उच्चतम न्यायालय ने निर्णय दिया है कि 2018 में मॉरीशस स्थित 'टाइगर ग्लोबल इंटरनेशनल' द्वारा फ्लिपकार्ट में अपनी हिस्सेदारी की बिक्री से होने वाला पूंजीगत लाभ भारतीय प्राधिकरणों द्वारा कर योग्य है।
- यह निर्णय केवल टैक्स रेजीडेंसी सर्टिफिकेट (TRCs) के आधार पर मिलने वाले लाभ के दावों पर रोक लगाएगा।
टैक्स रेजीडेंसी सर्टिफिकेट (TRC) क्या है?
- यह किसी देश के कर प्राधिकरणों द्वारा जारी किया गया एक आधिकारिक दस्तावेज होता है, जो यह प्रमाणित करता है कि कोई व्यक्ति या संस्था किसी विशिष्ट वित्त वर्ष के लिए उस देश का कर निवासी (Tax Resident) है।
- यह निवासी भारतीयों, अनिवासी भारतीयों (NRIs) और सीमा-पार लेन-देन में शामिल व्यवसायों के लिए प्रासंगिक है।
- यह दोहरा कराधान परिहार समझौते (DTAA) के तहत लाभ का दावा करने के लिए अनिवार्य है।
- DTAA दो देशों के बीच हस्ताक्षरित एक समझौता है। इसका उद्देश्य व्यक्तियों या व्यवसायों को उनकी आय पर दोहरे कराधान (दो बार कर लगने) से बचाना है।
दिसंबर, 2025 के लिए PLFS के मासिक बुलेटिन ने 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए LFPR में बढ़ती प्रवृत्ति प्रदर्शित की।
- PLFS को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), आयोजित करता है।
- PLFS, वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS) कार्यपद्धति का पालन करते हुए अखिल भारतीय स्तर पर प्रमुख श्रम बाजार संकेतकों के अनुमान प्रस्तुत करता है:
- श्रम बल भागीदारी दर (LFPR), कामगार जनसंख्या अनुपात (WPR); बेरोजगारी दर (UR) आदि।
- PLFS, वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS) कार्यपद्धति का पालन करते हुए अखिल भारतीय स्तर पर प्रमुख श्रम बाजार संकेतकों के अनुमान प्रस्तुत करता है:
मुख्य शब्दावलियां
- LFPR (श्रम बल भागीदारी दर): यह कुल आबादी में श्रम बल में शामिल व्यक्तियों का प्रतिशत है। इसमें कार्यरत या कार्य की तलाश में लगे लोग या कार्य करने के लिए उपलब्ध लोग शामिल हैं।
- WPR (कामगार-जनसंख्या अनुपात): WPR को कुल आबादी में नियोजित व्यक्तियों के प्रतिशत के रूप में परिभाषित किया जाता है।
- UR (बेरोजगारी दर): इसे श्रम बल में शामिल कुल लोगों में बेरोजगार व्यक्तियों के प्रतिशत के रूप में परिभाषित किया जाता है।
- CWS (वर्तमान साप्ताहिक स्थिति): कार्य गतिविधि का निर्धारण सर्वेक्षण की तारीख से ठीक पहले के सात दिनों की संदर्भ अवधि के आधार पर किया जाता है।
Article Sources
1 sourceभारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने को-लोकेशन तथा डार्क फाइबर मामलों में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के निपटान आवेदनों को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की।
को-लोकेशन या प्रॉक्सिमिटी होस्टिंग
- यह सुविधा ब्रोकर्स को स्टॉक एक्सचेंजों के परिसर में अपने सर्वर स्थापित करने की अनुमति देती है। इसके लिए आवश्यक अवसंरचना स्थापित की जाती है। इसके बदले शुल्क का भुगतान करना होता है।
- लाभ: स्टॉक एक्सचेंज सर्वर से ब्रोकर के सर्वर बहुत नजदीक होते हैं। इसके कारण, तेजी से स्टॉक प्राइस पता चलता है और शीघ्र ट्रेड संपन्न होते हैं। इससे ब्रोकर और उनके क्लाइंट, दोनों को लाभ मिलता है।
डार्क फाइबर
- डार्क फाइबर को अनलिट फाइबर भी कहा जाता है। यह ऐसा ऑप्टिकल फाइबर है, जिसे बिछाया तो गया है परंतु अभी तक उपयोग नहीं किया गया है।
- यह किसी भी सक्रिय उपकरण से नहीं जुड़ा होता है या इससे न तो कोई डेटा संचारित किया जा रहा होता है तथा न ही कोई सेवा उपलब्ध करवाई जा रही होती है।
- वित्तीय बाजारों में उपयोग: इनका उपयोग दो बिंदुओं के बीच उच्च गति पर डेटा भेजने के लिए किया जा सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 प्रमुख महानगरों में 200 स्वचालित मौसम स्टेशनों (AWS) की तैनाती के साथ अपना 151वां स्थापना दिवस मनाया।
- यह पहल 'मिशन मौसम' के अनुरूप है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के बारे में
