भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) में ठेकेदारों की अनधिकृत भागीदारी को रोकने के लिए उनकी पात्रता से जुड़े मानदंडों को सख्त कर दिया है।
हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के बारे में
- परिचय: यह 2016 में शुरू किया गया। यह पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल है, जिसका इस्तेमाल सड़क निर्माण जैसी अवसंरचना परियोजनाओं में किया जाता है।
- मुख्य विशेषताएं:
- फंडिंग: निर्माण के दौरान सरकार 40% राशि पाँच किस्तों में (माइलस्टोन के आधार पर) देती है, जबकि निजी डेवलपर 60% राशि कर्ज और इक्विटी से जुटाता है।
- नुकसान-साझा करने की व्यवस्था: इसमें किसी प्रकार के नुकसान का भार सभी पर डाला जाता है; जैसे राजस्व से जुड़े नुकसान सरकार वहन करती है, जबकि वित्तीय नुकसान निजी डेवलपर वहन करता है।
केंद्रीय कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने भारतीय मल्टी-डिसिप्लिनरी पार्टनरशिप (MDP) फर्म्स की स्थापना पर लोगों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।
मल्टी-डिसिप्लिनरी पार्टनरशिप (MDP) के बारे में
- यह साझेदारी का एक ऐसा रूप है जो एक ही जगह कई सेवाएं प्रदान करता है, जैसे- कॉस्ट रिकॉर्ड का रखरखाव, लेखांकन, लेखा-परीक्षण, आश्वासन, प्रबंधन आदि।
- वर्तमान नियम अलग-अलग विषय-क्षेत्रों के भारतीय पेशेवरों को एक ही फर्म के तहत मिलकर कार्य करने से रोकते हैं।
- महत्व: यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो MDP फर्म 240 बिलियन डॉलर के वैश्विक बाज़ार का लाभ उठा सकती हैं तथा एनवायर्नमेंटल, सोशल और गवर्नेंस (ESG) पर सलाहकारी तथा तकनीकी सेवाओं के मामले में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे सकती हैं।
Article Sources
1 sourceहाल ही में प्रधान-मंत्री ने ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत की।
‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ के बारे में
- इस अभियान के तहत देशभर में एक लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इनमें महिलाओं में एनीमिया, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कैंसर की जांच होगी। साथ ही, टीकाकरण और पोषण पर सलाह देकर मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
- शामिल मंत्रालय: यह अभियान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की संयुक्त पहल है।
- तकनीक: सशक्त (SASHAKT) पोर्टल के जरिए इस दिशा में प्रगति पर नजर रखी जाएगी और रियल टाइम में जवाबदेही तय होगी।
- समुदाय की भागीदारी: आंगनवाड़ी, निक्षय मित्र, निजी अस्पताल आदि भी इस अभियान में हिस्सा लेंगे।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने EVM बैलेट पेपर को अच्छी तरह से पढ़ने लायक बनाने के लिए निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम 49B में संशोधन किया है।
- अब EVM पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें दिखाई जाएंगी। इसकी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव से होगी।
निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम 49B के बारे में
- यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत व्यापक कानूनी प्रावधान है, जो भारत में चुनावों के संचालन को प्रशासित करता है।
- इन नियमों में निम्नलिखित से संबंधित प्रावधान हैं:
- मतदान, वोट डालने और मतगणना के लिए प्रक्रियाएं।
- चुनाव अधिकारियों, उम्मीदवारों आदि की ज़िम्मेदारियां।
Article Sources
1 sourceभारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री तथा यूरोपीय आर्थिक आयोग के वाणिज्य मंत्री ने नवंबर से मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर वार्ता शुरू करने और यूरेशियन आर्थिक संघ (EAEU) के साथ अर्ली-हार्वेस्ट FTA के प्रयासों को तेज करने का निर्णय लिया।
