हाल ही में, विपक्ष ने लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ पद से हटाने से संबंधित संकल्प प्रस्तुत किया।
लोक सभा अध्यक्ष को पद से हटाने की प्रक्रिया
- संवैधानिक प्रावधान:
- अनुच्छेद 94: यह अनुच्छेद लोक सभा अध्यक्ष (Speaker) और उपाध्यक्ष (Deputy Speaker) के पदों के रिक्त होने, त्यागपत्र देने और उन्हें पद से हटाए जाने से संबंधित है।
- अनुच्छेद 94(c) के अनुसार, लोक सभा के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के रूप में पद धारण करने वाले सदस्य को:
- लोक सभा के एक ऐसे संकल्प द्वारा पद से हटाया जा सकता है, जो तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत द्वारा पारित किया गया हो।
- लोक सभा द्वारा पद से हटाने के संकल्प की स्वीकृति की प्रक्रिया:
- जो सदस्य लोक सभा अध्यक्ष या उपाध्यक्ष को हटाने के संकल्प का नोटिस देना चाहता है, उसे लोक सभा के महासचिव को लिखित रूप में सूचित करना होता है।
- इस संकल्प को सदन में स्वीकार किए जाने के लिए कम-से-कम 50 सदस्यों का समर्थन होना अनिवार्य है।
- ऐसे प्राधिकारियों को हटाने का कोई भी संकल्प तब तक प्रस्तुत नहीं किया जा सकता, जब तक कि संकल्प प्रस्तुत करने के उद्देश्य की कम-से-कम 14 दिनों की पूर्व सूचना न दे दी गई हो।
- नोटिस प्राप्त होने के बाद, संकल्प प्रस्तुत करने की अनुमति मांगने का प्रस्ताव अध्यक्ष द्वारा निर्धारित दिन पर कार्यसूची में शामिल किया जाता है।
- जो सदस्य लोक सभा अध्यक्ष या उपाध्यक्ष को हटाने के संकल्प का नोटिस देना चाहता है, उसे लोक सभा के महासचिव को लिखित रूप में सूचित करना होता है।
- पद से हटाने पर चर्चा के दौरान लोक सभा अध्यक्ष की स्थिति: वह अध्यक्षता नहीं कर सकता। पद से हटाने के संकल्प पर विचार होने के दौरान अध्यक्ष सदन की अध्यक्षता नहीं कर सकता।
- हालांकि, उसे सदन में बोलने, कार्यवाही में भाग लेने और सबसे पहले मतदान (Vote in the first instance) करने का अधिकार है। वह मत बराबर होने की स्थिति में 'निर्णायक मत' (Casting Vote) नहीं दे सकता।
लोक सभा अध्यक्ष के खिलाफ पद से हटाने के संकल्प का इतिहास:
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