ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमलों के कारण पैदा हुए तेल संकट को देखते हुए, केंद्र ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (Essential Commodities Act, 1955) लागू कर दिया।
आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के बारे में:
- यह अधिनियम सरकार को आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति, वितरण और व्यापार को नियंत्रित करने की शक्ति देता है। इसका उद्देश्य लोक हित में उचित मूल्य पर उपलब्धता सुनिश्चित करना और जमाखोरी या कालाबाजारी को रोकना है।
- आवश्यक वस्तुओं की सूची में शामिल हैं: दवाएं; उर्वरक; खाद्य पदार्थ (खाद्य तेल सहित); सूती धागा; पेट्रोलियम और उसके उत्पाद; कच्चा जूट और उससे निर्मित वस्त्र; और विभिन्न प्रकार के बीज (फल, सब्जियां, पशु चारा)।
- अधिनियम में 2020 का संशोधन: संसद ने कृषि वस्तुओं (अनाज, दालें, प्याज, आलू, खाद्य तेल) को विनियमित करने की सरकार की शक्तियों को सीमित कर दिया था। अब इन्हें केवल युद्ध, अकाल, प्राकृतिक आपदा या असाधारण मूल्य वृद्धि जैसी असाधारण स्थितियों में ही विनियमित किया जा सकता है।
विदेश मंत्रालय के सचिव ने रणनीतिक कनेक्टिविटी के विशेष दूत और 'थ्री सीज़ इनिशिएटिव' (Three Seas Initiative - 3SI) के राष्ट्रीय समन्वयक से मुलाकात की।
3SI के बारे में:
- यह यूरोप में सीमा पार ऊर्जा, परिवहन और डिजिटल अवसंरचना के विस्तार के लिए एक क्षेत्रीय प्रयास है। यह पहल एड्रियाटिक सागर, बाल्टिक सागर और काला सागर के बीच के क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा देती है।
- भागीदार देश: इसमें 13 देश शामिल हैं-ऑस्ट्रिया, बुल्गारिया, क्रोएशिया, चेक गणराज्य, एस्टोनिया, ग्रीस, हंगरी, लातविया, लिथुआनिया, पोलैंड, रोमानिया, स्लोवाकिया और स्लोवेनिया।
- 3SI के सभी देश यूरोपीय संघ (EU) के सदस्य हैं। ऑस्ट्रिया को छोड़कर बाकी सभी नाटो (NATO) के सहयोगी हैं।
अमेरिकी प्रशासन का AI फर्म एंथ्रोपिक (Anthropic) के साथ विवाद हो गया है। यह विवाद अमेरिका के प्रस्तावित 'गोल्डन डोम' मिसाइल रक्षा कार्यक्रम में AI के उपयोग को लेकर है।
गोल्डन डोम के बारे में:
- यह एक बहुस्तरीय रक्षा कवच के रूप में कार्य करेगा। यह अटूट सटीकता के साथ अमेरिकी भूमि की रक्षा करेगा और उनकी सुरक्षा एवं लचीलापन सुनिश्चित करेगा।
- यह आने वाली मिसाइलों की पहचान करेगा और उनके पथ की अनुमान करेगा। इसके बाद उन्हें हवा में नष्ट करने के लिए इंटरसेप्टर मिसाइलें तैनात करेगा।
RBI ने दो किश्तों में ₹1 लाख करोड़ की सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) के ‘खुले बाजार परिचालन’ (Open Market Operations) की घोषणा की है।
RBI के ‘खुले बाजार परिचालन’ के बारे में:
- परिभाषा: OMO से आशय अर्थव्यवस्था में तरलता को नियंत्रित करने के लिए खुले बाजार में RBI द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद और बिक्री है।
- कार्यप्रणाली: सरकारी प्रतिभूतियों को खरीदने से अर्थव्यवस्था में पैसा आता है, जो विकास को बढ़ावा देता है, जबकि उन्हें बेचने से अतिरिक्त तरलता वापस ले ली जाती है, ताकि मुद्रास्फीति को नियंत्रित किया जा सके।
- उद्देश्य: यह मुद्रास्फीति को प्रबंधित करने, वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने और ब्याज दरों को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मैक्रोइकोनॉमिक उपकरण के रूप में कार्य करता है।
