केंद्रीय बजट 2026 में उदारीकृत विप्रेषण योजना (Liberalised Remittance Scheme) के तहत विदेश में शिक्षा और चिकित्सा खर्चों पर लगाए जाने वाले “स्रोत पर कर संग्रह (Tax Collected at Source: TCS)” की दर में कटौती की गई है।
“स्रोत पर कर संग्रह (TCS)” के बारे में
- TCS वह अतिरिक्त कर है जिसे विक्रेता, खरीदार से विशिष्ट वस्तुओं/सेवाओं की बिक्री के समय वसूल करता है।
- यह कर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 206C के अंतर्गत लगाया जाता है।
उदारीकृत विप्रेषण योजना (LRS) के बारे में
- भारत का सभी निवासी व्यक्ति (नाबालिग सहित) एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 2,50,000 अमेरिकी डॉलर तक की राशि विदेश भेज सकता है।
- यह राशि चालू खाता या पूंजी खाता लेनदेन, अथवा दोनों के संयोजन के लिए भेजी जा सकती है।
- यह सुविधा कंपनियों, साझेदारी फर्मों, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), ट्रस्ट आदि के लिए उपलब्ध नहीं है।
- प्रारंभ: वर्ष 2004 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा शुरू की गई।
- LRS के तहत प्रतिबंधित गतिविधियां: जुआ एवं लॉटरी, व्यापार एवं सट्टा गतिविधियां।
ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर (GEM) ने पवन ऊर्जा, और उपयोगिता-पैमाने (utility-scale) की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की वैश्विक पाइपलाइन (निर्माणाधीन) का एक नया विश्लेषण जारी किया है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:
- पाइपलाइन: वर्ष 2025 में वैश्विक पवन ऊर्जा और यूटिलिटी-स्केल सौर ऊर्जा परियोजनाओं की पाइपलाइन 4.9 टेरावॉट (TW) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई।
- यह पिछले वर्ष की तुलना में 11% की वार्षिक वृद्धि है।
- G7 का ख़राब प्रदर्शन: G7 देश विश्व की लगभग 50% वैश्विक परिसंपत्ति नियंत्रित करते हैं। लेकिन वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता की संभावित पाइपलाइन में उनका हिस्सा केवल 11% है।
- परिचालन क्षमता: चीन ने पवन और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के परिचालन में 1.6 TW का आँकड़ा पार कर लिया है।
- भारत 163 GW से अधिक की परिचालन क्षमता के साथ वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है।
- सौर संरचना: वितरित सौर ऊर्जा अब वैश्विक सौर ऊर्जा क्षमता का लगभग 42% हिस्सा बनाती है। हालांकि, इसका विस्तार अभी भी कुछ चुनिंदा प्रमुख बाजारों में ही अधिक केंद्रित है।
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने दुर्लभ महाद्वीपीय मेंटल (continental mantle) भूकंपों का पहला वैश्विक मानचित्र तैयार किया है।
महाद्वीपीय मेंटल भूकंपों के बारे में:
- अधिकांश भूकंप पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) में लगभग 10 से 29 किलोमीटर की गहराई में उत्पन्न होते हैं। लेकिन मेंटल भूकंप इससे कहीं अधिक गहराई में उत्पन्न होते हैं।
- ये कभी-कभी मोहोरोविकिक असंबद्धता से 80 किलोमीटर नीचे तक उत्पन्न होते हैं।
- मोहोरोविकिक असंबद्धता या "मोहो" (Moho) वह सीमा है जो पृथ्वी की भूपर्पटी को गर्म, अर्ध-ठोस मेंटल से अलग करती है।
- मेंटल पृथ्वी की आंतरिक संरचना का सबसे बड़ा हिस्सा बनाता है।
- ये भूकंप सतह पर गंभीर झटके उत्पन्न नहीं करते हैं।
- मेंटल भूकंप, भूकंप की उत्पत्ति और पृथ्वी की आंतरिक संरचना का पता लगाने की एक नई पद्धति प्रदान करते हैं।
राष्ट्रीय कर्मयोगी लार्ज स्केल जन सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 10.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
राष्ट्रीय कर्मयोगी लार्ज स्केल जन सेवा कार्यक्रम के बारे में
- परिचय : यह क्षमता निर्माण आयोग (CBC) की एक प्रमुख व्यावहारिक प्रशिक्षण पहल है।
- क्षमता निर्माण आयोग, मिशन कर्मयोगी प्रणाली की कार्यकारी संस्था है। यह आयोग क्षमता निर्माण और दक्षता-आधारित शिक्षण के माध्यम से सिविल सेवा में सुधारों को आगे बढ़ाता है।
- उद्देश्य:
- सरकारी कर्मचारियों में सेवा-भाव और स्वधर्म की गहरी भावना को विकसित करना।
- नागरिक-केंद्रित शासन को सुदृढ़ बनाना।
भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक 2025 (Corruption Perceptions Index 2025) के अनुसार वैश्विक स्तर पर भ्रष्टाचार और अधिक बढ़ा है।
- एक दशक में 80 से अधिक स्कोर करने वाले देशों की संख्या 12 से घटकर मात्र पाँच रह गई है।
भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक के बारे में:
- जारीकर्ता: ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल।
- पद्धति: इसमें 182 देशों को 0 से 100 तक के पैमाने पर रैंक किया जाता है।
- 0 = बहुत भ्रष्ट
- 100 = बेहद साफ-सुथरा (कम भ्रष्ट)
- सबसे कम भ्रष्ट राष्ट्र: डेनमार्क, फिनलैंड और सिंगापुर।
- सर्वाधिक भ्रष्ट राष्ट्र: दक्षिण सूडान, सोमालिया और वेनेजुएला।
- भारत का प्रदर्शन: भारत की रैंक 2025 में 91वीं है, जो 2024 में 96वीं रैंक से सुधरी है।
केंद्रीय बजट 2026 में सूर्य और ब्रह्मांड की उत्पत्ति का अध्ययन करने के लिए लद्दाख में दो नई दूरबीनों (Telescopes) की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
दो नई दूरबीनों के बारे में:
- नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप (NLST): यह मेराक (लद्दाख) में स्थापित की जाने वाली 2-मीटर एपर्चर दूरबीन है। यह सौर गतिशीलता, चुंबकत्व और अंतरिक्ष मौसम का अध्ययन करेगी।
- एक बार प्रारंभ होने के बाद, NLST भूमि से संचालित भारत की तीसरी सौर वेधशाला के रूप में कार्य करेगी।
- वर्तमान में, कोडाइकनाल सौर वेधशाला (तमिलनाडु, स्थापना 1899) और उदयपुर सौर वेधशाला (राजस्थान, स्थापना 1975) कार्यरत हैं।
- नेशनल लार्ज ऑप्टिकल टेलीस्कोप (NLOT): यह हानले (लद्दाख) में 13.7-मीटर की सेगमेंटेड मिरर (Segmented Mirror) वाली दूरबीन होगी।।
- यह ऑप्टिकल-इन्फ्रारेड तरंगदैर्ध्य का उपयोग करके एक्सोप्लैनेट (बाह्य ग्रहों) और ब्रह्मांड की उत्पत्ति पर शोध करेगी।