वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक अमेरिकी राष्ट्रपति को देने की घोषणा की है। इस घोषणा ने पुरस्कार और उसकी हस्तांतरणीयता (transferability) पर एक नए विवाद को उत्पन्न किया है। मचाडो को 2025 में वेनेजुएला में लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
नोबेल शांति पुरस्कार के बारे में
- अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के अनुसार, यह पुरस्कार उस व्यक्ति को दिया जाता है, जिसने "राष्ट्रों के बीच बंधुत्व, स्थायी सेनाओं के उन्मूलन या कमी, और शांति सम्मेलनों के आयोजन एवं प्रचार के लिए सबसे अधिक या सर्वोत्तम कार्य किया हो।”
- प्रदाता: 1901 से नॉर्वेजियन नोबेल समिति द्वारा।
- मानदंड: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से, यह निम्नलिखित चार मुख्य क्षेत्रों में प्रयासों को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है:
- हथियार नियंत्रण और निरस्त्रीकरण;
- शांति वार्ता;
- लोकतंत्र और मानवाधिकार; तथा
- एक बेहतर संगठित एवं अधिक शांतिपूर्ण विश्व निर्मित करने की दिशा में कार्य।
- 21वीं सदी में बदलाव: मानव निर्मित जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण के समक्ष खतरों से होने वाले नुकसान को सीमित करने के प्रयास भी पुरस्कार के लिए प्रासंगिक माने जाते हैं।
- पुरस्कार में क्या शामिल है: एक पदक, एक सनद और एक चेक (वर्तमान में 11 मिलियन स्वीडिश क्राउन)।
- पदक की बनावट: वर्तमान में यह 18 कैरेट सोने का होता है, जिसका वजन 196 ग्राम और व्यास 6.6 सेंटीमीटर है।
- भारत के पुरस्कार विजेता: मदर टेरेसा (1979); 14वें दलाई लामा (1989); तथा कैलाश सत्यार्थी (2014)।
पुरस्कार और पदक की हस्तांतरणीयता
- पुरस्कार की अंतिमता: एक बार घोषणा होने के उपरांत इसे रद्द, साझा या हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। यह निर्णय अंतिम होता है और हमेशा के लिए मान्य रहता है।
- पदक का हस्तांतरण: हालांकि, सम्मान व उपाधि गैर-हस्तांतरणीय हैं, लेकिन भौतिक पदक को किसी और को उपहार में दिया जा सकता है, उधार दिया जा सकता है या प्रदर्शित किया जा सकता है।
- उदाहरण: दिमित्री मुराटोव के पदक को रूस-यूक्रेन युद्ध के शरणार्थियों की सहायता के लिए 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक में नीलाम किया गया था।