केंद्र सरकार ने “सूक्ष्म-वित्त (माइक्रोफाइनेंस) संस्थाओं के लिए क्रेडिट गारंटी योजना- 2.0 (CGSMFI-2.0)” शुरू की | Current Affairs | Vision IAS

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  • सरकार ने गैर-राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों (एनबीएफसी-एमएफआई) और एमएफआई के वित्तपोषण के लिए गारंटी कवरेज प्रदान करने हेतु 20,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ सीजीएसएमएफआई-2.0 का शुभारंभ किया।
  • एनसीजीटीसी द्वारा प्रबंधित इस योजना का उद्देश्य जून 2026 तक या गारंटी राशि 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने तक छोटे उधारकर्ताओं को ऋण देना सुविधाजनक बनाना है।
  • भारत में सूक्ष्म वित्त वित्तीय समावेशन, गरीबी उन्मूलन, लघु एवं मध्यम उद्यमों के समर्थन और महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान देता है, जिसमें उधारकर्ताओं का 95% हिस्सा महिलाओं का है।

In Summary

भारत सरकार ने ₹20,000 करोड़ की निधि के साथ CGSMFI-2.0 शुरू की है।

CGSMFI-2.0 के बारे में

  • उद्देश्य: पात्र सदस्य ऋणदाता संस्थानों (MLIs) के ऋण को गारंटी कवरेज प्रदान करना, ताकि वे गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी सूक्ष्म-वित्त संस्था (NBFC-MFI) और सूक्ष्म-वित्त संस्थाओं (MFIs) को ऋण दे सकें। ये संस्थाएं आगे पुराने या नए ग्राहकों को ‘लघु राशि’ का ऋण प्रदान करेंगी।
    • NBFC-MFI जमा स्वीकार नहीं करने वाली NBFC होती हैं, जिनकी कुल परिसंपत्तियों का कम से कम 75% “सूक्ष्म वित्त ऋण” में निवेशित होता है। 
      • सूक्ष्म वित्त ऋण वास्तव में ऐसे परिवारों को बिना कुछ गिरवी रखे (कोलेटरल-फ्री) ऋण देना है जिनकी वार्षिक आय 3,00,000 रुपये तक होती है। 
  • प्रबंधन एवं संचालन: इसका संचालन नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (NCGTC) द्वारा किया जाता है। यह कंपनी केंद्रीय वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के पूर्ण स्वामित्व में है।
  • योजना अवधि: जून 2026 तक या ₹20,000 करोड़ की गारंटी जारी होने तक।

सूक्ष्म-वित्त (माइक्रोफाइनेंस) के बारे में

  • इसका आशय लघु स्तर की वित्तीय सेवाओं (जैसे-ऋण, बचत और बीमा) से हैं, जो उन व्यक्तियों और लघु व्यवसायों को प्रदान की जाती हैं जिनकी पारंपरिक बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच नहीं होती।
  • भारत में सूक्ष्म-वित्त का महत्व
    • वित्तीय समावेशन एवं निर्धनता उन्मूलन: ये संस्थाएं उन निम्न-आय वर्गों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ती हैं जिन तक पारंपरिक बैंक नहीं पहुंच पाते हैं।
    • MSMEs और उद्यमिता को सहायता: ये संस्थाएं गिरवी रखने की अनिवार्यता के बिना आवश्यकता के अनुरूप ऋण प्रदान करती हैं।
    • महिला सशक्तिकरण: आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार सूक्ष्म-वित्त संस्थाओं से ऋण वालों में 95% महिलाएं हैं।
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NCGTC

This likely refers to the National Credit Guarantee Trustee Company, an organization that provides credit guarantees for loans to MSMEs and other segments, thereby mitigating risks for lenders and promoting credit flow.

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