सर्न (CERN) के वैज्ञानिकों ने पहली बार सड़क मार्ग से सफलतापूर्वक एंटीप्रोटॉन का परिवहन किया।
- यह बड़ी उपलब्धि है क्योंकि एंटीमैटर आमतौर पर मैटर के संपर्क में आने पर नष्ट हो जाता है। इसी कारण से पहले इसका परिवहन बहुत कठिन था।
एंटीप्रोटॉन के बारे में:
- ये एंटीमैटर कण हैं, जो द्रव्यमान और स्पिन में प्रोटॉन के समान होते हैं। हालांकि, इन पर विपरीत (ऋणात्मक) विद्युत आवेश होता है।
- पहली बार एमिलियो सेग्रे और ओवेन चेम्बरलेन द्वारा इनकी पहचान की गई थी। इसके लिए उन्हें 1959 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला था।
- यह प्रयोग मैटर-एंटीमैटर से जुड़े रहस्यों को सुलझाने में मदद करेगा।
- बिग बैंग (Big Bang) के बाद समान मात्रा में मैटर और एंटीमैटर उत्पन्न होना चाहिए था। इसके बावजूद वर्तमान ब्रह्मांड में केवल मैटर का ही प्रभुत्व है।
उच्चतम न्यायालय ने सशस्त्र बलों में पात्र महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन और पेंशन लाभ प्रदान करने का निर्देश दिया।
- उच्चतम न्यायालय ने बबीता पुनिया एवं अन्य मामले (2020) में महिलाओं को स्थायी कमीशन देने का आदेश दिया था। साथ ही, उन्हें कमांड पोस्ट संभालने के लिए भी पात्र माना था।
- अल्प सेवा कमीशन (SSC) योजना के तहत अधिकारियों को शुरू में 10 वर्षों के लिए नियुक्त किया जाता है। इसके बाद बढ़ाकर इसे 14 वर्ष तक किया जा सकता है।
न्यायालय की मुख्य टिप्पणी:
- प्रणालीगत भेदभाव: स्थायी कमीशन से इनकार करना संस्थागत पूर्वाग्रह में निहित है। यह मूल्यांकन में संरचनात्मक असमानता को भी दर्शाता है।
- त्रुटिपूर्ण मूल्यांकन प्रणाली: वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACRs) के मूल्यांकन की पद्धति और कट-ऑफ की समीक्षा की जानी चाहिए। यह भविष्य के बैचों के लिए आवश्यक है।
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री द्वारा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की 10 वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया।
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के बारे में:
- स्थापना: वर्तमान निकाय का गठन भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम 2016 के तहत किया गया था।
- पूर्व में BIS भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम 1986 के तहत कार्य करता था। यह 1947 में गठित भारतीय मानक संस्थान का संशोधित रूप था।
- मुख्यालय: नई दिल्ली।
- पाँच क्षेत्रीय कार्यालय: कोलकाता, चेन्नई, मुंबई, चंडीगढ़ और दिल्ली।
- प्रमुख कार्य: मानकों का निर्धारण (जैसे- भारतीय मानक कोड); उत्पाद प्रमाणन {जैसे- गुणवत्ता आश्वासन के लिए (ISI) मार्क}; अनिवार्य पंजीकरण योजना {इलेक्ट्रॉनिक्स और IT वस्तुओं के लिए अनिवार्य प्रमाणीकरण}।
Article Sources
1 sourceहाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा-शर्तें एवं कार्यकाल) अधिनियम, 2023 को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। उन्होंने ऐसा हितों के टकराव से बचने के लिए किया।
- इस घटना ने मामले की सुनवाई जारी रखने के लिए आवश्यकता के सिद्धांत (Doctrine of Necessity) के उपयोग को प्रेरित किया।
‘आवश्यकता का सिद्धांत’ के बारे में:
- अर्थ: यदि सभी न्यायाधीश हितों के टकराव में हों, तो भी मामले की सुनवाई अनिवार्य है। यह न्याय की निरंतरता सुनिश्चित करता है और संस्था के संचालन में गतिरोध को रोकता है।
- उपयोग: सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन बनाम भारत संघ (2015) में लागू किया गया।
Article Sources
1 sourceजनवरी-दिसंबर 2025 की अवधि के लिए असंगठित क्षेत्र के उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE) 2025 के परिणाम जारी किए गए हैं।
ASUSE के बारे में:
- संचालन: केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा।
- उद्देश्य: GDP अनुमान और राष्ट्रीय लेखा के लिए इनपुट प्रदान करना।
- कवरेज: असंगठित गैर-कृषि क्षेत्रक; विनिर्माण, व्यापार और सेवाएं।
- संकेतक: रोजगार, सकल मूल्य वर्धित (GVA), मजदूरी, डिजिटल उपयोग आदि।
- महत्व: यह MSMEs और अनौपचारिक क्षेत्रक की अर्थव्यवस्था के लिए नीति निर्माण में सहायता करता है।
Article Sources
1 sourceउच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी कि अनुसूचित जाति का दर्जा संविधान (अनुसूचित जातियां) आदेश, 1950 के तहत केवल हिंदुओं, सिखों और बौद्धों तक ही सीमित है।
उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियां:
- अनुसूचित जाति का दर्जा खोना: किसी अन्य धर्म में परिवर्तन करने पर अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा तत्काल और पूरी तरह से समाप्त हो जाता है। भले ही जन्म किसी भी जाति में हुआ हो।
- परस्पर अनन्यता: कोई व्यक्ति एक साथ किसी अन्य धर्म का पालन करते हुए SC के दर्जे का दावा नहीं कर सकता है।
- अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा से अंतर: ST का दर्जा धर्म पर आधारित नहीं है। यह जनजातीय पहचान की निरंतरता और सामुदायिक स्वीकृति पर निर्भर करता है।