केंद्र सरकार ने लोकसभा की संरचना बदलने के लिए संविधान संशोधन विधेयक का प्रस्ताव रखा | Current Affairs | Vision IAS

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In Summary

  • संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 में लोकसभा की संख्या बढ़ाकर 850 सदस्य करने और अनुच्छेद 82 में संशोधन करके 2026 की जनगणना से पहले परिसीमन की अनुमति देने का प्रस्ताव है।
  • परिसीमन विधेयक 2026, जो 2002 के अधिनियम का स्थान लेगा, नवीनतम जनगणना के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों को फिर से निर्धारित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक परिसीमन आयोग की स्थापना करता है।
  • दोनों विधेयकों का उद्देश्य परिसीमन के बाद लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण को तत्काल लागू करने की सुविधा प्रदान करना है।

In Summary

केंद्र सरकार ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 प्रस्तावित किए हैं।

131वें संविधान संशोधन विधेयक की मुख्य विशेषताएं

  • लोकसभा की सदस्य संख्या में वृद्धि: मौजूदा 543 सदस्यों से बढ़ाकर 850 सदस्य करने का प्रस्ताव किया गया है। इनमें 815 सदस्य राज्यों से और 35 सदस्य संघ राज्य क्षेत्रों से होंगे। 
  • संविधान के अनुच्छेद 82 में संशोधन: यह विधेयक अनुच्छेद 82 के तीसरे प्रावधान को हटाने का प्रस्ताव करता है। यह प्रावधान अनिवार्य करता है कि अगला परिसीमन कार्य वर्ष 2026 के बाद आयोजित पहली जनगणना के आधार पर किया जाएगा।
    • उपर्युक्त प्रावधान को हटाने से 2026-27 की जनगणना से पहले उपलब्ध जनगणना के आंकड़ों का उपयोग करके परिसीमन करने में मदद मिलेगी।
  • अनुच्छेद 334A में संशोधन: यह संशोधन परिसीमन के तुरंत बाद लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित करने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम का कार्यान्वयन सुनिश्चित करेगा।

परिसीमन विधेयक 2026 की मुख्य विशेषताएं

  • यह विधेयक कानून बनने के बाद परिसीमन अधिनियम, 2002 को निरस्त करेगा और उसका स्थान लेगा।
  • परिसीमन आयोग (DC): केंद्र सरकार परिसीमन आयोग का गठन करेगी। इस आयोग की अध्यक्षता उच्चतम न्यायालय के वर्तमान या पूर्व न्यायाधीश करेंगे।
  • कार्य: परिसीमन आयोग लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में सीटों के आवंटन को पुनर्समायोजित करेगा और नवीनतम जनगणना के आंकड़ों के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण करेगा।
  • परिसीमन आयोग का आदेश: परिसीमन आयोग के आदेश, जब भारत के राजपत्र में प्रकाशित हो जाएंगे, तो वे कानून की तरह मान्य होंगे और उन्हें किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकेगी
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भारत का राजपत्र (Gazette of India)

An official journal published by the Government of India, containing notifications, orders, and other official information. Orders of the Delimitation Commission become law upon their publication in the Gazette.

परिसीमन आयोग (Delimitation Commission)

यह एक उच्च-शक्ति प्राप्त निकाय है जिसे भारत में निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन का कार्य सौंपा जाता है। इसका गठन संसदीय कानून द्वारा किया जाता है और इसके आदेशों को अदालतों में चुनौती नहीं दी जा सकती।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Adhiniyam)

यह 2023 में पारित एक अधिनियम है जिसका उद्देश्य लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करना है। हालांकि, यह जनगणना और परिसीमन की प्रक्रियाओं के बाद ही लागू होगा।

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