'विश्व की प्रवासी प्रजातियों की स्थिति: अंतरिम रिपोर्ट (2026)' प्रकाशित की गई। इसे ‘वन्यजीवों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण पर अभिसमय (CMS)’ के सचिवालय द्वारा प्रकाशित की गई है।
- CMS संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के तहत एक अंतर-सरकारी संधि है।
- भारत इसका पक्षकार है। भारत ने 2020 में गांधीनगर (गुजरात) में CMS के COP-13 की मेजबानी की थी।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:
- CMS-सूचीबद्ध प्रवासी प्रजातियों में से लगभग 49% की संख्या घट रही है।
- CMS के तहत संरक्षित लगभग 24% प्रवासी प्रजातियां वैश्विक स्तर पर विलुप्त होने के खतरे का सामना कर रही हैं।
- 1970 से 2020 के बीच प्रवासी ‘ताजे जल की मछलियों’ की संख्या में लगभग 81% की गिरावट दर्ज की गई है।
भारत सरकार लक्षद्वीप के कवरत्ती द्वीप में अपनी तरह का पहला एकीकृत “महासागरीय तापीय ऊर्जा रूपांतरण (Ocean Thermal Energy Conversion) आधारित संयंत्र स्थापित कर रही है।
OTEC के बारे में:
- यह नवीकरणीय ऊर्जा तकनीक है। यह गर्म समुद्री सतही जल और ठंडे गहरे समुद्री जल के बीच तापमान के अंतर का उपयोग करके विद्युत उत्पन्न करती है।
- शर्त: इसके लिए लगभग 20°C तापमान के अंतर की आवश्यकता होती है। यह मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय महासागरों (30°N–30°S) में ही संभव है।
- कार्यप्रणाली: ठंडा गहरे समुद्री जल और गर्म सतही जल हीट इंजन की तरह कार्य करते हैं, जिससे बिजली उत्पन्न की जाती है।
- उपयोग: यह द्वीपीय क्षेत्रों के लिए चौबीसों घंटे बिजली और जल-विलवणीकरण की सुविधा प्रदान करता है।
भारत के प्रधानमंत्री ने 03 मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
विश्व वन्यजीव दिवस के बारे में:
- संयुक्त राष्ट्र विश्व वन्यजीव दिवस (WWD) हर साल 03 मार्च को मनाया जाता है।
- इसका उद्देश्य जंगली जानवरों और वनस्पतियों की विविधता का सम्मान करना और यह समझना है कि वन्यजीव इंसानों और पृथ्वी के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं और उनका क्या योगदान है।
- यह दिवस 1973 में “वन्य जीवों और वनस्पतियों की संकटापन्न प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर अभिसमय (CITES)” पर हस्ताक्षर किए जाने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
- WWD 2026 की थीम: "औषधीय और सुगंधित पौधे: स्वास्थ्य, विरासत और आजीविका का संरक्षण"।
Article Sources
1 sourceलगभग 6,000 वर्षों से विलुप्त मानी जाने वाली एक मार्सुपियल (धानीप्राणी) प्रजाति न्यू गिनी के जंगलों में जीवित मिली है।
मार्सुपियल्स के बारे में:
- ये ऐसे स्तनपायी हैं, जो अविकसित बच्चों को जन्म देते हैं। ये बच्चे एक थैली (मार्सुपियम) में विकसित होना जारी रखते हैं।
- वितरण: ये मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया और न्यू गिनी में पाए जाते हैं; जैसे- कंगारू और कोआला।
- प्रजनन: इनमें गर्भधारण की अवधि कम होती है, जिसके बाद थैली में पोषण होता है।
- विकासवादी महत्व: ये स्तनपायियों के एक प्राचीन वंश का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो प्लेसेंटल (गर्भनाल) स्तनधारियों से अलग हैं।