यह पहल मार्च 2026 में ब्राजील के कैम्पो ग्रांडे में आयोजित “वन्यजीवों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण पर अभिसमय (CMS)” के पक्षकारों के 15वें सम्मेलन (COP15) में शुरू की गई।
प्रवासी प्रजातियों के दोहन पर वैश्विक पहल (GTI) के बारे में
- परिचय: यह सरकारों, संरक्षण संगठनों, स्थानीय समुदायों आदि के बीच एक सहयोगात्मक वैश्विक पहल है। इसका उद्देश्य प्रवासी प्रजातियों के अवैध और असंधारणीय दोहन के कारणों को दूर करना है।
- “विश्व की प्रवासी प्रजातियों की स्थिति पर रिपोर्ट 2024” के अनुसार, अवैध और असंधारणीय दोहन की वजह से CMS के तहत सूचीबद्ध 1,200 प्रजातियों में से 70% के अस्तित्व को खतरा है।
- रिपोर्ट के अनुसार, शिकार, भोजन के लिए मात्स्यिकी, बिक्री, खेल, औषधि बनाने में इस्तेमाल जैसे घरेलू कारक प्रवासी प्रजातियों के दोहन के प्रमुख कारण हैं।
- “विश्व की प्रवासी प्रजातियों की स्थिति पर रिपोर्ट 2024” के अनुसार, अवैध और असंधारणीय दोहन की वजह से CMS के तहत सूचीबद्ध 1,200 प्रजातियों में से 70% के अस्तित्व को खतरा है।
- उद्देश्य: देशों को जैव विविधता-संरक्षण की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में सहायता प्रदान करना। जैसे कि कुनमिंग–मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क के तहत प्रजातियों की पुनर्बहाली करना और विलुप्ति को रोकना।
- कार्य के 4 प्रमुख क्षेत्र:
- डेटा और निगरानी में सुधार;
- विधिक और नीतिगत फ्रेमवर्क को मजबूत करना;
- सामुदायिक भागीदारी को बढ़ाना;
- जागरूकता का प्रसार।
- साझेदार संगठन: जैव विविधता अभिसमय (CBD), संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP), विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र (UNEP-WCMC), प्रकृति के लिए विश्व वन्यजीव कोष (WWF) और TRAFFIC, आदि।
वन्यजीवों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण पर अभिसमय (CMS)
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