- यह भारत की राष्ट्रीय मौसम विज्ञान सेवा है। साथ ही, मौसम विज्ञान एवं संबद्ध विषयों से संबंधित सभी मामलों में प्रमुख सरकारी एजेंसी है।
- स्थापना: 1875 में।
- मंत्रालय: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय।
- मुख्यालय: नई दिल्ली।
- कार्यादेश: मौसम संबंधी जानकारी का पूर्वानुमान लगाना और गंभीर मौसम की घटनाओं के विरुद्ध चेतावनी जारी करना।
मिशन मौसम
- यह भारत के मौसम और जलवायु से संबंधित विज्ञान, अनुसंधान एवं सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए एक बहुआयामी पहल है।
- कार्यान्वयन: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM-पुणे) और मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान के लिए राष्ट्रीय केंद्र (NCMRWF-नोएडा)।
Article Sources
1 sourceयूरोपीय संघ (EU) परिषद और EU आयोग के अध्यक्ष भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि होंगे।
यूरोपीय संघ परिषद (EU Council)
- स्थापना: 1958 में (यूरोपीय आर्थिक समुदाय की परिषद के रूप में)।
- भूमिका: EU की सदस्य सरकारों की अभिव्यक्ति के रूप में कार्य करना; EU के कानूनों को अपनाना और EU की नीतियों का समन्वय करना।
- सदस्य: प्रत्येक EU देश का सरकारी मंत्री (चर्चा किए जाने वाले नीतिगत क्षेत्र के अनुसार)।
- अध्यक्षता: प्रत्येक EU देश 6 महीने की रोटेटिंग (बारी-बारी) आधार पर अध्यक्षता ग्रहण करता है; वर्तमान में अध्यक्षता साइप्रस (जनवरी 2026) के पास है।
- अवस्थिति: ब्रुसेल्स (बेल्जियम)।
यूरोपीय संघ आयोग (EU Commission)
- स्थापना: 1958 में।
- भूमिका: कानून का प्रस्ताव प्रस्तुत करके, उन्हें लागू करके तथा नीतियों व यूरोपीय संघ के बजट को कार्यान्वित करके EU के साझे हितों को बढ़ावा देना।
- सदस्य: आयुक्त, प्रत्येक EU देश से 1 सदस्य।
- स्थान: ब्रुसेल्स (बेल्जियम)।
गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) ने 'वुमनिया' (Womaniya) पहल के 7 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया।
- सार्वजनिक खरीद को पारदर्शी, समावेशी और कुशल बनाने के लिए GeM को 2016 में लॉन्च किया गया था।
वुमनिया पहल के बारे में
- यह सरकारी खरीद में महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की भागीदारी बढ़ाने के लिए GeM का एक प्रमुख (फ्लैगशिप) कार्यक्रम है।
- यह बिचौलियों की उपेक्षा करते हुए तथा प्रवेश संबंधी बाधाओं को कम करते हुए एक प्रत्यक्ष, पारदर्शी और पूरी तरह से डिजिटल मंच प्रदान करता है।
मुख्य उपलब्धियां (14 जनवरी, 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार):
- GeM पोर्टल पर दो लाख से अधिक महिला-नेतृत्व वाले सूक्ष्म और लघु उद्यम (MSEs) पंजीकृत हैं।
- इन्होंने ₹80,000 करोड़ से अधिक के सार्वजनिक खरीद ऑर्डर प्राप्त किए हैं।
- यह GeM के कुल ऑर्डर मूल्य का 4.7% है।
Article Sources
1 sourceबीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान के शोधकर्ताओं ने कोंडागई अंतर्देशीय झील के तलछट विश्लेषण के माध्यम से प्रायद्वीपीय भारत के जलवायु रिकॉर्ड का पुनर्निर्माण किया।
- यह झील तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में स्थित है और कीलाडी के निकट है।
कीलाडी के बारे में
- यह मदुरै से लगभग 12 किमी दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यह स्थान संगम काल की एक परिष्कृत नगरीय सभ्यता के प्रमाणों को उजागर करने के लिए प्रसिद्ध है।
- इसके उत्तर में वैगई नदी प्रवाहित होती है।
अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष
- लेट होलोसीन (Late Holocene) के दौरान तीन प्रमुख जलवायु चरणों की पहचान की गई है। इन चरणों का इस क्षेत्र में मानसून की परिवर्तनशीलता, झील के जल विज्ञान और मानवीय गतिविधियों से प्रत्यक्ष संबंध है।
- ये निष्कर्ष मौसम के पूर्वानुमान, आपदा मानचित्रण, आर्द्रभूमि और झील पुनरुद्धार के प्रयासों में सुधार करने में मदद कर सकते हैं।