एक अमेरिकी जीवविज्ञानी टोबी कियर्स को माइकोराइजल नेटवर्क पर उनके शोध-कार्य के लिए टायलर पर्यावरण उपलब्धि पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया है।
- गौरतलब है कि टायलर पुरस्कार को पर्यावरण के क्षेत्र का नोबेल पुरस्कार भी कहा जाता है।
माइकोराइजल नेटवर्क के बारे में
- परिभाषा: ये भूमिगत फंगल (कवक) नेटवर्क होते हैं। इनमें माइकोराइजा कवक अपनी हाइफ़ा (फंगल धागों) के माध्यम से कई पौधों की जड़ों को आपस में जोड़ते हैं।
- माइकोराइजा कवक पौधों के साथ सहजीवी संबंध (symbiotic association) बनाते हैं। इसमें पौधे कवक को कार्बोहाइड्रेट देते हैं और बदले में उन्हें जल तथा आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त होते हैं।
- वन पारितंत्र में उपस्थित इस भूमिगत फंगल नेटवर्क को “वुड वाइड वेब” (Wood Wide Web) कहा जाता है।
- पारिस्थितिकी तंत्र में अन्य भूमिका: ये नेटवर्क प्रतिवर्ष लगभग 13 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) को मृदा में समाहित करने में मदद करते हैं।
पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्यकर्मियों में निपाह वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है।
निपाह वायरस के बारे में
- यह एक प्रकार का ज़ूनोटिक वायरस है यानी जो जानवरों से मनुष्यों में फैलता है।
- यह चमगादड़ या सूअर जैसे जानवरों के संपर्क से, संक्रमित भोजन से, तथा एक संक्रमित मनुष्य से दूसरे मनुष्य में भी फैल सकता है।
- लक्षण: मनुष्यों में संक्रमण के लक्षण नहीं भी दिख सकते हैं, या फिर तीव्र श्वसन संक्रमण (हल्का या गंभीर) और प्राणघातक मस्तिष्क ज्वर (एन्सेफलाइटिस) तक हो सकता है।
- प्राकृतिक होस्ट: फ्रूट बैट्स (चमगादड़)।
- उपचार: वर्तमान में निपाह वायरस के इलाज के लिए कोई विशेष दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
हाल ही में, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने “रोजगार और सामाजिक रुझान 2026” (Employment and Social Trends 2026) रिपोर्ट जारी की है।
- इस रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि वैश्विक बेरोजगारी दर इस वर्ष 4.9% के ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर रहने का अनुमान है। इसका आशय है कि लगभग 18.6 करोड़ लोग बेरोजगार होंगे।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
- गुणवत्तापूर्ण रोजगार में प्रगति बाधित हुई: 2015–2025 के बीच कामकाजी लोगों में अत्यधिक गरीबी (Extreme working poverty) में केवल 3.1% की आंशिक गिरावट दर्ज की गई।
- कामकाजी लोगों में अत्यधिक गरीबी: इसका अर्थ है कि लोग रोजगार में तो हैं, फिर भी वे गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं।
- अनौपचारिक क्षेत्रक में रोजगार में वृद्धि: 2026 तक वैश्विक स्तर पर 2.1 बिलियन श्रमिकों के अनौपचारिक क्षेत्रक में कार्यरत होने का अनुमान है।
- रिपोर्ट में भारत से संबंधित उल्लेख
- विनिर्माण क्षेत्रक: वैश्विक विनिर्माण क्षेत्रक में भारत की हिस्सेदारी 3% है।
- नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रक में रोजगार: भारत, जापान और दक्षिण कोरिया सम्मिलित रूप से नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रक में रोजगार सृजन में वृद्धि में उल्लेखनीय प्रगति कर रहे हैं।
- भारत में हरित क्षेत्रक के कौशल से प्रशिक्षित कामगारों की मांग अधिक है, लेकिन इनकी संख्या कम है।
Article Sources
1 sourceसरकार ने गायों की दो नई कृत्रिम नस्लों; करण फ्राइज़ (Karan Fries) और वृंदावनी (Vrindavani) का पंजीकरण किया है। ये नस्लें अधिक दूध देती हैं।
- साथ ही, सरकार ने देशी नस्ल की कुछ नई गायों और भैंसों को भी मान्यता दी है। इनमें मेदिनी (झारखंड), रोहिखंडी (उत्तर प्रदेश) और मेलघाटी (महाराष्ट्र) शामिल हैं।
करण फ्राइज़ और वृंदावनी नस्लों के बारे में
- करण फ्राइज़:
- विकासकर्ता: राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI), करनाल, हरियाणा।
- परिचय: यह नस्ल देसी थारपारकर गाय और होल्स्टीन-फ्रीज़ियन सांड के संकरण से विकसित की गई है।
- वृंदावनी
- विकासकर्ता: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR)–भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), बरेली (उत्तर प्रदेश)।
- परिचय: यह मिश्रित नस्ल की गाय है। यह होल्स्टीन-फ्रीज़ियन, ब्राउन स्विस और जर्सी नस्लों को हरियाणा नस्ल के साथ मिश्रित करके विकसित किया गया है।
- हरियाणा नस्ल की गाय तेज गर्मी और स्थानीय जलवायु में अच्छी तरह अनुकूलित होने के लिए जानी जाती है।
