"उद्यमशील राज्य" का क्या अर्थ है?
यह अवधारणा अर्थशास्त्री मारियाना माज़ुकाटो ने लोकप्रिय बनाई थी। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- जोखिम का संरचनाकरण: उद्यमशील राज्य वह है जो अनिश्चितता से डरकर पीछे नहीं हटता। सरकार जोखिम से बचने की बजाय उसे सक्रिय रूप से समझकर और व्यवस्थित रूप से निपटने का प्रयास करती है।
- संस्थागत रूप से सीखना: इसमें "अनुपालन से क्षमता" की ओर बढ़ना शामिल है, जहां राज्य "असफल होना सीखता है यानी असफलताओं को स्वीकार करता है"। साथ ही, नीतिगत पंगुता के बिना तेजी से सुधार करता है।
- उदाहरण: कोरिया गणराज्य (दक्षिण कोरिया) ने राज्य क्षमता का निर्माण सिर्फ प्रशासनिक साहस से नहीं किया। उसने संस्थानों को सोची-समझी और चरणबद्ध तरीके से विकसित किया।
- नौकरशाही की विशेषताएं:
- परिणाम-उन्मुख नौकरशाही: अधिकारियों का मूल्यांकन परिणामों के आधार पर किया जाता है, न कि केवल नियमों के पालन पर।
- सीखने के साथ विफलता के प्रति सहनशीलता: त्रुटियां स्वीकार्य होती हैं; लेकिन ठहराव स्वीकार्य नहीं है।
- समर्थन की विश्वसनीय वापसी: बाहर निकलना उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना कि प्रवेश करना। इसका अर्थ है किसी संस्था आदि को समय के अनुसार समर्थन देना बंद कर देना चाहिए।
- यह क्या 'नहीं' है?
- इसका अर्थ राज्य का व्यवसायीकरण (जैसे- राज्य पूंजीवाद) नहीं है, और न ही यह निजी हितों को विशेषाधिकार देने का सुझाव देता है।
- इसका उद्देश्य राज्य को निजी क्षेत्रक के नवाचार में एक रणनीतिक भागीदार के रूप में कार्य करने के लिए सशक्त बनाना है।
उद्यमशील शासन (Entrepreneurial Governance) कठिन क्यों है?
- असममित प्रोत्साहन: जोखिम से बचने की संस्कृति वर्तमान नौकरशाही प्रणाली में समस्याएं उत्पन्न करती है।
- पूर्वव्यापी जांच: निगरानी संस्थाओं द्वारा ईमानदारी पूर्वक कार्य करने के दौरान हुई गलतियों और कदाचार को एक-सा मान लिया जाना।
- विफलता को अक्षमता के रूप में देखना: राजनीतिक नेतृत्व को निरंतर यह संकेत देना चाहिए कि ऐसी विफलता स्वीकार्य है, जो सफलता में परिवर्तित हो सकती हैं। इसलिए, प्रयोग करते रहना आवश्यक है। इस प्रकार, सुधार करना कमजोरी नहीं, बल्कि सक्षमता की निशानी है।
- मानकीकृत मैट्रिक्स: मानक दक्षता मैट्रिक्स (जैसे तत्काल राजस्व सृजन) का उपयोग करके उद्यमशील पहलों की सफलता को मापना कठिन है, क्योंकि इनके परिणाम अक्सर दीर्घकालिक और गैर-रेखीय होते हैं।
- लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं: लोकतंत्र में राजनेता जनभावना के करीब रहते हैं, जबकि नौकरशाही निरंतरता सुनिश्चित करती है। यहां जोखिम यह है कि राजनेता लोकलुभावनवाद की ओर तथा नौकरशाही संकीर्णता की ओर झुक सकती है।
- आर्थिक सर्वेक्षण सुझाव देता है कि एक उद्यमशील राज्य के लिए श्रम के सूक्ष्म विभाजन की आवश्यकता है—राजनीतिक नेतृत्व दिशा निर्धारित करता है और प्राथमिकताएं स्पष्ट करता है, जबकि नौकरशाही मार्ग खोजती है, समस्याओं का समाधान करती है और नीतिगत साधनों को अनुकूलित करती है।