भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने उन दूध उत्पादकों को, जो डेयरी सहकारी समितियों के सदस्य नहीं हैं, अपने खाद्य व्यवसाय संचालन को शुरू करने या जारी रखने से पहले अनिवार्य पंजीकरण या लाइसेंस प्राप्त करने का निर्देश दिया है।
FSSAI के बारे में
- यह केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एक सांविधिक निकाय (statutory body) है।
- इसकी स्थापना खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत की गई है।
- कार्य :
- खाद्य पदार्थों के लिए विज्ञान आधारित मानक निर्धारित करना;
- खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री और आयात को विनियमित करना, ताकि मानव उपभोग के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
- संरचना: इसमें एक अध्यक्ष और 22 सदस्य होते हैं, जिनमें से एक-तिहाई महिलाएं होती हैं।
- शुरू की गई प्रमुख पहलें: ईट राइट इंडिया, खाना पकाने में प्रयुक्त तेल का पुन: उपयोग (RUCO: Repurpose Used Cooking Oil), फूड फोर्टिफिकेशन, आदि।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत, चीन और यूरोपीय संघ (EU) सहित 16 प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की विनिर्माण नीतियों की धारा 301 (Section 301) के तहत जांच शुरू की है। इस जांच का उद्देश्य इन देशों/संगठनों की अनुचित व्यापार गतिविधियों से निपटना है।
- यह जांच अमेरिकी व्यापार अधिनियम 1974 की धारा 301 के तहत की जाती है। इसका परिणाम संयुक्त राज्य अमेरिका व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) द्वारा प्रतिवर्ष ‘स्पेशल 301 रिपोर्ट’ शीर्षक से प्रकाशित की जाती है।
- यह रिपोर्ट उन देशों की पहचान करती है जिन्हें अमेरिका के अनुसार बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPRs) का पर्याप्त और प्रभावी संरक्षण प्रदान नहीं करने वाला माना जाता है, या जो अमेरिकी बौद्धिक संपदा अधिकार-धारकों को निष्पक्ष और समान बाजार पहुँच उपलब्ध नहीं कराते।
- श्रेणियां: इसमें देशों को निम्नलिखित श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है:
- प्राथमिकता वाले विदेशी देश,
- प्राथमिकता निगरानी सूची और
- निगरानी सूची।
भारतीय सेना ने श्रीलंका में ऑपरेशन सागर बंधु के तहत एक बड़े पुल की निर्माण परियोजना की शुरुआत की।
ऑपरेशन सागर बंधु के बारे में
- शुरुआत: नवंबर 2025 में, दितवाह चक्रवात (Cyclone Ditwah) के बाद श्रीलंका में उत्पन्न आपदा के तुरंत बाद मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) प्रदान करने के लिए शुरू किया गया।
- मार्गदर्शक सिद्धांत: भारत की नेबरहुड फर्स्ट नीति, महासागर (MAHASAGAR) दृष्टिकोण के तहत।
सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) को मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2026 में “फ्रॉडप्रो (FraudPro)” के लिए वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई है।
फ्रॉडप्रो के बारे में
- परिचय: यह धोखाधड़ी की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) संचालित अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य पहचान-आधारित धोखाधड़ी के खिलाफ टेलीकॉम प्रणाली को सुरक्षित करना है।
- उपयोग: यह टेलीकॉम ऑपरेटरों को नेटवर्क में धोखाधड़ी वाले मोबाइल कनेक्शनों का सक्रिय रूप से पता लगाने और टेलीकॉम संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने में सक्षम बनाता है।
- कार्यान्वयन: इसका भारत में दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) और 'संचार साथी' पोर्टल के तहत उपयोग किया गया है।
Article Sources
1 sourceलोकसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि भारत के संविधान का अनुच्छेद 105 संसद की कार्यवाही के नियमों के ढांचे के भीतर "वाक् स्वतंत्रता (Freedom of speech)" प्रदान करता है।
अनुच्छेद 105 के बारे में
- यह संसद, उसके सदस्यों और समितियों की शक्तियों, विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों को परिभाषित करता है।
- मुख्य प्रावधान:
- संसद में वाक् स्वतंत्रता: संसद में या उसकी किसी समिति में संसद के किसी सदस्य द्वारा कही गई किसी बात या दिए गए किसी मत के संबंध में उस पर किसी भी अदालत में कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी।
- संसद के किसी सदन के प्राधिकार के तहत प्रकाशित किसी प्रतिवेदन (रिपोर्ट), पत्र, मत या कार्यवाही के प्रकाशन के संबंध में भी इस प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी।
- अन्य शक्तियां और विशेषाधिकार: संसद के अन्य विशेषाधिकारों को संसद विधि द्वारा निर्धारित कर सकती है, या वे 44वें संविधान संशोधन, 1978 के लागू होने के ठीक पहले विद्यमान विशेषाधिकारों के अनुसार होंगे।
- पात्रता: वे व्यक्ति जो संसदीय कार्यवाही में बोलने और भाग लेने के अधिकारी हैं, जैसे—सांसद, भारत के महान्यायवादी, आदि।