- गाय की कृत्रिम नस्लों का महत्व: यह जलवायु अनुकूलन और रोग प्रतिरोधक क्षमता से युक्त होती हैं। साथ ही, दूध उत्पादन बढ़ाने में सहयक होती हैं।
वैज्ञानिकों ने भारत में पफरफिश विषाक्तता (Pufferfish Poisoning) के पहले मामले की पुष्टि की है।
ताजे जल की पफरफिश के बारे में
- ये मछलियां टेट्राओडोंटिडी (Tetraodontidae) कुल की लगभग 30–35 उप-प्रजातियों का समूह हैं। ये अपना पूरा जीवन ताजे जल में बिताती हैं।
- सामान्य नाम: टोडफिश, पटका फिश, बैलूनफिश और फुगु।
- प्राप्ति क्षेत्र: पश्चिमी घाट तथा गंगा, ब्रह्मपुत्र और महानदी जैसे प्रमुख नदी बेसिन।
- आहार व पर्यावास: पफरफिश सर्वाहारी होती हैं और नितलस्थ (benthic) क्षेत्र में रहती हैं।
- विशिष्टता: इनमें टेट्रोडोटॉक्सिन (TTX) पाया जाता है, जो प्रकृति में ज्ञात सबसे प्रभावकारी न्यूरोटॉक्सिन (तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाने वाला) में शामिल है।

इंडियन स्कीमर संरक्षण परियोजना को बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) द्वारा शुरू किया गया।
- BNHS की स्थापना 1883 में हुई थी। यह भारत के सबसे बड़े गैर-सरकारी संगठनों में से एक है। यह जैव-विविधता के संरक्षण और अनुसंधान कार्यों में सक्रिय संगठन है।
इंडियन स्कीमर के बारे में
- देशज या प्राकृतिक क्षेत्र (Native Range): दक्षिण एशिया में मुख्य रूप से भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान में; साथ ही नेपाल और म्यांमार भी।
- विशेषता: इसकी चोंच विशिष्ट होती है, जिसमें निचली चोंच लंबी होती है। यह जल की सतह को छूते हुए मछलियां और जलीय जीव को पकड़ने में सहायक है।
- पर्यावास: यह पक्षी मुख्य रूप से बड़ी, रेतीली व तराई भूमि से बहने वाली नदियों के पास पाया जाता है। इसके अलावा यह झीलों, पास के दलदली क्षेत्रों, नदीमुखों और तटीय क्षेत्रों में भी मिलता है।
- संरक्षण स्थिति: IUCN की लाल सूची में एंडेंजर्ड के रूप में सूचीबद्ध।
Article Sources
1 sourceउच्चतम न्यायालय ने निर्णय दिया कि यदि पुत्रवधू अपने ससुर की मृत्यु के बाद विधवा होती है, तब भी उसे हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के तहत अपने ससुर की संपत्ति से गुजारा भत्ता (मेंटेनेंस) का दावा करने का पूरा अधिकार है।
हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के बारे में:
- उद्देश्य: हिंदुओं में दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण से संबद्ध कानूनों को एकरूप और व्यवस्थित करना, ताकि अलग-अलग परंपराओं की जगह एक समान सांविधिक व्यवस्था लागू हो सके।
- किन पर लागू होता है: यह कानून हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख धर्म के लोगों पर लागू होता है। इसमें इन धर्मों में धर्मांतरित व्यक्ति और इन समुदायों में पले-बढ़े परित्यक्त बच्चे भी शामिल हैं।
- किन पर लागू नहीं होता: यह कानून मुस्लिम, ईसाई, पारसी और यहूदी धर्मावलम्बियों पर लागू नहीं होता।
अनुमान है कि वॉयजर-1 पृथ्वी से एक प्रकाश दिवस की दूरी तक पहुंचने वाला मानव-निर्मित पहला अंतरिक्ष यान बनेगा।
- एक प्रकाश दिवस (Light-day) वह दूरी है, जो प्रकाश 24 घंटे में तय करता है, अर्थात लगभग 16 बिलियन मील।
वॉयजर-1 के बारे में
- 1977 में नासा द्वारा बृहस्पति और शनि ग्रहों के अध्ययन के लिए प्रक्षेपित।
- मुख्य उपकरण: इमेजिंग साइंस सिस्टम (ISS), अल्ट्रावायलेट स्पेक्ट्रोमीटर (UVS), आदि।
- मुख्य उपलब्धियां:
- हेलिओस्फियर को पार करने वाला पहला अंतरिक्ष यान।
- हेलिओस्फियर वह सीमा है जहाँ हमारे सौरमंडल के बाहर के प्रभाव हमारे सूर्य के प्रभाव से अधिक होते हैं)।
- अंतरतारकीय अंतरिक्ष (Interstellar space) में प्रवेश करने वाला पहला मानव-निर्मित यान।
- अंतरतारकीय अंतरिक्ष वास्तव में वह क्षेत्र है जो हमारे सूर्य के हेलिओस्फियर और अन्य तारों के एस्ट्रोस्फियर के बीच स्थित होता है।
- हेलिओस्फियर को पार करने वाला पहला अंतरिक्ष यान।
रक्षा मंत्री ने 10वें ‘सशस्त्र बल पूर्व-सैनिक दिवस’ के अवसर पर श्रीलंका में भारतीय शांति सेना (IPKF) के शौर्य और बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित की।
ऑपरेशन पवन के बारे में:
- ऑपरेशन पवन, भारत–श्रीलंका समझौते के बाद श्रीलंका में भारतीय शांति सेना (IPKF) द्वारा चलाया गया सैन्य अभियान था।
- यह समझौता 29 जुलाई, 1987 को हुआ था।
- IPKF कुछ वर्षों तक श्रीलंका में तैनात रही। श्रीलंका सरकार की नीति में बदलाव के बाद IPKF को मार्च 1990 में वापस बुला लिया गया।