प्रधान मंत्री ने महावीर जयंती के अवसर पर गुजरात के कोबा (गांधीनगर) में सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया।

सम्राट संप्रति के बारे में:
- सम्राट संप्रति मौर्य वंश के राजा थे और सम्राट अशोक के पोते थे। उनके पिता का नाम कुणाल और माता का नाम कंचनमाला था।
- उन्हें इंद्रपालित, संगत और विगतशोक के नाम से जाना जाता है। उनके जीवन का वर्णन 'संप्रतिकथा', 'परिशिष्टपर्व' और 'प्रभावकचरित' जैसे जैन ग्रंथों में मिलता है।
- उन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप में जैन धर्म और अहिंसा के सिद्धांत को फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें 'जैन अशोक' के रूप में भी जाना जाता है।
- उन्हें कई जैन मंदिरों के निर्माण और मरम्मत के लिए जाना जाता है।
RBI के नियमों के आधार पर, 1 अप्रैल से सभी डिजिटल लेनदेन को कम से कम टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का उपयोग करके सत्यापित किया जाना चाहिए। इसमें कम से कम एक कारक डायनामिक (हर बार बदलने वाला) होना चाहिए।
RBI के टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) के बारे में:
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य PIN और OTP आधारित प्रणालियों की कमियों को दूर करना है। यह डिजिटल भुगतान में सुरक्षा उपायों को मजबूत करते हुए धोखाधड़ी को कम करता है।
- 'केवल OTP' आधारित सुरक्षा प्रणाली पर 'फिशिंग' और 'सिम-स्वैप' हमलों का खतरा बना रहता है।
- यह कार्ड, UPI और वॉलेट सहित सभी भुगतान मोड पर लागू होता है।
- स्वतंत्र ऑथेंटिकेशन फैक्टर में व्यक्तिगत पहचान संख्या (PIN), वन-टाइम पासवर्ड (OTP), बायोमेट्रिक या डिवाइस-आधारित प्रमाणीकरण शामिल हैं।
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देश के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से देश में E20 ईंधन (पेट्रोल + इथेनॉल) बेचना अनिवार्य होगा, जिसकी कम से कम 95 RON ऑक्टेन रेटिंग होनी चाहिए।
- RON (रिसर्च ऑक्टेन नंबर) ईंधन की स्थिरता के संकेतक के रूप में कार्य करता है। यह वाहन के इंजन के भीतर ईंधन दहन के दौरान उत्पन्न दबाव के स्तर को इंगित करता है।
E20 ईंधन के बारे में:
- यह पेट्रोल और इथेनॉल का 80:20 मिश्रण है।
- राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति, 2018 (2022 में संशोधित) के अनुसार पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य अब 2030 की जगह इथेनॉल आपूर्ति वर्ष (ESY) 2025-26 में ही प्राप्त करना है।
- लाभ: यह ईंधन के प्रदर्शन में सुधार करता है और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करता है।
- चिंताएं: कुछ वाहनों में ईंधन दक्षता में कमी, पुराने वाहनों में संक्षारण या क्षति की संभावना।
Article Sources
1 sourceउच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त उच्च स्तरीय समिति ने रेखांकित किया कि औद्योगिक प्रदूषण ने जोजरी-लूनी-बांडी नदी प्रणाली को विषाक्त मिश्रण में बदल दिया है। इस मिश्रण में कीचड़, अनुपचारित अपशिष्ट और नगरपालिका का अपशिष्ट शामिल है।
जोजरी-लूनी-बांडी नदी प्रणाली के बारे में:
- लूनी नदी अजमेर के निकट अरावली पर्वतमाला के पश्चिमी ढलानों से निकलती है।
- यह राजस्थान में 511 किलोमीटर का मार्ग तय करती है। अंततः यह कच्छ के रण में जाकर मिल जाती है।
- इसकी सहायक नदियों में जोजरी, बांडी, मिथड़ी, लीलड़ी, सुकरी, जवाई आदि शामिल हैं।
जनगणना-2027 का प्रथम चरण 1 अप्रैल, 2026 से प्रारंभ हुआ।
जनगणना-2027 के बारे में:
- यह भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना है।
- अंतिम जनगणना वर्ष 2011 में आयोजित की गई थी।
- यह विश्व की सबसे बड़ी और पहली डिजिटल रूप से आयोजित जनगणना है। इसमें स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध होगा।
- स्व-गणना एक सुरक्षित वेब-आधारित सुविधा है। इसके माध्यम से घर-घर सर्वेक्षण से पहले 16 भाषाओं में ऑनलाइन जानकारी दर्ज की जा सकती है।
- इसका आयोजन दो चरणों - 'हाउस लिस्टिंग' (HLO) और 'जनसंख्या गणना' (PE) में किया जाएगा।
