संयुक्त राज्य अमेरिका ने यूनाइटेड किंगडम से आग्रह किया है कि वह चागोस द्वीपसमूह के भाग डिएगो गार्सिया को मॉरीशस को न सौंपे।
- डिएगो गार्सिया चागोस द्वीपसमूह का सबसे बड़ा द्वीप है। इसका उपयोग यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा एक संयुक्त सैन्य अड्डे के रूप में किया जाता है।
- 2019 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के निर्णय और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद, यूनाइटेड किंगडम ने 2025 में मॉरीशस के साथ एक समझौता किया।
- इस समझौता के तहत चागोस को मॉरीशस को लौटाने पर सहमति बनी। हालांकि, डिएगो गार्सिया के सैन्य अड्डे को 99 वर्ष की लीज पर यूनाइटेड किंगडम ने अपने पास रख लिया।
चागोस द्वीपसमूह के बारे में
- अवस्थिति: हिंद महासागर में, मॉरीशस के उत्तर-पूर्व में स्थित।
- पृष्ठभूमि: 1814 में पेरिस की संधि के तहत मॉरीशस सहित यह द्वीपसमूह ब्रिटिश क्षेत्र बन गया।
- 1965 में इसे ‘ब्रिटिश हिंद महासागर क्षेत्र’ घोषित किया गया और मॉरीशस से अलग कर दिया गया।
- मॉरीशस 1968 में स्वतंत्र हुआ।
भारतीय खाद्य निगम (FCI) और विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने चावल की आपूर्ति के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य भुखमरी से निपटने के उद्देश्य से वैश्विक मानवीय अभियानों में सहायता देना है।
- विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) की स्थापना 1961 में हुई थी। यह संयुक्त राष्ट्र की खाद्य-सहायता शाखा है। यह भुखमरी से निपटने तथा खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने वाली विश्व की सबसे बड़ी मानवीय सहायता संस्था है।
भारतीय खाद्य निगम (FCI) के बारे में
- स्थापना: यह खाद्य निगम अधिनियम 1964 के तहत स्थापित एक सांविधिक निकाय है।
- मुख्य कार्य:
- अनाज की खरीद: किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खाद्यान्न की खरीद।
- अनाज का भंडारण: खाद्यान्न के भंडारण के लिए आधुनिक गोदामों और साइलो का व्यापक नेटवर्क बनाए रखना।
- बफर स्टॉक प्रबंधन: सूखा, बाढ़ जैसी अप्रत्याशित परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक खाद्यान्न के रणनीतिक बफर स्टॉक सुरक्षित रखना।
- गुणवत्ता नियंत्रण: FCI का गुणवत्ता नियंत्रण प्रभाग खाद्यान्न की खरीद और खाद्यान्न के संरक्षण का प्रबंधन करता है।
Article Sources
1 sourceकेंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने नगरपालिका बॉण्ड बाजार को मजबूत करने की दिशा में एक उच्च-स्तरीय परामर्श बैठक का आयोजन किया।
नगरपालिका बॉण्ड के बारे में
- शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) द्वारा प्रत्यक्ष रूप से या किसी मध्यवर्ती संस्था (कॉरपोरेट नगरपालिका इकाई/वैधानिक निकाय/विशेष प्रयोजन पृथक इकाई) के माध्यम से जारी किए जाने वाले लेनदेन योग्य ऋण लिखत।
- भारत में पहली बार 1997 में बेंगलुरु शहर द्वारा नगरपालिका बॉण्ड जारी किए गए।
- उद्देश्य: शहरी स्थानीय निकायों की पूंजीगत परियोजनाओं का वित्तपोषण, मौजूदा ऋणों का पुनर्वित्त, कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं की पूर्ति, आदि।
- विनियमन: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के ‘नगरपालिका ऋण प्रतिभूतियों के निर्गम एवं सूचीकरण विनियम, 2015’ के अंतर्गत।
- सितंबर 2025 तक, SEBI के नियम के तहत 26 नगरपालिका बॉण्ड जारी किए जा चुके हैं। इनके माध्यम से ₹3783.90 करोड़ की राशि जुटाई गई है।
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1 sourceइस रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि एशिया और प्रशांत क्षेत्र वर्ष 2030 तक मापे जा सकने वाले 117 लक्ष्यों में से 103 लक्ष्यों को प्राप्त करने की स्थिति में नहीं दिख रहे हैं।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
- प्रगति में ठहराव: वर्तमान में केवल 14 लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रगति सही दिशा में हैं, जबकि 88% लक्ष्यों के हासिल नहीं होने की आशंका है।
- पर्यावरणीय संकट: जलवायु कार्रवाई, समुद्र का संरक्षण और जैव विविधता संरक्षण की दिशा में अपर्याप्त प्रयास आर्थिक उपलब्धियों को कमजोर कर रहा है।
- सकारात्मक पहलू: उद्योग, नवाचार और अवसंरचना (SDG 9) के क्षेत्र में एशिया-प्रशांत का प्रदर्शन मजबूत रहा है।
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1 sourceदक्षिण अफ्रीकी चीता ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में तीन शावकों को जन्म दिया है।
- चीता गामिनी ने तीन शावकों को जन्म दिया है। इससे भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 38 हो गई है।
- यह कूनो में चीता का नौवां सफल प्रजनन (संतति जन्म) है।
कूनो राष्ट्रीय उद्यान के बारे में
- प्रोजेक्ट चीता के तहत चीतों का पर्यावास: यह उद्यान भारत में चीतों का विशेष पर्यावास है।
- अवस्थिति: मध्य प्रदेश के श्योपुर–शिवपुरी क्षेत्र में, विंध्य क्षेत्र में स्थित। कूनो नदी के नाम पर इसे कूनो राष्ट्रीय उद्यान नाम दिया गया है।
- क्षेत्रफल: लगभग 74,200 हेक्टेयर (करीब 748 वर्ग किमी), शुष्क पर्णपाती वनों और खुले घास के मैदानों के लिए प्रसिद्ध।
- प्राप्त जैव-विविधता: करधई, सलाई, खैर जैसी वनस्पतियां; तथा हिरण, लकड़बग्घा, सरीसृप और 200 से अधिक पक्षी प्रजातियां शामिल हैं।
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1 sourceइंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाषिणी (BHASHINI) राष्ट्रीय भाषा अवसंरचना पर VoicERA शुरू किया गया।
VoicERA के बारे में
- यह एक ओपन-सोर्स, एंड-टू-एंड वॉयस एआई स्टैक है।
- विकासकर्ता : डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग (DIBD) द्वारा।
- यह प्रभाग केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (DIC) के अंतर्गत कार्य करता है।
- कार्य: बहुभाषी वॉयस एवं भाषा एआई के लिए एक राष्ट्रीय क्रियान्वयन चरण के रूप में कार्य करना।
- यह भाषिणी की क्षमताओं को अनुवाद और भाषा प्रौद्योगिकियों से आगे बढ़ाकर रियल-टाइम स्पीच सिस्टम, संवाद आधारित एआई और अधिक लोगों तक बहुभाषी टेलीफोनी तक विस्तारित करेगा।
भाषिणी के बारे में
- BHASHINI एआई-संचालित भाषा अनुवाद प्लेटफार्म है। यह साक्षरता, भाषा और डिजिटल से संबद्ध अंतरालों को पाटते हुए - विशेष रूप से गैर-अंग्रेजी भाषी क्षेत्रों में - कार्यबल की भागीदारी को बढ़ाता है।
- उद्देश्य: भाषा और प्रौद्योगिकी को सभी के लिए सुलभ बनाना।