नीति आयोग की 'ट्रेड वॉच क्वार्टरली' रिपोर्ट के अनुसार, निर्यात के लिए HHI गिर रहा है। यह निर्यात में विविधीकरण का संकेत देता है, क्योंकि उत्पादों और क्षेत्रों दोनों में संकेंद्रण कम हो रहा है।
सूचकांक के अन्य मुख्य अंश
- रत्न और आभूषण क्षेत्रक: भारत का निर्यात (कच्चे सोने को छोड़कर) वैश्विक बाजार में 7.8% हिस्सेदारी है।
- पश्चिम एशिया में अस्थिरता ने भारत-खाड़ी सहयोग परिषद मुक्त व्यापार समझौते के सहयोग को धीमा कर दिया है।
HHI के बारे में
- यह किसी निर्यातक के संपूर्ण भागीदारों के बीच व्यापार मूल्य के विस्तार का एक माप है।
- इसकी गणना कुल व्यापार में प्रत्येक व्यापार भागीदार की हिस्सेदारी के वर्गों के योग के रूप में की जाती है।
- उच्च HHI मान अधिक व्यापार संकेंद्रण को दर्शाता है। इसके विपरीत, निम्न मान अधिक विविधीकरण को इंगित करता है।
- व्यापार का अधिक केंद्रीकरण लचीलापन (रेजिलिएंस) को कम कर देता है, क्योंकि इससे किसी एक क्षेत्र या एक ही प्रकार के उत्पाद पर ज्यादा निर्भरता बढ़ जाती है।
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1 sourceब्रेकथ्रू प्राइज फाउंडेशन ने ब्रेकथ्रू पुरस्कार 2026 के विजेताओं की घोषणा की है।
ब्रेकथ्रू पुरस्कार के बारे में
- इसे "विज्ञान के ऑस्कर" के रूप में जाना जाता है। यह मूलभूत विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करने वाले विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों को पुरस्कृत करता है।
- प्रत्येक पुरस्कार की राशि 3 मिलियन डॉलर है। यह पुरस्कार लाइफ साइंसेज, मूलभूत भौतिकी और गणित के क्षेत्रों में प्रदान किया जाता है।
- इसके अतिरिक्त, शुरुआती करियर के शोधकर्ताओं को 'न्यू होराइजन्स इन फिजिक्स एंड मैथमेटिक्स' पुरस्कार और 'मरियम मिर्जाखानी न्यू फ्रंटियर्स' पुरस्कार दिए जाते हैं।
- प्रत्येक क्षेत्र में पिछले ब्रेकथ्रू पुरस्कार विजेताओं से बनी चयन समितियां विजेताओं का चयन करती हैं।
- 2026 का पुरस्कार अग्रलिखित उपलब्धियों को मान्यता देता है: सिकल सेल रोग और बीटा-थैलेसीमिया; कैसगेवी (Casgevy) का विकास, जो CRISPR-आधारित पहला औषधीय उपचार है; समय के साथ तरंगों का विकास, आदि।
केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी यह सर्वेक्षण जनवरी-दिसंबर, 2025 के दौरान आयोजित किया गया था। यह राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (NSS) के 80वें चक्र के तहत आयोजित किया गया था।
मुख्य निष्कर्ष
- लगभग 13.1% व्यक्तियों ने पिछले 15 दिनों के दौरान ख़ुद को क्रोनिक बीमारियों सहित कुछ बीमारियों से पीड़ित बताया। पिछले सर्वेक्षण (2017-18) में यह आंकड़ा 7.5% था।
- अस्पताल में भर्ती होने की दर 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग में सर्वाधिक (8.1%) थी।
- संक्रामक रोगों की रिपोर्टिंग में कमी आई है। इसके विपरीत, उच्च रक्तचाप, मधुमेह (दोनों का सर्वाधिक योगदान) और थायराइड विकारों जैसे गैर-संचारी रोगों (NCDs) की रिपोर्टिंग में वृद्धि हुई है।
- कार्डियो-वैस्कुलर और अंतःस्रावी/ चयापचय संबंधी बीमारियां 30 वर्ष की आयु के बाद सबसे अधिक बार दर्ज की गईं।
- लगभग पूर्ण संस्थागत प्रसव (कुल प्रसव का लगभग 96%) दर्ज किए गए। संस्थागत प्रसव से आशय है अस्पतालों में बच्चों का जन्म।
- स्वास्थ्य बीमा कवरेज का विस्तार हुआ है। शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में यह विस्तार अधिक है, जिसमें अधिकांश नामांकन सरकारी प्रायोजित योजनाओं में हैं।
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1 sourceओडिशा ‘समुद्री स्थानिक नियोजन (Marine Spatial Planning)’ शुरू करने वाला पहला राज्य बन गया है।
- इसने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राष्ट्रीय तटीय अनुसंधान केंद्र के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
- समुद्री स्थानिक नियोजन को पहले दो संघ राज्य क्षेत्रों- पुडुचेरी और लक्षद्वीप में भारत-नार्वे एकीकृत महासागर पहल (2019) के तहत लागू गया था।
समुद्री स्थानिक नियोजन के बारे में
- यह एक सार्वजनिक प्रक्रिया है, जिसमें समुद्री क्षेत्रों में इंसानी गतिविधियों (कब और कहाँ क्या कार्य होगा) का विश्लेषण और वितरण किया जाता है, ताकि पारिस्थितिक, आर्थिक और सामाजिक लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।
