राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) 1980 | Current Affairs | Vision IAS
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सोनम वांगचुक को हाल में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया। वे लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और इस क्षेत्र को छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग के लिए  जारी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे। 

राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) 1980 के बारे में

  • यह कानून केंद्र और राज्य को यह अधिकार देता है कि वे ऐसे व्यक्ति को हिरासत में ले सकें, जिनकी गतिविधियां भारत की रक्षा, अन्य देशों के साथ संबंध, भारत की सुरक्षा, लोक व्यवस्था बनाए रखने या आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति जारी रखने में बाधक बन रही हों।
  • आदेश जारी करने का अधिकार: जिला मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस कमिश्नर हिरासत में लेने का आदेश जारी कर सकते हैं, बशर्ते उन्हें अनुमति प्राप्त हो।
  • कानून: अधिनियम में यह अनिवार्य किया गया है कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति को हिरासत में लेने के कारणों के बारे में 5 दिनों के भीतर (विशेष मामलों में 15 दिनों तक) सूचित किया जाना चाहिए।

निसार (NISAR) सैटेलाइट ने पृथ्वी की सतह की पहली रडार इमेज भेजी।

निसार (NISAR) के बारे में

  • यह दुनिया का ऐसा पहला भू-अवलोकन सैटेलाइट है, जो एक ही प्लेटफार्म पर ड्यूल-फ्रीक्वेंसी वाले सिंथेटिक एपर्चर रडार (L-बैंड और S-बैंड) लेकर गया है।
  • इसे सूर्य-तुल्यकालिक कक्षा में प्रक्षेपित किया गया है।
  • यह पृथ्वी की जमीन और बर्फीली सतहों की हर मौसम में तथा दिन और रात की हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें उपलब्ध कराएगा। यह प्रत्येक 12 दिनों में प्रत्येक स्थान से दोबारा गुजरेगा।
  • उपयोग: आपदा प्रबंधन, जलवायु की निगरानी, आदि में।
  • इसे इसरो के GSLV-F16 रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया था।
    • यह पहली बार था जब GSLV यान ने किसी सैटेलाइट को सूर्य-तुल्यकालिक ध्रुवीय कक्षा में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया।

भारतीय मौसम-विज्ञान विभाग (IMD), दिल्ली में साउंड डिटेक्शन एंड रेंजिंग (SODAR) सिस्टम केंद्र का उद्घाटन किया गया।

  • इसे CSIR–एडवांस्ड मटेरियल्स एंड प्रोसेसेज़ रिसर्च इंस्टीट्यूट (AMPRI), भोपाल द्वारा डिज़ाइन और विकसित किया गया है।

SODAR के बारे में

  • कार्य: SODAR ध्वनि स्पंदों को भेजकर और उसके बाद लौटे हुए सिग्नल की तीव्रता और आवृत्ति की निगरानी करके किसी चीज का पता लगाता है।
    • विशेष रूप से, यह निचले वायुमंडल की पवन की विशेषताओं और तापमान संरचना का निर्धारण करता है।
  • यह ताप-व्युत्क्रमण (Temperature inversion) की ऊंचाई, कोहरे की परत की ऊंचाई, विक्षोभ की प्रबलता आदि के बारे में जानकारी प्रदान करता है।

अंतरिक्ष खगोल-विज्ञान को समर्पित भारत की पहली वेधशाला एस्ट्रोसैट अपनी सेवा के दस साल पूरे कर चुकी है।

एस्ट्रोसैट के बारे में:

  • एस्ट्रोसैट खगोल-विज्ञान को समर्पित भारत का पहला मिशन है। इसका उद्देश्य X-रे,  ऑप्टिकल और UV स्पेक्ट्रल बैंड में खगोलीय स्रोतों का एक साथ अध्ययन करना है।
  • यह एक ही सेटेलाइट से अलग-अलग खगोलीय पिंडों का एक साथ मल्टी-वेवलेंथ पर अध्ययन संभव बनाता है।
  • इसे श्रीहरिकोटा से PSLV-C30 रॉकेट के जरिए पृथ्वी से 650 किलोमीटर ऊपर की कक्षा में प्रक्षेपित किया गया।

एस्ट्रोसैट मिशन के वैज्ञानिक उद्देश्य:

  • न्यूट्रॉन स्टार और ब्लैक होल वाले बाइनरी सिस्टम में उच्च ऊर्जा वाली गतिविधियों को समझना।
  • सितारों के जन्म के क्षेत्रों और सितारों से संबंधित प्रणाली में उच्च ऊर्जा प्रक्रियाओं का अध्ययन करना।
  • आकाश में क्षण भर के लिए चमकने वाले नए X-रे स्रोतों का पता लगाना।

