इस अवसर पर, ISA ने 'ग्रीन हाइड्रोजन और स्टोरेज स्टार्ट-अप चैलेंज 2026' की घोषणा की। इसका उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण के क्षेत्रक में कार्य करने वाले अभिनव स्टार्ट-अप्स की पहचान करना व उन्हें सहायता प्रदान करना है।
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) के बारे में
- अवलोकन: ISA एक वैश्विक अंतर-सरकारी संगठन है। यह निम्न कार्बन-उत्सर्जन वाले भविष्य के लिए सौर ऊर्जा को अपनाने को बढ़ावा देने के प्रति समर्पित है।
- शुरुआत: इसकी शुरुआत 2015 में पेरिस में आयोजित COP21 जलवायु सम्मेलन के दौरान भारत और फ्रांस द्वारा की गई थी।
- मुख्यालय: गुरुग्राम, भारत।
- चार रणनीतिक स्तंभ:
- उत्प्रेरक वित्त केंद्र (Catalytic Finance Hub): बड़े पैमाने पर निवेश को जुटाने के लिए।
- वैश्विक क्षमता केंद्र और डिजिटलीकरण: नवाचार, डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए।
- क्षेत्रीय और देश-स्तरीय जुड़ाव: स्थानीय जरूरतों के आधार पर हस्तक्षेप सुनिश्चित करने के लिए।
- प्रौद्योगिकी रोडमैप और नीति: उभरती सौर प्रौद्योगिकियों की तैनाती में तेजी लाने के लिए।
- मिशन: "टुवर्ड्स 1000 रणनीति":
- 2030 तक सौर ऊर्जा समाधानों में 1,000 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश जुटाना।
- 1,000 मिलियन लोगों तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित करना।
- 1,000 GW सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित करना।
- इससे वार्षिक 1,000 मिलियन टन CO₂ उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी।
- सदस्यता: 125 सदस्य और हस्ताक्षरकर्ता देश।
- शासन (Governance): ISA असेंबली इसकी सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। इसमें प्रत्येक सदस्य देश का प्रतिनिधित्व होता है।
ISA के तहत प्रमुख पहलें
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