- अर्ली-हार्वेस्ट FTA दो व्यापारिक भागीदारों के बीच पूर्ण FTA संपन्न होने के पहले किए जाने वाले समझौते होते हैं। ये FTA के लागू होने से पहले ही कुछ निश्चित वस्तुओं पर प्रशुल्कों को कम कर देते हैं।
यूरेशियन आर्थिक संघ (EAEU) के बारे में
- यह यूरेशियन आर्थिक संघ संधि के तहत स्थापित एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है। इसका लक्ष्य सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण सुनिश्चित करना है।
- सदस्य देश: आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिज गणराज्य और रूस।
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य सदस्य देशों की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं के बीच प्रतिस्पर्धात्मकता और सहयोग को बढ़ाना, तथा सदस्य-देशों के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए सतत विकास को बढ़ावा देना है।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा अधिकृत स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट में नरसंहार के अपराध की रोकथाम और दंड पर अभिसमय (Genocide Convention) के संबंध में गाजा में इजरायल की कार्रवाई का कानूनी विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
- इस अभिसमय को जेनोसाइड कन्वेंशन भी कहा जाता है।
जेनोसाइड कन्वेंशन के बारे में
- इसके अनुसार "किसी राष्ट्रीय, नृजातीय, नस्लीय या धार्मिक समूह को पूरी तरह या आंशिक रूप से समाप्त करने के इरादे से की गई कार्रवाई" नरसंहार है।
- नरसंहार एक ऐसा अपराध है जो युद्ध और शांति, दोनों समय में घटित हो सकता है।
- पक्षकार: 41 हस्ताक्षरकर्ता और 153 पक्षकार देश हैं।
- भारत ने 1949 में इस अभिसमय पर हस्ताक्षर किया और 1959 में इसकी अभिपुष्टि की।
- अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) इस अभिसमय की व्याख्या और लागू करने से संबंधित मामलों का न्याय-निर्णयन करता है।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया है कि कर्ज का कोई डिफॉल्टर तभी वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम का लाभ ले सकता है, जब वह बैंक की सभी शर्तों को पूरा करें।
वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम के बारे में
- शुरुआत: RBI ने 2005 में इसके लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी बैंकों पर है।
- उद्देश्य: सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों को लघु एवं मध्यम उद्यम (SME) क्षेत्रक के पुराने नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) से निपटने के लिए मानकीकृत दिशा- निर्देश प्रदान करना।
- प्रक्रिया: एकमुश्त भुगतान की व्यवस्था, जिसमें कम-से-कम 25% राशि तुरंत जमा करनी होती है और बाकी राशि किस्तों में एक साल के अंदर चुकानी होती है।
- महत्व:
- बैंकों को जल्दी बकाया वसूली करने और बैलेंस शीट साफ रखने में मदद मिलती है।
- कर्जदारों को कानूनी कार्रवाइयों से राहत मिलती है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पेमेंट एग्रीगेटर्स के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि उपभोक्ता संरक्षण तंत्र को मजबूत किया जा सके और धोखाधड़ी से निपटा जा सके।
पेमेंट एग्रीगेटर्स (PAs) के बारे में
- दरअसल यह ग्राहकों द्वारा वस्तुओं, सेवाओं या निवेश उत्पादों की खरीद के लिए व्यापारियों के इंटरफेस (फिजिकल/वर्चुअल) के माध्यम से पेमेंट के विभिन्न तरीकों (क्रेडिट कार्ड , डेबिट कार्ड, UPI या वॉलेट) को एक ही प्लेटफार्म पर जोड़कर व्यापारी को देता है। पेमेंट एग्रीगेटर के उदाहरण हैं: पेटीएम, गूगल पे, पेपाल, आदि।
- यह कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत कंपनी के रूप में पंजीकृत संस्था है।
- नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, नॉन-बैंकिंग पेमेंट एग्रीगेटर्स के लिए भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के तहत RBI से मंजूरी प्राप्त करना अनिवार्य है।