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय ने पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट (PM E-Drive Scheme) योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए संचालन संबंधी दिशानिर्देश जारी किए हैं।

पीएम ई-ड्राइव योजना के बारे में:

  • क्रियान्वयन मंत्रालय: केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय (MHI)
  • उद्देश्य: देश में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) के उपयोग को बढ़ावा देना और आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करना, ताकि स्वच्छ और सतत परिवहन प्रणाली को बढ़ावा मिले।
  • योजना के मुख्य घटक:
    • सब्सिडी / मांग आधारित प्रोत्साहन: इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, e-एम्बुलेंस, e-ट्रक, e-बस और अन्य नए इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सब्सिडी/मांग-आधारित प्रोत्साहन उपलब्ध कराना।
  • पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण हेतु अनुदान: इलेक्ट्रिक-बस खरीदने, चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क स्थापित करने और MHI की परीक्षण सुविधाओं को अपग्रेड करने के लिए वित्तपोषण प्रदान करना।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही के लिए केंद्र सरकार हेतु वेज एंड मीन्स एडवांस की सीमा निर्धारित की है।

  • वेज एंड मीन्स एडवांस की सीमा RBI द्वारा केंद्र सरकार के परामर्श से तय की जाती है।

वेज एंड मीन्स एडवांस (WMA) के बारे में

  • यह एक अस्थायी अग्रिम है, जो RBI द्वारा केंद्र सरकार को प्राप्तियों और भुगतानों में अस्थायी असंतुलन को दूर करने के लिए दिया जाता है।
    • एड-हॉक ट्रेजरी बिल्स के विपरीत, WMA का उपयोग राजकोषीय घाटे को वित्तपोषित करने के लिए नहीं किया जाता।
    • राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी वेज एंड मीन्स एडवांस की सुविधा उपलब्ध है।
  • कानूनी फ्रेमवर्क: भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 RBI को वेज एंड मीन्स एडवांस प्रदान करने के लिए अधिकृत करता है।
  • ब्याज दर: वेज एंड मीन्स एडवांस पर ब्याज दर RBI की रेपो दर होती है।
    • हालांकि, ओवरड्राफ्ट (WMA की ऊपरी सीमा से अधिक एडवांस) पर ब्याज दर रेपो दर से 2% अधिक होती है।
  • अवधि: वेज एंड मीन्स एडवांस दिए जाने की तारीख से 3 महीने के भीतर इसका पूरी तरह से भुगतान करना होता है।

हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक मसौदा अधिसूचना में कहा कि 1 अक्टूबर, 2026 से सभी नए निजी और वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) में अकॉस्टिक व्हीकल अलर्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा।

  • इसका उद्देश्य पैदल चलने वालों को चेतावनी देना है कि पास में कोई इलेक्ट्रिक वाहन आ रहा है, क्योंकि ये वाहन आवाज नहीं करते और कई बार दुर्घटनाओं का कारण बन जाते हैं।

अकॉस्टिक व्हीकल अलर्टिंग सिस्टम के बारे में:

  • यह इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) में लगाई गई सुरक्षा प्रणाली है। वाहन में बाहर लगा स्पीकर वाहन की गति के अनुसार अलग-अलग आवाजें निकालता है, ताकि पैदल यात्रियों को उनकी मौजूदगी का पता चल सके।
  • अमेरिका, जापान और कुछ यूरोपीय देशों ने पहले ही हाइब्रिड वाहनों में इस प्रणाली का उपयोग अनिवार्य कर दिया है।

केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने स्वच्छ शहर जोड़ी (SSJ) पहल शुरू की है।

  • यह पहल स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) के तहत लागू की जाएगी।

स्वच्छ शहर जोड़ी (SSJ) पहल के बारे में

  • यह एक व्यवस्थित मेंटरशिप और सहयोग-आधारित कार्ययोजना वाला कार्यक्रम है। इसमें 72 मार्गदर्शक (मेंटर) शहर और लगभग 200 सीखने-वाले (मेंटी) शहर शामिल होंगे।
    • मेंटी (Mentee) शहरों को अच्छे प्रदर्शन करने वाले शहरों से सीधे सीखने का अवसर मिलेगा, ताकि वे उनकी सर्वोत्तम कार्य-प्रणालियों को अपने यहां लागू कर सकें।
  • उद्देश्य: ज्ञान और अनुभव साझा करना, एक-दूसरे से सीखना और स्वच्छता व अपशिष्ट-प्रबंधन में सर्वोत्तम कार्य-प्रणालियों को पूरे शहरी-भारत में फैलाना।
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