कश्मीर घाटी की पांच झीलों को एक अध्ययन में हिमनद झील प्रस्फोट जनित बाढ़ (Glacial Lake Outburst Floods: GLOFs) के प्रति "अत्यधिक उच्च जोखिम" वाली झीलों के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
- ये झीलें ब्रह्मसर, चिरसर्त, नुंदकोल, गंगाबल और भागसर हैं।
GLOFs के बारे में:
- GLOF हिमनद झील के अस्थिर प्राकृतिक बांध (ढीली चट्टानों, तलछट या हिमनदी बर्फ से बने) के टूटने के कारण पिघले जल का अचानक और तेज बहाव है।
- हिमनद झीलों के प्रकार:
- हिमोढ (Moraine) बांध वाली झीलें: ये सिकुड़ते हिमनदों द्वारा निर्मुक्त ढीले पत्थरों और मलबे की ढाल (रिज) के पीछे बनती हैं।
- हिम-बाधित झीलें: ये तब बनती हैं जब आगे बढ़ता या मोटा होता हिमनद घाटी में पिघले पानी के बहाव को रोक देता है।
हाल ही में भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता कोयले से अमोनियम नाइट्रेट बनाने की परियोजना के लिए है।
अमोनियम नाइट्रेट के बारे में:
- स्वरूप: यह सफेद, क्रिस्टलीय, और जल में घुलनशील ठोस पदार्थ है।
- प्रकृति में उपलब्धता: यह प्राकृतिक रूप से नहीं पाया जाता है। इसे अमोनिया और नाइट्रिक एसिड की अभिक्रिया के माध्यम से बनाया जाता है।
- विस्फोटक: IEDs में इसके उपयोग के कारण इसे विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत विस्फोटक माना जाता है (यदि 45% से अधिक हो)।
- यह वास्तव में एक ऑक्सीकारक है। यह दहन को तेज करने के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है।
- इससे लगी आग को बुझाना मुश्किल होता है। यह अपनी ऑक्सीजन खुद प्रदान करता है।
- परिसंकटमय रसायन नियम, 1989: यह इसे खतरनाक रसायनों के रूप में सूचीबद्ध करता है।
- आयात: विशिष्ट ग्रेड के लिए पूर्व अनुमति की आवश्यकता होती है।
- विनियमन: इसका विनियमन DPIIT के तहत पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन द्वारा किया जाता है।
- हाइग्रोस्कोपिक प्रकृति: यह हवा से नमी सोख लेता है। नमी सोखने पर यह "कठोर चट्टान" में बदल जाता है।
- तापीय अपघटन: अधिक ऊष्मा के कारण इसमें विस्फोट हो सकता है। इसके विस्फोट से नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का नारंगी धुआं निकलता है।
- उपयोग: इसका प्रयोग उर्वरक और कोल्ड पैक में होता है (क्योंकि जल में इसका घुलना एंडोथर्मिक है)। इसका उपयोग चिकित्सा और औद्योगिक कार्यों आदि में भी किया जाता है।
Article Sources
1 sourceलोकसभा ने अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी बनाने वाला विधेयक पारित कर दिया।
अमरावती और इसकी सांस्कृतिक प्रासंगिकता के बारे में:
- प्राचीन राजधानी: यह दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व में सातवाहन राजवंश की राजधानी थी।
- प्रमुख बौद्ध तीर्थ स्थल:
- माना जाता है कि यह वह स्थान है जहाँ गौतम बुद्ध ने सबसे पहले "कालचक्र" (वज्रयान बौद्ध धर्म) की अवधारणा प्रस्तुत की और इसकी शिक्षा दी थी।
- अमरावती स्तूप दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व में बनाया गया था। यह सबसे पुराने और अच्छी तरह से संरक्षित बौद्ध स्मारकों में से एक है। इसमें बुद्ध के जीवन के दृश्यों को दर्शाने वाली जटिल नक्काशी और मूर्तियां हैं।
- अमरेश्वर मंदिर: 5वीं शताब्दी के आसपास बना यह प्राचीन हिंदू मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।
