026)।
- पर्यटन और आर्थिक संबंध: यह कूटनीति भारत की विरासत, खान-पान, कला और परंपराओं को बढ़ावा देकर पर्यटन तथा अन्य आर्थिक संबंधों को मजबूत करती है।
- उदाहरण के लिए: जापान, श्रीलंका जैसे देशों के साथ बौद्ध कूटनीति।
सांस्कृतिक कूटनीति को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख पहलें:
- ग्लोबल एंगेजमेंट स्कीम (GES): यह द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सांस्कृतिक सहयोग के लिए एक व्यापक ढांचा है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित शामिल हैं:
- अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (ICEP): इसमें भारत महोत्सव, कलाकारों का आदान-प्रदान और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम शामिल हैं।
- प्रोजेक्ट मौसम: यह कार्यक्रम हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के बीच ऐतिहासिक समुद्री और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करता है।
- बृहत्तर भारत: यह भारत के ऐतिहासिक और सभ्यतागत सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देता है।
- अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (ICH) के संरक्षण की योजना: यह भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत, जैसे परंपराओं, लोक कलाओं और रीति-रिवाजों के संरक्षण पर ध्यान देती है।
- भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR): ICCR विदेशों में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक केंद्र, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, प्रदर्शनियां और अन्य कार्यक्रम आयोजित करती है।
- स्मारकों का संरक्षण और पुनर्स्थापन: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और विदेश मंत्रालय (MEA) विदेशों में भारतीय सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत से जुड़े स्थलों के संरक्षण और पुनरुद्धार में सहयोग करते हैं। उदाहरण के लिए: कंबोडिया के अंकोरवाट और ता प्रोहम का पुनरुद्धार।
- अन्य पहलें:
- प्रवासी भारतीय दिवस (PBD),
- भारत को जानो कार्यक्रम (KIP): प्रवासी भारतीय युवाओं को भारत की संस्कृति, विरासत और परंपराओं से परिचित कराता है।