वैश्विक व्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता ने क्षेत्रीय सहयोग और एकीकरण के महत्व को बढ़ा दिया है। इसमें आसियान (ASEAN) मंच एक प्रमुख उदाहरण बनकर उभरा है।
क्षेत्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने में आसियान की प्रमुख उपलब्धियां
- मूल सिद्धांतों के लिए प्रतिबद्धता: आसियान के सदस्य देशों में संस्कृति, राजनीतिक व्यवस्था और सामाजिक-आर्थिक संकेतकों में व्यापक भिन्नता के बावजूद, यह संगठन लगभग 60 वर्षों से एक मजबूत और एकजुट आर्थिक व राजनीतिक संगठन बना हुआ है।
- एक-दूसरे की सहायता और एक-दूसरे पर विश्वास: 2025 में तिमोर-लेस्ते का आसियान में शामिल होना इस बात का उदाहरण है कि सदस्य देश (जैसे इंडोनेशिया) पुराने मतभेद भुलाकर पारस्परिक सहायता और सामूहिक विकास के लिए साथ कार्य कर सकते हैं।
- व्यापक एकीकरण: उदाहरण के लिए, डिजिटल इकोनॉमी फ्रेमवर्क एग्रीमेंट (DEFA) छोटे-छोटे देशों के सहयोग का एक अच्छा उदाहरण है, जिसका उद्देश्य पूरे आसियान क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को तेज करना है।
क्षेत्रीय एकीकरण के अन्य प्रमुख लाभ
- क्षेत्रीय वित्तीय स्थिरता: उदाहरण के लिए, एशियाई वित्तीय संकट के मद्देनजर स्थापित चियांग माई पहल बहुपक्षीयकरण (CMIM) ने आसियान+3 (आसियान के साथ चीन, जापान और कोरिया गणराज्य) की अर्थव्यवस्थाओं को एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान किया।
- बाजार और संसाधनों के स्रोतों का विस्तार: इससे संसाधनों का बेहतर आवंटन सुनिश्चित होता है और आर्थिक विकास तेज होता है।
- देशों के बीच असमानता को कम करना: क्षेत्रीय एकीकरण से व्यापार और संसाधनों (जैसे पूंजी और श्रम) का आवागमन आसान हो जाता है, जिससे अल्प-विकसित देश तेजी से विकास कर पाते हैं तथा उनके और विकसित देशों के बीच की असमानता घटती है।
- राजनीतिक स्थिरता प्राप्त होना और सामूहिक सौदेबाजी बढ़ना: क्षेत्रीय एकीकरण कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करता है और वैश्विक व्यापार वार्ताओं में सदस्य देशों के प्रभाव को बढ़ाता है।