- पारंपरिक शिल्प: यहाँ की स्थानीय संस्कृति पारंपरिक हस्तशिल्प के माध्यम से मनाई जाती है। इसमें काष्ठ के जीवंत कोंडापल्ली खिलौने और उत्कृष्ट कलमकारी वस्त्र (हाथ से पेंट किए गए या ब्लॉक-प्रिंटेड कपड़े) शामिल हैं।
हाल ही में भारत ने आयकर अधिनियम, 2025 के तहत आयकर नियम, 2026 में संशोधन किया है। यह 1 अप्रैल 2017 से पहले किए गए निवेशों को GAAR से बाहर रखने के लिए किया गया है।
- इससे ग्रैंडफादरिंग को लेकर चल रही अस्पष्टता दूर हो गई है।
- ग्रैंडफादरिंग से निवेशों को पुराने कर नियमों का लाभ मिलता है। यह बाद के बदलावों के बावजूद निर्दिष्ट तिथि से पहले के निवेशों पर लागू होती है।
GAAR के बारे में (अप्रैल 2017 से प्रभावी):
- इसे वित्त अधिनियम 2012 के माध्यम से पेश किया गया था।
- इसका उद्देश्य व्यापक कर चोरी को रोकना है।
- इसकी सिफारिश पार्थसारथी शोम समिति ने की थी।
- कार्यान्वयन: कर अधिकारी GAAR लागू कर सकते हैं यदि कोई व्यवस्था:
- व्यावसायिक ध्येय की कमी दर्शाती है।
- कानून का दुरुपयोग का संकेत मिलता है।
- संबंधित पक्षों के बीच लेनदेन बाजार की कीमतों को नहीं दर्शाता है।
- ऐसे अधिकार प्रस्तुत करती है, जो सामान्य रूप से मौजूद नहीं होते।
- GAAR तभी लागू होता है जब वार्षिक कर लाभ 3 करोड़ रुपये से अधिक हो।
हाल की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका द्वारा तेल और गैस ड्रिलिंग के विस्तार से राइस व्हेल विलुप्त हो सकती हैं।
राइस व्हेल के बारे में:
- ये व्हेल बेलिएन व्हेल (Balaenopteridae) कुल की सदस्य हैं।
- समष्टि: इनकी संख्या संभवतः 100 से भी कम बची है। इस कारण ये दुनिया की सबसे दुर्लभ व्हेल में से एक हैं।
- पर्यावास क्षेत्र: इन्हें 2021 में एक अलग प्रजाति के रूप में मान्यता मिली थी। ये आमतौर पर मेक्सिको की खाड़ी के उत्तर-पूर्वी हिस्से के एक संकीर्ण क्षेत्र में पाई जाती हैं।
- IUCN स्थिति: एंडेंजर्ड
- जीवनकाल: राइस व्हेल संभवतः हर 2 से 3 साल में प्रजनन कर सकती हैं, लगभग 9 साल की उम्र में वयस्क हो जाती हैं, और पूरे साल प्रजनन (मेटिंग) करती रहती हैं।
विश्वास-आधारित शासन को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में लोकसभा में जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक पारित किया गया।
विधेयक के प्रमुख प्रावधान:
- गैर-अपराधीकरण: यह 1,000 से अधिक छोटे अपराधों के लिए कारावास की जगह सिविल दंड लगाता है।
- उदाहरण के तौर पर, राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित करने के लिए जेल की जगह 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- निर्णय तंत्र: यह अदालती प्रणाली के बाहर दंड को सुलझाने का तंत्र प्रदान करता है।
- क्रमबद्ध प्रतिक्रिया: पहली या दूसरी बार की चूक के लिए जुर्माने से पहले चेतावनी दी जाएगी।
- गतिशील मौद्रिक दंड: हर 3 साल में दंड में 10% की वृद्धि की जाएगी ताकि डर बना रहे।
- औपनिवेशिक काल के कई पुराने कानूनों और अपराधों को हटा दिया गया है।
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1 sourceभारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने निर्वाचन प्रतीक (आरक्षण और आवंटन) (संशोधन) आदेश, 2026 के तहत एक बड़ी छूट दी है। अब पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPPs) के लिए अपने सामान्य चुनाव चिह्न को बनाए रखने के नियमों को आसान बना दिया गया है।
- राजनीतिक दलों को अब अपना चुनाव चिह्न बनाए रखने के लिए पिछले दो चुनावों (लोकसभा या विधानसभा) में से किसी एक में केवल 1% मत प्रतिशत प्राप्त करने की आवश्यकता है। पहले उन्हें यह लक्ष्य दोनों चुनावों में प्राप्त करना पड़ता था।
पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के बारे में:
- ये वे राजनीतिक दल होते हैं जो या तो नए पंजीकृत होते हैं, या विधानसभा या आम चुनावों में पर्याप्त वोट प्रतिशत हासिल नहीं कर पाते, इसलिए वे राज्य दल नहीं बन पाते।
- या फिर ऐसे दल जिन्होंने पंजीकरण के बाद से कभी चुनाव नहीं लड़ा है, उन्हें गैर-मान्यता प्राप्त माना जाता है।
- ऐसे दलों को मान्यता प्राप्त दलों की तरह सभी सुविधाएं नहीं मिलतीं, जैसे मुफ्त प्रसारण समय, स्थायी चुनाव चिन्ह का विशेषाधिकार आदि।
केंद्र सरकार ने RoSCTL योजना को 30 सितंबर, 2026 तक बढ़ाने की घोषणा की है।
योजना के बारे में:
- प्रारंभ: इसे 2019 में केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था।
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य कपड़ा निर्यात को शून्य-रेटेड (Zero-rate) बनाना है। यह उन सभी राज्य और केंद्रीय करों की छूट देता है जो किसी अन्य योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं।
- तंत्र: छूट ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप्स के रूप में जारी की जाती है। इन्हें बेचा जा सकता है या सीमा शुल्क भुगतान के लिए उपयोग किया जा सकता है।
- लाभ: इसमें लचीलापन, निर्यात प्रतिस्पर्धा में सुधार और लागत में कमी शामिल है।
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1 sourceक्यूडेंगा वैक्सीन को भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) से मंजूरी मिल गई है। इसका उपयोग 4 से 60 वर्ष की आयु के व्यक्तियों में डेंगू के खिलाफ किया जा सकेगा।
- डेंगू एक वायरल संक्रमण है जो एडीज मच्छरों द्वारा फैलता है।
- डेंगू आपस में संबद्ध लेकिन अलग-अलग चार वायरसों के कारण होता है। इन्हें सीरोटाइप (DENV-1 से DENV-4) कहा जाता है।
क्यूडेंगा वैक्सीन के बारे में:
- यह एक लाइव-अटेनुएटेड टेट्रावेलेंट डेंगू वैक्सीन है। यह चारों डेंगू उपभेदों (DENV-1, 2, 3, 4) से सुरक्षा प्रदान करती है।
- लाभ: इसमें टीकाकरण से पहले संक्रमण की जांच करने की आवश्यकता नहीं होती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारत में ऊर्जा आपूर्ति को व्यवधान पहुंचा है। इसमें LNG और LPG, दोनों की आपूर्ति शामिल है।
LNG के बारे में:
- LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) मुख्य रूप से प्राकृतिक गैस (मुख्य रूप से मीथेन) है।
- इसे -160 डिग्री सेल्सियस से नीचे ठंडा किया जाता है। फिर इसे भंडारण या परिवहन के लिए क्रायोजेनिक रूप से तरल में बदला जाता है।
- इसे वापस गैस में बदलकर PNG (घरों के लिए) या CNG (वाहनों के लिए) के रूप में उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग बिजली उत्पादन और मशीनरी संचालन में भी होता है।
- LNG (प्राकृतिक गैस) हवा से हल्की होती है। इसे खुले क्षेत्रों में आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है।
LPG के बारे में:
- LPG (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस): इसमें मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन शामिल हैं। यह कच्चे तेल के शोधन की प्रक्रिया का एक उप-उत्पाद है।
- कम तापमान या सामान्य दबाव में LPG तरल बन जाती है। इससे इसे सिलेंडरों में भरना संभव हो पाता है।
- LPG हवा से भारी होती है। यदि इसका रिसाव होता है, तो यह जमीन पर बैठ जाती है जिससे आग का खतरा बढ़ जाता है।