- महत्व:
- समुद्री संसाधनों के संधारणीय उपयोग को प्रोत्साहित करके नीली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है।
- नीति निर्माण में मदद करती है; उदाहरण के लिए, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना अपतटीय पवन ऊर्जा संयंत्रों, गहरे समुद्र में खनन आदि के लिए स्थान आवंटित करने में मदद मिलती है।
- संधारणीय और एकीकृत महासागर प्रबंधन के माध्यम से जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में मदद मिलती है।
- यूनेस्को का अंतर-सरकारी समुद्र विज्ञान आयोग इसके लिए प्रमुख दिशा-निर्देश तैयार करता है और देशों में समुद्री स्थानिक नियोजन के कार्यान्वयन में मदद करता है।
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1 sourceRBI ने रुपये के डेरिवेटिव सौदों पर लगी कुछ पाबंदियों को आंशिक रूप से हटाया है, जिससे अधिकृत डीलर फिर से नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड्स (NDF) की पेशकश कर सकते हैं।
नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड्स (NDF) के बारे में
- यह नकद में निपटान वाला और ओवर-द-काउंटर (OTC) विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव है। इसमें मैच्योरिटी पर वास्तविक मुद्रा का आदान-प्रदान नहीं होता।
- प्रमुख विशेषताएं:
- इसका मुख्य रूप से सिंगापुर, दुबई, लंदन और न्यूयॉर्क जैसे विदेशी वित्तीय केंद्रों में कारोबार होता है।
- यह उन उभरते देशों की मुद्राओं पर हेजिंग (जोखिम से बचाव) या सट्टा के लिए उपयोग होता है, जहां पूंजीगत लेनदेन (पूंजीगत परिवर्तनीयता) पर अधिक नियंत्रण है या कम लिक्विडिटी होती है।
- उदाहरण के लिए: भारतीय रुपया (INR), चीनी युआन (CNY), ब्राज़ीलियाई रियल (BRL) आदि।
- अनुबंध की अवधि पूरी होने पर, तय दर और उस समय की स्पॉट रेट के अंतर के आधार पर केवल नकद में भुगतान किया जाता है।
समृद्ध ग्राम पहल को 'सक्षम वातावरण' श्रेणी के तहत वर्ल्ड समिट ऑन द इंफॉर्मेशन सोसाइटी (WSIS) पुरस्कार 2026 के लिए नामांकित किया गया था।
- सरकारें, निजी कंपनियां, नागरिक समाज, अंतर्राष्ट्रीय संगठन आदि सभी WSIS पुरस्कार के लिए परियोजनाएं जमा कर सकते हैं।
- इसमें एक विशेष प्रक्रिया होती है: अंतिम चयन से पहले विजेता को चुनने के लिए जनता के बीच ऑनलाइन वोटिंग कराई जाती है।
समृद्ध ग्राम पहल के बारे में: एकीकृत फिजिटल (Phygital) सेवा वितरण मॉडल
- मंत्रालय: संचार मंत्रालय।
- यह भारतनेट (BharatNet) पर आधारित है और एकीकृत "फिजिटल" (भौतिक + डिजिटल) सेवाएं प्रदान करने वाले वन-स्टॉप हब के रूप में समृद्धि केंद्र स्थापित करता है।
- महत्व: यह ग्रामीण नागरिकों को स्वास्थ्य-देखभाल सेवा, शिक्षा, कृषि, वित्तीय समावेशन और ई-कॉमर्स जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में सक्षम बनाता है।
वर्ल्ड समिट ऑन द इंफॉर्मेशन सोसाइटी (WSIS) के बारे में
- यह दो-चरणीय बहु-हितधारक शिखर सम्मेलन है। यह डिजिटल विकास और समावेशी सूचना समाजों को बढ़ावा देता है।
- जिनेवा चरण (2003): इसने मूलभूत ढांचा स्थापित किया।
- ट्यूनिस चरण (2005): इसने कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया। इसने ट्यूनिस एजेंडा स्थापित किया जिसने इंटरनेट गवर्नेंस फोरम बनाया।
- प्रमुख संयुक्त राष्ट्र एजेंसी: अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU)।
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1 sourceएक नए अध्ययन के अनुसार, जामुन की उत्पत्ति पहले के अनुमान की तुलना में बहुत पहले हुई थी। इसके विकासवादी इतिहास में भारत की केंद्रीय भूमिका रही है।
जामुन (Syzygium cumini)
- वितरण:
- यह भारतीय उपमहाद्वीप और दक्षिण पूर्व एशिया की स्थानिक प्रजाति है।
- भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार में व्यापक रूप से उगाया जाता है।
जलवायु दशाएं:
- यह सदाबहार वृक्ष है, जो उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु में उगता है।
- जलभराव और लवणता सहिष्णु है।
- यह कृषि वानिकी और वनीकरण कार्यक्रमों के लिए उपयुक्त है।
- महत्व: आयुर्वेद में इसके बीजों और छाल का उपयोग किया जाता है। विशेष रूप से मधुमेह के इलाज में इसका उपयोग होता है।