- इसमें स्वतंत्र भारत में पहली बार (अंतिम बार यह 1931 में की गई थी) राष्ट्रव्यापी जातिगत गणना शामिल होगी। यह जातिगत गणना अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति सहित सभी समुदायों के लिए की जाएगी।
- संचालन: केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त का कार्यालय (दशकीय आधार पर)।
- विधिक आधार: जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990।
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1 sourceऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के वैज्ञानिकों ने दर्शाया है कि हीलियम परमाणुओं को उनकी गति के माध्यम से 'क्वांटम एंटेंगलमेंट' की तरह जोड़ा जा सकता है। ऐसी परिघटना पहले इलेक्ट्रॉन जैसे हल्के कणों में देखी गई थी।
क्वांटम एंटेंगलमेंट के बारे में:
- क्वांटम सिद्धांत में यह एक ऐसी परिघटना है जहां समान मूल के कण, जो कभी जुड़े हुए थे, हमेशा जुड़े रहते हैं।
- क्वांटम यांत्रिकी परमाणु और उप-परमाणु कणों और उनके परस्पर अभिक्रिया करने के तरीके का अध्ययन है।
- क्वांटम एंटेंगलमेंट तब होता है जब दो कण इतने गहरे रूप से जुड़ जाते हैं कि वे एक ही अस्तित्व साझा करते हैं।
- एंटेंगलमेंट में कोई एक परमाणु गायब होकर कहीं और प्रकट नहीं होता। इसमें वास्तव में सूचना (quantum information) का आदान-प्रदान होता है, न कि पदार्थ का।
- जब पहले परमाणु की स्थिति को मापा जाता है, उसी समय वह जानकारी दूसरे जुड़े हुए परमाणु की स्थिति को तय कर देती है, भले ही दोनों के बीच बहुत दूरी (void) क्यों न हो। इसे ही क्वांटम टेलीपोर्टेशन कहा जाता है— जहां कण नहीं, बल्कि उसकी स्थिति/सूचना एक जगह से दूसरी जगह हस्तांतरित होती है।
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1 sourceभारतीय नौसेना को कई प्रमुख युद्धपोत प्राप्त हुए हैं, जो स्वदेशी रक्षा विनिर्माण के क्षेत्रक में बड़ी उपलब्धि है।
प्राप्त किए गए प्रमुख युद्धपोत:
- मालवन: यह दूसरा 'एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट' (ASW SWC) है। इसे कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है।
- इसका नाम ऐतिहासिक तटीय शहर मालवन के नाम पर रखा गया है। यह छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़ी समृद्ध समुद्री विरासत को दर्शाता है।
- क्षमताएं: पानी के भीतर निगरानी, पनडुब्बी-रोधी और माइन वारफेयर।
- गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE), कोलकाता द्वारा निर्मित तीन अग्रिम नौसैनिक प्लेटफॉर्म:
- स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट दूनागिरी: यह नीलगिरी श्रेणी (प्रोजेक्ट 17A) का पांचवां पोत है। यह मिसाइलों के साथ निर्दिष्ट लक्ष्यों पर प्रहार करने में सक्षम है।
- चौथा सर्वे वेसल (लार्ज) ‘संशोधक’: यह तटीय और गहरे पानी में हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण कार्य करता है।
- 'अग्रेय': यह आठ 'एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट' (ASW SWC) में से चौथा है। इसे दुश्मन की पनडुब्बियों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है।
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1 sourceभारतीय वायु सेना (IAF) RPSA कार्यक्रम के तहत मानव-रहित स्टेल्थ लड़ाकू विमानों को शामिल करने की तैयारी कर रही है।
RPSA कार्यक्रम के बारे में:
- RPSA का लक्ष्य 'मानव रहित कॉम्बैट एरियल व्हीकल्स' (UCAVs) विकसित करना है। इन्हें ‘घातक UCAVs’ के रूप में जाना जाता है।
- UCAVs आमतौर पर मिसाइल या बम जैसे हथियार ले जाते हैं। इनका उपयोग ड्रोन हमलों और अन्य सैन्य अभियानों के लिए किया जाता है।
- घातक एक स्टेल्थ-सक्षम UCAV है, जो 'फ्लाइंग-विंग' कॉन्फ़िगरेशन पर आधारित है।
- परिचालन में आने के बाद, ‘घातक’ गहरे प्रहार अभियानों को अंजाम देने में सक्षम होगा। यह पायलटों को जोखिम में डाले बिना उच्च-जोखिम वाले लक्ष्यों को भेदने के लिए अभेद्य सुरक्षा वाले हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर सकता है।