तेलंगाना विधानसभा ने “तेलंगाना प्लेटफॉर्म-आधारित गिग वर्कर्स (पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण) विधेयक, 2026” पारित किया | Current Affairs | Vision IAS

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तेलंगाना गिग वर्कर्स विधेयक का उद्देश्य गिग और प्लेटफॉर्म से जुड़े कार्य को विनियमित करना है। यह विधेयक कर्नाटक, राजस्थान, झारखंड और बिहार जैसे चार राज्यों द्वारा पारित विधेयकों के समान है।

  • तेलंगाना के विधेयक में एक विशेष कल्याण बोर्ड के गठन, एग्रीगेटर्स (aggregators) पर सरकारी शुल्क लगाने, गिग कर्मचारियों के लिए विशिष्ट पहचान-पत्र जारी करने तथा नियमों का अनुपालन नहीं करने पर दंड जैसे प्रावधान शामिल हैं।

गिग वर्कर्स के बारे में

  • सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के अनुसार गिग वर्कर वह व्यक्ति है जो पारंपरिक नियोक्ता-कर्मचारी संबंध के दायरे से बाहर कार्य करता है या किसी कार्य-व्यवस्था में भाग लेकर उससे आय अर्जित करता है। 
  • कार्यबल: गिग वर्कर्स की संख्या वित्त वर्ष 2021 में 77 लाख थी, जो बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 120 लाख हो गई। इनकी संख्या भारत के कुल कार्यबल का 2% से अधिक है।
  • चुनौतियां: आय और रोजगार में अस्थिरता, ऋण (क्रेडिट) प्राप्त करने में कठिनाई, वित्तीय समावेशन की कमी, एल्गोरिदम संबंधी पक्षपात, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ नहीं मिलना, तथा सुरक्षा संबंधी चिंताएं आदि। 
  • सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020: यह गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को औपचारिक मान्यता प्रदान करती है।
    • एग्रीगेटर्स को अपने वार्षिक टर्नओवर का 1-2% (जो गिग/प्लेटफॉर्म वर्कर्स को किए गए या देय भुगतानों के 5% तक सीमित है) सामाजिक सुरक्षा कोष में अंशदान करना अनिवार्य है।
      • इस कोष से इन वर्कर्स के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को वित्तपोषण प्रदान किया जाता है।
    • प्रत्येक गिग वर्कर को ई-श्रम (e-Shram) पोर्टल पर पंजीकरण कराने पर एक यूनिक आधार-लिंक्ड आईडी मिलेगी। इससे उन्हें मिलने वाले सामाजिक सुरक्षा लाभ अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर भी पोर्टेबल (स्थानांतरित) रहेंगे। 
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वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion)

इसका अर्थ है कि सभी व्यक्तियों और व्यवसायों को सस्ती और उपयोगी वित्तीय सेवाओं (जैसे, बैंकिंग, क्रेडिट, बीमा, पेंशन) तक पहुंच प्रदान करना, जिसमें वह वर्ग भी शामिल है जिसे वर्तमान में इन सेवाओं से वंचित रखा गया है।

यूनिक आधार-लिंक्ड आईडी (Unique Aadhaar-Linked ID)

ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत प्रत्येक गिग वर्कर को प्राप्त होने वाली एक विशिष्ट पहचान संख्या, जो उनके आधार से जुड़ी होती है। यह विभिन्न प्लेटफार्मों पर सामाजिक सुरक्षा लाभों की पोर्टेबिलिटी सुनिश्चित करती है।

ई-श्रम (e-Shram) पोर्टल

यह भारत सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने हेतु लॉन्च किया गया एक पोर्टल है। इस पर पंजीकरण से श्रमिकों को एक यूनिक आधार-लिंक्ड आईडी मिलती है, जिससे सामाजिक सुरक्षा लाभ पोर्टेबल हो जाते हैं।

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