लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (LHC) ने ‘Xi-cc-plus’ नामक 80वें कण (पार्टिकल) की खोज की | Current Affairs | Vision IAS

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In Summary

  • लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (LHC) ने एक नया पार्टिकल, 'Xi-cc-plus' खोजा, जो दो 'चार्म' क्वार्क और एक 'डाउन' क्वार्क से बना है।
  • CERN में दुनिया का सबसे पावरफुल पार्टिकल एक्सेलरेटर LHC, फंडामेंटल फिजिक्स की स्टडी करने के लिए प्रोटॉन या आयन बीम को लाइट स्पीड के पास टकराता है।
  • CERN, जो 1954 में बना था और जिनेवा के पास है, एडवांस्ड पार्टिकल एक्सेलरेटर का इस्तेमाल करके फंडामेंटल फिजिक्स रिसर्च के लिए एक लीडिंग ग्लोबल सेंटर है।

In Summary

इससे पहले लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर हिग्स बोसॉन (2012)एक्सॉटिक हैड्रॉन्स (चार या पाँच क्वार्क से बने कण), दुर्लभ B-मेसन क्षय (Rare B-meson decay) जैसे महत्वपूर्ण कणों की खोज की है।

नए कण ‘Xi-cc-plus’ के बारे में

  • यह दो 'चार्म' (charm) क्वार्क और एक 'डाउन' क्वार्क से बना है। ठीक प्रोटॉन की तरह जो दो 'अप' क्वार्क और एक 'डाउन' क्वार्क से बना है।
    • क्वार्क पदार्थ के मूलभूत निर्माण खंड होते हैं। ये छह प्रकारों में पाए जाते हैं: अप, डाउन, चार्म, स्ट्रेंज, टॉप और बॉटम।
      • क्वार्क हमेशा संयोजन में पाए जाते हैं और कभी भी मुक्त अवस्था में नहीं होते
  • 'अप' क्वार्क के स्थान पर 'चार्म' क्वार्क होने के कारण इस नए कण का द्रव्यमान (mass) प्रोटॉन की तुलना में चार गुना अधिक है।

लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (LHC) के बारे में

  • LHC विश्व का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली कण त्वरक (particle accelerator) है। यह सर्न/CERN (यूरोपीय परमाणु अनुसंधान संगठन) में जमीन से 100 मीटर नीचे एक सुरंग में संचालित होता है।
  • संरचना: इसमें सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट का 27 किलोमीटर लंबा छल्ला (ring) होता है, जिसमें कणों की ऊर्जा बढ़ाने के लिए कई त्वरक संरचनाएं लगी होती हैं।
  • कार्यप्रणाली: त्वरक के अंदर, प्रोटॉन या आयनों की दो उच्च-ऊर्जा वाली बीम लगभग प्रकाश की गति से यात्रा करती हैं और फिर उन्हें आपस में टकराया जाता है।
    • इन टक्करों से ऐसे कण और क्षेत्र (फील्ड) उत्पन्न होते हैं जो प्रकृति की मूलभूत समझ प्रदान करने में सहायक होते हैं। जैसे कि पदार्थों का द्रव्यमान, बलों का एकीकरण, डार्क एनर्जी और डार्क मैटर इत्यादि के बारे में। 

CERN (यूरोपीय परमाणु अनुसंधान संगठन) के बारे में

  • यह जिनेवा के पास फ्रांस-स्विट्जरलैंड सीमा पर स्थित है। यह उन्नत कण त्वरकों का उपयोग करते हुए मूलभूत भौतिकी में वैज्ञानिक अनुसंधान का विश्व का सबसे बड़ा केंद्र है।
  • स्थापना: 1954 में
  • सदस्य: 25 सदस्य देश (भारत एक एसोसिएट सदस्य है)।
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एसोसिएट सदस्य (Associate Member)

यह किसी अंतर्राष्ट्रीय संगठन की सदस्यता का एक प्रकार है, जहाँ सदस्य देशों की तुलना में अधिकार और जिम्मेदारियाँ सीमित होती हैं। उदाहरण के लिए, भारत CERN का एक एसोसिएट सदस्य है।

कण त्वरक (particle accelerator)

यह एक वैज्ञानिक उपकरण है जो विद्युत चुम्बकीय क्षेत्रों का उपयोग करके आवेशित कणों (जैसे प्रोटॉन, आयन) को उच्च ऊर्जा तक गति प्रदान करता है। LHC इसका एक प्रमुख उदाहरण है।

सर्न/CERN (यूरोपीय परमाणु अनुसंधान संगठन)

यह जिनेवा के पास स्थित मूलभूत भौतिकी में वैज्ञानिक अनुसंधान का विश्व का सबसे बड़ा केंद्र है, जो उन्नत कण त्वरकों का उपयोग करता है। भारत इसका एक एसोसिएट सदस्य है।

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