सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने वार्षिक एवं त्रैमासिक राष्ट्रीय लेखा अनुमानों (GDP सहित) की नई श्रृंखला जारी की है।
नई GDP श्रृंखला में प्रमुख बदलाव
- नया आधार वर्ष: अब आधार वर्ष 2022-23 है। इससे पहले 2011-12 था।
- 2019-2021 के कोविड-19 व्यवधानों के बाद वित्त वर्ष 2022-23 को सबसे हालिया "सामान्य" अवधि के रूप में चुना गया है।
- नवीन डेटा स्रोत: अब इसमें वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह, ई-वाहन पोर्टल और सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) सहित उच्च-आवृत्ति एवं प्रशासनिक डेटा को एकीकृत किया गया है।
- परिष्कृत अपस्फीति तकनीक (Deflation Techniques): विनिर्माण और कृषि में अब 'दोहरी अपस्फीति' (निर्गत मूल्य के साथ-साथ आगत मूल्य पर भी छूट देना) लागू की गई है, जबकि 'एकल अपस्फीति' का उपयोग बंद कर दिया गया है।
- आपूर्ति और उपयोग तालिका (SUT) का एकीकरण: उत्पादन और व्यय-आधारित जीडीपी अनुमानों के बीच विसंगतियों को कम करने के लिए SUT फ्रेमवर्क को राष्ट्रीय लेखाओं के साथ जोड़ा गया है।
- निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCE) का बेहतर अनुमान: उत्पादन, प्रशासनिक डेटा और जिंस प्रवाह दृष्टिकोण से प्रत्यक्ष अनुमान को PFCE में एकीकृत करके इसे सुधारा गया है।
- सामान्य सरकारी समायोजन: सरकारी अनुमानों में अब पुरानी पेंशन योजना (OPS) के साथ-साथ राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के कार्यान्वयन को भी शामिल किया गया है।
- अन्य समावेशन:
- संशोधित जीडीपी श्रृंखला में डिजिटल, प्लेटफॉर्म और गिग इकोनॉमी गतिविधियों को शामिल करते हुए नियोजित किए गए घरेलू कामगारों को भी समेकित किया गया है।
- घरेलू और अनौपचारिक क्षेत्रकों को बेहतर रीति से मापने के लिए अनिगमित क्षेत्रक उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE) और आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) का उपयोग किया जाएगा।
GDP आधार वर्ष को क्यों संशोधित किया गया?
इसके प्रभाव
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