हाल ही में, राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) द्वारा विकसित नई पहलों का शुभारंभ किया गया। ये पहलें निम्नलिखित हैं:
- नेत्र/NETRA (NDSA इंजन फॉर ट्रैकिंग एंड रिव्यु यूजिंग AI): यह बांध सुरक्षा से संबंधित जानकारी त्वरित प्राप्त करने के लिए AI-आधारित प्लेटफॉर्म है।
- इसे DHARMA (राष्ट्रीय बांध सुरक्षा डेटा भंडार) के साथ भी एकीकृत किया गया है।
- राष्ट्रीय बांध सुरक्षा दर्पण (Rashtriya Bandh Suraksha Darpan): इसे 'सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग' (C-DAC) द्वारा तैयार और प्रारंभ किया गया है।
- यह बांध टूटने (Dam Break) की संभावनाओं की स्थितियों के जोखिम आकलन के लिए एक दृश्यात्मक और विश्लेषण आधारित प्लेटफॉर्म है।
राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) के बारे में
- स्वरूप: बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत एक सांविधिक निकाय (Statutory body) है।
- मंत्रालय: केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय।
- प्रमुख कार्य:
- देश भर के निर्दिष्ट बांधों की सुरक्षा और रखरखाव की निगरानी करना।
- राज्य बांध सुरक्षा संगठनों (SDSOs) के बीच उत्पन्न समस्याओं का समाधान करना।
- बांधों पर राष्ट्रीय स्तर का डेटाबेस बनाए रखना, आदि।
Article Sources
1 source“भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA): व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA)” ने अपनी दूसरी वर्षगांठ मनाई।
- वर्ष 2024 में हस्ताक्षरित ‘भारत-EFTA TEPA’ अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजन का बाध्यकारी प्रावधान करता है।

EFTA के बारे में
- यह आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड का एक अंतर-सरकारी संगठन है।
- इसकी स्थापना 1960 में स्टॉकहोम अभिसमय के माध्यम से हुई थी।
- प्रारंभिक संस्थापक सदस्य: ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, नॉर्वे, पुर्तगाल, स्वीडन, स्विट्जरलैंड और यूनाइटेड किंगडम।
- उद्देश्य: अपने सदस्य देशों के बीच मुक्त व्यापार और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देना।
Article Sources
1 sourceभारत ने मैत्री पाइपलाइन के माध्यम से बांग्लादेश को 5,000 मीट्रिक टन डीजल की आपूर्ति की।
भारत–बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन के बारे में
- उद्घाटन: 2023 में।
- विशेषता: यह भारत और बांग्लादेश के बीच पहली सीमा-पार ऊर्जा पाइपलाइन है। इसकी क्षमता बांग्लादेश को 1 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) हाई-स्पीड डीज़ल (HSD) परिवहन करने की है।
- लंबाई: इस सीमा-पार पाइपलाइन की लंबाई 131 किलोमीटर है।
- किन दो स्थलों को जोड़ती है: यह भारत के सिलीगुड़ी मार्केटिंग टर्मिनल को उत्तरी बांग्लादेश के परबतिपुर डिपो से जोड़ती है।
वित्त वर्ष 2025–26 के लिए अनुपूरक अनुदान मांग (Supplementary Demand for Grants) संसद में प्रस्तुत की गई।
अनुपूरक अनुदान मांग के बारे में
- संविधान के अनुच्छेद 115 के तहत इसे भारत के राष्ट्रपति की ओर से संसद के दोनों सदनों के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है।
- यह किसी वित्तीय वर्ष के लिए बजट में अधिकृत व्यय से अधिक आवश्यक अतिरिक्त व्यय की अनुमानित राशि को दर्शाता है।
- यह सांकेतिक, तकनीकी या वास्तविक/नकद हो सकती है।
अमेरिका–ईरान युद्ध में कथित रूप से ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) जैमिंग और GPS स्पूफिंग का उपयोग किया जा रहा है।
- ये ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) सिग्नलों पर इरादतन किए जाने वाले दो प्रकार के साइबर हमले हैं। इन हमलों का उद्देश्य वाहनों की नेविगेशन प्रणाली को बाधित करना या भ्रमित करना होता है।
GPS जैमिंग के बारे में
- इसमें जैमर नामक उपकरण का उपयोग करके वास्तविक GNSS सिग्नलों को बाधित और अवरुद्ध किया जाता है।
- यह समान आवृत्ति (Frequency) पर ‘नॉइज़’ पैदा करके कमजोर सिग्नलों को दबा देता है।
GPS स्पूफिंग के बारे में
- यह झूठे या भ्रामक GPS सिग्नल प्रसारित करके GPS रिसीवर को भ्रमित करने या उसमें हेरफेर करने की प्रक्रिया है।
- इससे GPS प्राप्तकर्ता को यह विश्वास हो जाता है कि वह किसी अन्य स्थान पर स्थित है, जिसके परिणामस्वरूप उपकरण गलत स्थान संबंधी डेटा प्रदान करता है।