केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए दिशा-निर्देशों का दुरुपयोग नहीं किया जाएगा।
पृष्ठभूमि और उद्देश्य
- UGC के नए विनियमों का उद्देश्य उच्चतर शिक्षा में जाति, धर्म, लिंग, नस्ल, जन्म स्थान या दिव्यांगता के आधार पर भेदभाव को समाप्त करना है। यह प्रावधान विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए लागू होगा।
- ये विनियम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप हैं। ये भारत के सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और मानद विश्वविद्यालयों (Deemed Universities) पर लागू होते हैं।
- "जाति-आधारित भेदभाव" को "अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के सदस्यों के खिलाफ केवल जाति या जनजाति के आधार पर किए गए भेदभाव" के रूप में परिभाषित किया गया है।
