भारत की राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'नागरिक अलंकरण समारोह-I' (Civil Investiture Ceremony-I) में वर्ष 2026 के लिए पद्म पुरस्कार प्रदान किए। कुछ अन्य व्यक्तियों को समारोह के दूसरे चरण में सम्मानित किया जाएगा।
- इस वर्ष कुल 131 पुरस्कार दिए जाने हैं। इनमें 19 महिलाएं, विदेशी/NRI/PIO/OCI श्रेणी के 6 व्यक्ति और 16 मरणोपरांत पुरस्कार-प्राप्तकर्ता शामिल हैं। पुरस्कार विजेताओं में 2 युगल मामले भी हैं, जिन्हें एक माना गया है।
पद्म पुरस्कारों के बारे में
- शुरुआत: पुरस्कारों का गठन 1954 में हुआ। ये देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं।
- पुरस्कार प्रदानकर्ता: भारत के राष्ट्रपति द्वारा तीन श्रेणियों में पद्म पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं:
- पद्म विभूषण: असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए।
- पद्म भूषण: उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए।
- पद्म श्री: किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए।
- घोषणा: प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर पद्म पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा की जाती है (कुछ अपवाद वर्षों को छोड़कर)।
- पात्रता: नस्ल, पेशा, पद या लैंगिक भेदभाव के बिना सभी व्यक्ति इस पुरस्कार के लिए पात्र हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के कर्मचारी सहित सरकारी कर्मचारी इसके लिए पात्र नहीं होते। हालांकि, डॉक्टर और वैज्ञानिक पुरस्कार प्राप्त करने के लिए पात्र हैं।
- सामान्यतः यह पुरस्कार मरणोपरांत नहीं दिया जाता, लेकिन अत्यंत विशिष्ट मामलों में इसे मरणोपरांत भी प्रदान किया जाता है।
- पुरस्कार विजेताओं की संख्या-सीमा: एक वर्ष में कुल 120 से अधिक पुरस्कार नहीं दिए जा सकते (मरणोपरांत और विदेशी श्रेणियों को छोड़कर)।
- पुरस्कार विजेताओं का चयन: प्रधान मंत्री द्वारा गठित 'पद्म पुरस्कार समिति' प्रत्येक वर्ष विजेताओं का चयन करती है।
पद्म विभूषण 2026 के विजेताओं की सूची | |
नाम | क्षेत्र |
श्री धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत) | कला (सिनेमा) |
श्री के. टी. थॉमस | सार्वजनिक मामले (उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश) |
सुश्री एन. राजम | कला (संगीत): वायलिन वादक, जिन्हें 'सिंगिंग वायलिन' कहा जाता है |
श्री पी. नारायणन | साहित्य और शिक्षा |
श्री वी. एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत) | सार्वजनिक मामले (केरल के पूर्व मुख्यमंत्री) |