AERB द्वारा माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना (MBRAPP) की यूनिट-एक और यूनिट-दो के निर्माण के लिए उत्खनन की मंजूरी दी गई है।
माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना (MBRAPP) के बारे में
- अवस्थिति: राजस्थान के बांसवाड़ा में, माही नदी पर बने माही बांध के पास।

- क्षमता: 4 x 700 MWe PHWR (स्वदेशी PHWRs - दाबित भारी जल रिएक्टर की 4 परमाणु ऊर्जा इकाइयां)।
- PHWRs ईंधन के रूप में प्राकृतिक यूरेनियम और शीतलक (कूलेंट) व मंदक (मॉडरेटर) के रूप में भारी जल (ड्यूटेरियम ऑक्साइड) का उपयोग करते हैं।
- विकास: अणुशक्ति विद्युत निगम (ASHVINI) द्वारा। यह न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) और नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NTPC) का एक संयुक्त उद्यम है।
- परियोजना: यह परियोजना भारत की "फ्लीट मोड" पहल का हिस्सा है।
- इस पहल के तहत एक जैसे डिजाइन और समान खरीद योजनाओं वाले 700 मेगावाट क्षमता के 10 परमाणु संयंत्र देशभर में बनाए जा रहे हैं।
भारत में परमाणु ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदम
- परमाणु ऊर्जा मिशन: केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित यह मिशन स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (SMRs) के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास (R&D) पर केंद्रित है। इसका लक्ष्य वर्ष 2033 तक कम से कम पांच स्वदेशी रूप से डिजाइन और संचालित स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स विकसित करना है।
- परमाणु ऊर्जा लक्ष्य: वर्ष 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता।
- शांति (SHANTI) अधिनियम, 2025: यह अधिनियम भारत में परमाणु ऊर्जा से संबंधित विधिक ढांचे को समेकित और आधुनिक बनाता है।
- शांति (SHANTI) से आशय है: सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (SHANTI)I
भारत में परमाणु ऊर्जा क्षमता
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