IRENA द्वारा जारी ‘नवीकरणीय ऊर्जा सांख्यिकी 2026’ के अनुसार, भारत नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के मामले में चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद तीसरे स्थान पर है।
भारत में नवीकरणीय ऊर्जा की वर्तमान स्थिति
- कुल स्थापित क्षमता: 274.68 GW नवीकरणीय ऊर्जा (मार्च 2026 तक)।
- सौर ऊर्जा: 150.26 GW स्थापित क्षमता के साथ सर्वाधिक हिस्सेदारी (2014 के बाद से 53.28 गुना वृद्धि दर्ज की गई)।
- पवन ऊर्जा: 56 GW से अधिक की स्थापित क्षमता के साथ नवीकरणीय ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता।
- अन्य स्रोत: बड़ी जलविद्युत परियोजनाएं (51.41 GW) > बायोएनर्जी (11.75 GW) > परमाणु ऊर्जा (8.78 GW) > लघु जलविद्युत परियोजनाएं (5.17 GW)।
भारत नवीकरणीय ऊर्जा (RE) क्षेत्रक में अग्रणी क्यों है?

- क्षेत्रक विशेष के लिए कार्यक्रमों की शुरुआत की गई: जैसे राष्ट्रीय सौर मिशन, पीएम कुसुम, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, राष्ट्रीय जैव ऊर्जा कार्यक्रम और लघु जलविद्युत योजनाएं।
- वित्तीय प्रोत्साहन और कर छूट: जैसे-नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों पर GST दर में कमी की गई, मूल सीमा शुल्क में छूट दी गई, आदि।
- नीतिगत और विनियामक सुधार: जैसे-नवीकरणीय ऊर्जा खरीद दायित्व (RPO) ढांचा, वर्चुअल पावर परचेज एग्रीमेंट और सौर ऊर्जा के लिए 'व्यवसाय सुगमता’ जैसे कदम उठाए गए।
- अवसंरचना निर्माण हेतु सहायता: जैसे-ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर, पवन ऊर्जा उत्पादन के लिए संभावित स्थलों की पहचान, आदि।
- घरेलू विनिर्माण और R&D को बढ़ावा: जैसे-केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा जारी गुणवत्ता नियंत्रण आदेश मानक, कौशल विकास को बढ़ावा (उदाहरण के लिए वायुमित्र कार्यक्रम), आदि।
- अन्य कारक: अनुकूल भौगोलिक स्थिति (जैसे कि तमिलनाडु, गुजरात जैसे राज्यों में विशाल पवन ऊर्जा गलियारे), विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा पहलों की शुरुआत, आदि।