'राष्ट्रीय खेल शासन बोर्ड नियम' और 'राष्ट्रीय खेल अधिकरण नियम, 2026' अधिसूचित किए गए | Current Affairs | Vision IAS

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In Summary

  • राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 का उद्देश्य खेलों को बढ़ावा देना, खिलाड़ियों के कल्याण, सुशासन और विवाद समाधान को प्रोत्साहित करना है।
  • राष्ट्रीय खेल बोर्ड (एनएसबी), एक सर्वोच्च निकाय है, जो राष्ट्रीय खेल निकायों को मान्यता प्रदान करता है; सीएजी इसके खातों का लेखापरीक्षा करता है।
  • राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण (एनएसटी) खेल विवादों का स्वतंत्र रूप से समाधान करता है, जिसके विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में अपील की जा सकती है।

In Summary

ये नियम राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 के तहत अधिसूचित किए गए हैं।

  • उद्देश्य: इस अधिनियम का लक्ष्य खेलों को बढ़ावा देना, खिलाड़ियों का कल्याण सुनिश्चित करना, बेहतर प्रशासन और निष्पक्ष खेल-प्रतिस्पर्धा को सुदृढ़ करना, तथा खेल संबंधी विवादों को सुलझाने के लिए एक प्रभावी तंत्र प्रदान करना है।
  • राष्ट्रीय खेल बोर्ड (NSB): अधिनियम के अनुसार, यह खेलों के लिए एक शीर्ष विनियामक संस्था है। इसके पास राष्ट्रीय खेल निकायों को मान्यता देने; और मान्यता का नवीनीकरण करने, निलंबित करने या रद्द करने की शक्ति है।

राष्ट्रीय खेल शासन (राष्ट्रीय खेल बोर्ड) नियम, 2026 के मुख्य प्रावधान

  • गठन: इसमें एक अध्यक्ष और दो सदस्य होंगे, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा एक 'खोज-सह-चयन समिति' की सिफारिशों के आधार पर नियुक्त किया जाएगा।
  • कार्यकाल: 3 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो)।
    • ये एक अतिरिक्त कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्ति के पात्र होंगे।
  • बोर्ड की शक्तियां और कार्य:
    • राष्ट्रीय खेल निर्वाचन पैनल और राष्ट्रीय खेल निकायों का रिकॉर्ड रखना।
    • राष्ट्रीय खेल निकायों में खेल प्रशासन और समिति के संचालन के लिए मॉडल दिशानिर्देश तैयार करना।
  • लेखा-परीक्षा: भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के पास बोर्ड के खातों की लेखा-परीक्षा का अधिकार होगा।

राष्ट्रीय खेल शासन (राष्ट्रीय खेल अधिकरण) नियम, 2026 के मुख्य प्रावधान

  • कार्यकाल:
    • अध्यक्ष: 5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो)।
    • सदस्य: 5 वर्ष या 67 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो)।
    • अध्यक्ष और सदस्य एक अतिरिक्त कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र हैं।
  • डिजिटल कार्यान्वयन: एक विशेष पोर्टल के माध्यम से तकनीकी-विधिक उपायों का उपयोग किया जाएगा।

राष्ट्रीय खेल अधिकरण (NST) के बारे में

राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 के तहत, खेल से संबंधित विवादों के स्वतंत्र, त्वरित, प्रभावी और किफायती तरीके से निस्तारण के लिए राष्ट्रीय खेल अधिकरण (National Sports Tribunal) की स्थापना की गई है।

  • गठन: केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त एक अध्यक्ष और दो अन्य सदस्य।
  • पात्रता:
    • अध्यक्ष: उच्चतम न्यायालय के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश या किसी उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश।
    • सदस्य: खेल, लोक प्रशासन और विधिक क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले प्रख्यात व्यक्ति।
  • अधिकार क्षेत्र से बाहर: यह अधिकरण बड़े खेल आयोजनों (जैसे कि ओलंपिक, एशियाई खेल), डोपिंग, या खेल निकायों और अंतर्राष्ट्रीय महासंघों के अनन्य क्षेत्राधिकार (Exclusive Jurisdiction) वाले मामलों की सुनवाई नहीं कर सकता है।
  • शक्तियां और कार्य:
    • इसे 'सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908' के तहत एक दीवानी अदालत की शक्तियाँ प्राप्त हैं।
    • अधिकरण के निर्णयों के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में 30 दिनों के भीतर अपील की जा सकती है।
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अनन्य क्षेत्राधिकार (Exclusive Jurisdiction)

इसका अर्थ है कि कुछ मामलों पर केवल एक विशेष निकाय या अदालत को ही सुनवाई करने का अधिकार होता है। राष्ट्रीय खेल अधिकरण (NST) ऐसे मामलों की सुनवाई नहीं कर सकता है जो खेल निकायों या अंतर्राष्ट्रीय महासंघों के अनन्य क्षेत्राधिकार में आते हैं।

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908

यह संहिता दीवानी मामलों के संचालन के लिए प्रक्रिया निर्धारित करती है। राष्ट्रीय खेल अधिकरण (NST) को इस संहिता के तहत एक दीवानी अदालत की शक्तियां प्राप्त हैं, जो इसे प्रभावी ढंग से विवादों का निपटारा करने में सक्षम बनाती हैं।

राष्ट्रीय खेल अधिकरण (NST)

खेल से संबंधित विवादों के स्वतंत्र, त्वरित, प्रभावी और किफायती निपटान को सुनिश्चित करने के लिए स्थापित एक न्यायाधिकरण।

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