विश्व आर्थिक मंच (WEF) की 2026 बैठक में भारत के नवीकरणीय ऊर्जा संक्रमण रोडमैप को व्यापक वैश्विक समर्थन प्राप्त हुआ। भारत ने अपनी कुल स्थापित विद्युत क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त करने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। यह उपलब्धि उसने अपने 2030 के लक्ष्य से पांच वर्ष पूर्व ही अर्जित कर ली है।
भारत का नवीकरणीय ऊर्जा संक्रमण (Renewable Energy Transition)
- विनिर्माण क्षमता: भारत की नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़कर 144 गीगावाट (GW) हो गई है।
- वैकल्पिक ईंधन: एथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम के परिणामस्वरूप CO₂ उत्सर्जन में 813 लाख मीट्रिक टन की कमी आई है।
- भारत जैव ईंधन के साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन, सतत ईंधन और अन्य कम-कार्बन उत्सर्जक तकनीकों में भी अपनी पहलों में वृद्धि कर रहा है।
- प्रतिस्पर्धात्मकता: सौर टैरिफ में लगभग 80% की गिरावट आई है। भंडारण के साथ नवीकरणीय ऊर्जा अब लागत के मामले में प्रतिस्पर्धी हो गई है। भारत में ग्रीन हाइड्रोजन व ग्रीन अमोनिया की कीमतें वैश्विक स्तर पर सबसे कम हैं।
भारत की प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा संक्रमण पहलें
- विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा: छत पर सौर पैनल लगाने के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और कृषि को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए प्रधान मंत्री ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम/ PM-KUSUM) योजना।
- वैकल्पिक ईंधन: 'जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति 2018' जिसके तहत 2025-26 तक पेट्रोल में 20% एथेनॉल सम्मिश्रण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन जिसका लक्ष्य 2030 तक 5 मिलियन मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करना है।
- सौर ऊर्जा: अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA), 'वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड' (OSOWOG), और सोलर पार्क योजना।
- परमाणु ऊर्जा का विस्तार: परमाणु ऊर्जा मिशन के तहत ऊर्जा उत्पादन को 2032 तक बढ़ाकर 22.5 GW करने और 2047 तक 100 GW का लक्ष्य रखने की योजना।
- वैश्विक भागीदारी: वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन (GBA), G20 ऊर्जा संक्रमण कार्य समूह, और लीडआईटी (LeadIT- उद्योग परिवर्तन के लिए नेतृत्व समूह) आदि।