अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी (IRENA) सभा का 16वां सत्र संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में संपन्न हुआ। इसमें IRENA की मध्यम अवधि की रणनीति 2023-2027 मूल्यांकन और कार्य कार्यक्रम को अपनाया गया।
- इस सत्र से पूर्व, IRENA और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने संयुक्त रूप से 'नवीकरणीय ऊर्जा एवं नौकरियां – वार्षिक समीक्षा 2025' रिपोर्ट जारी की है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
- वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा (RE) संबंधी नियोजन (2024): कुल 16.6 मिलियन नौकरियां (सौर फोटोवोल्टिक क्षेत्रक में सर्वाधिक)। इसमें चीन का वर्चस्व है।
- भारत से संबंधित निष्कर्ष:
- नवीकरणीय ऊर्जा (RE) संबंधी नियोजन: 1.3 मिलियन नौकरियां (वैश्विक हिस्सेदारी का 7.7%)।
- वैश्विक रैंकिंग: सौर फोटोवोल्टिक और जलविद्युत संबंधी नियोजन में चीन के बाद दूसरा स्थान। तरल जैव ईंधन और पवन ऊर्जा संबंधी नियोजन में चौथा स्थान।
- सौर विनिर्माण: वैश्विक फोटोवोल्टिक (PV) मॉड्यूल विनिर्माण में भारत की हिस्सेदारी 4.8% है।
- 42% हिस्सेदारी के साथ गुजरात PV मॉड्यूल विनिर्माण में अग्रणी राज्य है। इसके बाद तमिलनाडु (11%) का स्थान है।
अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी (IRENA) के बारे में
- यह एक अंतर-सरकारी संगठन है, जो सतत विकास, ऊर्जा पहुंच और जलवायु कार्रवाई के लिए देशों को नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने की ओर बढ़ने में सहायता करता है।
- स्थापना: 2009 में। इसकी संविधि 2010 में लागू की गई थी)।
- मुख्यालय: मसद़र सिटी, अबू धाबी (UAE)।
- सदस्यता: 170+ देश और यूरोपीय संघ (भारत एक संस्थापक सदस्य है)।
- प्रमुख कार्य:
- नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने को बढ़ावा देना, नीतिगत सलाह देना, क्षमता निर्माण और तकनीकी सहायता प्रदान करना आदि।
- "यूएई सर्वसम्मति" की प्रगति को ट्रैक करने वाला आधिकारिक संरक्षक। यूएई सर्वसम्मति COP-28 में अपनाए गए लक्ष्यों पर आधारित है।
- प्रमुख रिपोर्ट: वर्ल्ड एनर्जी ट्रांजिशन आउटलुक आदि।