भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने प्रमुख रक्षा भागीदारी के लिए 10 वर्षीय फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर किए | Current Affairs | Vision IAS
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आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान हस्ताक्षरित यह समझौता पूर्ववर्ती रूपरेखाओं पर आधारित है, जिसमें अंतर-संचालनीयता, औद्योगिक सहयोग और रणनीतिक व्यापार पर जोर दिया गया है, तथा अमेरिका को प्रमुख रक्षा साझेदार के रूप में नामित किया गया है।

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यह फ्रेमवर्क मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित 12वें आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) के दौरान हस्ताक्षरित किया गया। इसका उद्देश्य रक्षा सहयोग को मजबूत बनाने के लिए एकीकृत विज़न और नीतिगत दिशा प्रदान करना है।

  • इससे पहले, 2005-15 और 2015-25 की अवधि के लिए भी इसी तरह के फ्रेमवर्क्स पर हस्ताक्षर किए गए थे।

भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग के बारे में

  • संस्थागत और मूलभूत फ्रेमवर्क
    • शीर्ष वार्ता: 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता।
    • बुनियादी समझौते:
      • लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (LEMOA): इस पर 2016 में हस्ताक्षर किए गए थे। यह परस्पर लॉजिस्टिक्स सहायता को सक्षम बनाने पर केंद्रित है।
      • कम्युनिकेशंस कंपैटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट (COMCASA): इस पर 2018 में हस्ताक्षर किए गए थे। यह भारत को सुरक्षित संचार उपकरण प्राप्त करने की अनुमति देता है।
      • औद्योगिक सुरक्षा समझौता (ISA): इस पर 2019 में हस्ताक्षर किए गए थे।
      • बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट (BECA): इस पर 2020 में हस्ताक्षर किए गए थे। यह भू-स्थानिक जानकारी के आदान-प्रदान को सुगम बनाता है।
  • रणनीतिक और नीतिगत स्तंभ
    • स्थिति: अमेरिका ने 2016 में भारत को प्रमुख रक्षा भागीदार (MDP) के रूप में नामित किया था।
    • व्यापार सुविधा: अमेरिका ने 2018 में भारत को स्ट्रैटेजिक ट्रेड ऑथॉराइज़ेशन (STA) टियर-1 का दर्जा दिया था।
  • रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी
    • व्यापार की मात्रा: दोनों देशों के बीच रक्षा खरीद 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है।
      • भारत की रक्षा उत्पाद सूची में अमेरिकी मूल के महत्वपूर्ण रक्षा उत्पाद शामिल हैं, जैसे- C-130J, C-17 एवं P-8I विमान, और अपाचे, चिनूक व सीहॉक हेलीकॉप्टर।
    • प्रौद्योगिकी को बढ़ावा: प्रौद्योगिकी और सह-उत्पादन में तेजी लाने के लिए रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप (2023) तैयार किया गया है।
    • नवाचार इकोसिस्टम: स्टार्ट-अप्स और उद्योग को जोड़ने के लिए इंडस एक्स (डिफेन्स एक्सेलरेशन इकोसिस्टम) की शुरुआत की गई है।
    • नई पहलों की घोषणा: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उद्योग की भागीदारी और स्वायत्त प्रणालियों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए स्वायत्त प्रणाली उद्योग गठबंधन (ASIA) पहल आरंभ की गई है।
  • परिचालन अंतर-संचालनीयता
    • द्विपक्षीय अभ्यास: युद्ध अभ्यास (थल सेना), वज्र प्रहार (विशेष बल), कोप इंडिया (वायु सेना) आदि।
    • बहुपक्षीय अभ्यास: मालाबार (भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाओं का अभ्यास)।
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