भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने समाज के सभी वर्गों को लाभ पहुंचाने के लिए कई अंतरिक्ष-आधारित अनुप्रयोग विकसित किए हैं। ये अनुप्रयोग ‘वैज्ञानिक सामाजिक उत्तरदायित्व (Scientific Social Responsibility: SSR)’ में योगदान देते हैं।
‘वैज्ञानिक सामाजिक उत्तरदायित्व (SSR)’ क्या है?
- यह 'कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR)' के समान है। इसका अर्थ है कि वैज्ञानिकों का यह नैतिक और सामाजिक कर्तव्य है कि वे नए ज्ञान की खोज करने के साथ-साथ समाज और आम लोगों को शिक्षित भी करें।
वैज्ञानिक सामाजिक उत्तरदायित्व (SSR) में इसरो का योगदान
- जनजातीय समूह: STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) को बढ़ावा देने के लिए 19 राज्यों के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) में 75 "स्पेस लैब" स्थापित की गईं।
- किसान और मछुआरे:
- संभावित मात्स्यिकी क्षेत्र (Potential Fishing Zone: PFZ) पर सलाह: इससे मछुआरों को मछली पकड़ने वाले उपयोगी क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलती है।
- फसल बीमा सहायता: फसलों पर निगरानी रखने और बीमा क्लेम का आकलन करने में सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
- विद्यार्थी: युविका (YUVIKA) इसरो का युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम है। यह कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए दो सप्ताह का आवासीय शिक्षा कार्यक्रम है। इसके अलावा, इसरो टेली-शिक्षा सेवाएँ (PM ई-विद्या) भी प्रदान करता है, आदि।
- आम नागरिक: इसरो की जियोस्पेशियल (Geospatial) सहायता से सरकारी योजनाओं की योजना बनाने और इनकी निगरानी करने में मदद मिलती है, साथ ही टेली-मेडिसिन, समय पर आपदा चेतावनी जैसी जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान होती है।
- महिलाएं: गगनयान मिशन की परीक्षण उड़ान में 'व्योममित्र' (Vyommitra) नामक एक महिला ह्यूमनॉइड रोबोट को शामिल किया गया है।
- ओपन डेटा एक्सेस: इसरो ‘भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान डेटा केंद्र (ISSDC)’ के माध्यम से एस्ट्रोसैट और चंद्रयान-2 जैसे मिशनों के वैज्ञानिक डेटा को विश्व के वैज्ञानिक समुदाय और विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराता है।
- प्रशिक्षण और जन-जागरूकता: UNNATI (इसरो द्वारा यूनिस्पेस नैनो-सैटेलाइट असेंबली और प्रशिक्षण) और भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (IIRS) के विभिन्न कार्यक्रम विद्यार्थियों और पेशेवरों में तकनीकी कौशल विकसित करते हैं।