राष्ट्रमंडल (Commonwealth) 56 स्वतंत्र और समान देशों का एक स्वैच्छिक संघ है। इन देशों की आबादी 2.7 बिलियन है। इन देशों में उन्नत अर्थव्यवस्थाएं और विकासशील देश दोनों शामिल हैं।
- भारत चौथी बार राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के अध्यक्षों (स्पीकर्स) और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन (CSPOC) की मेजबानी कर रहा है।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) क्या है?
- DPI साझा, सुरक्षित और अंतर्संचालनीय डिजिटल प्रणालियों का एक समूह है। ये मुक्त मानकों पर आधारित होती हैं और सक्षमकारी नियमों (जैसे- नीतियों, विनियमों व संस्थानों) द्वारा संचालित होती हैं।
- भारत में आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले DPIs को सामूहिक रूप से इंडिया स्टैक के नाम से जाना जाता है। इसके तीन अलग-अलग स्तर हैं-
- पहचान स्तर: विशिष्ट पहचान प्रदान करता है (जैसे- आधार)।
- भुगतान स्तर: अंतर्संचालनीय, कम लागत वाले और वास्तविक समय लेन-देन को सक्षम बनाता है (जैसे- एकीकृत भुगतान इंटरफेस-UPI)।
- डेटा स्तर: सुरक्षित और सहमति-आधारित डेटा साझाकरण की सुविधा देता है (जैसे- अकाउंट एग्रीगेटर फ्रेमवर्क)।
DPI का महत्त्व
- प्रभावी लोक सेवा वितरण: गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) ने ₹5 लाख करोड़ के सकल पण्य मूल्य (GMV) को पार कर लिया है।
- भुगतान क्रांति: भारत के 85% डिजिटल भुगतान और विश्व के लगभग 50% वास्तविक-समय डिजिटल भुगतान UPI के माध्यम से होते हैं।
- भाषाई बाधाओं को दूर करना: भाषिणी (BHASHINI) (भारत के लिए भाषा/BHASHA इंटरफ़ेस) 35+ भारतीय भाषाओं, 1,600+ AI मॉडल्स और 18 भाषा सेवाओं का समर्थन करता है।
- ई-गवर्नेंस: UMANG ऐप 23 भाषाओं में 2,300 सेवाएं प्रदान करता है, जिसके 8.71 करोड़ से अधिक पंजीकरण हैं।
- सॉफ्ट पावर कूटनीति: DPI सीमा-पार डिजिटल साझेदारी को बढ़ावा देता है और भारत को एक भरोसेमंद डिजिटल भागीदार के रूप में स्थापित करता है।
भारतीय DPI की अंतर्राष्ट्रीय पहुंच बढ़ाने के लिए प्रमुख पहलें:
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