अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने गुजरात के खावड़ा में बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) शुरू की | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

In Summary

  • विश्वसनीय नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण के लिए भारत को 2029-30 तक लगभग 336 गीगावाट घंटे ऊर्जा भंडारण की आवश्यकता है, जिसमें ऊर्जा भंडारण प्रणाली 2023 के लिए राष्ट्रीय ढांचा और एसीसी बैटरी भंडारण के लिए पीएलआई योजना जैसी पहलें शामिल हैं।
  • बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियाँ (BESS) अतिरिक्त बिजली को पकड़ती और संग्रहित करती हैं, जिनमें पारंपरिक ठोस रिचार्जेबल बैटरी और फ्लो बैटरी जैसे प्रकार शामिल हैं, लेकिन इन्हें उच्च लागत और आयात पर निर्भरता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
  • भारत ने चीन के बाहर दुनिया की सबसे बड़ी एकल-स्थान बीईएस (3.37 गीगावाट घंटा) परियोजना स्थापित की है और 2030-31 तक 4,000 मेगावाट घंटा बीईएस परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता अंतर निधि की पेशकश करता है।

In Summary

यह चीन के बाहर एक ही स्थान पर स्थित विश्व की सबसे बड़ी बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना है। इसकी ऊर्जा भंडारण क्षमता 3.37 गीगावाट प्रति घंटा (GWh) है।

बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) क्या है?

  • BESS एक विद्युत-रासायनिक प्रणाली है, जो अतिरिक्त विद्युत ऊर्जा को भंडारित करके बाद में उपयोग के लिए सुरक्षित रखती है। 
  • यह प्रणाली ग्रिड कनेक्शन में लचीलापन प्रदान करती है और मुख्य ग्रिड में व्यवधान उत्पन्न होने पर स्थानीय स्तर पर स्वायत रूप से भी कार्य कर सकती है। 
  • महत्व: केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार नवीकरणीय ऊर्जा के मुख्य ग्रिड से विश्वसनीय रूप से जोड़ने के लिए 2029-30 तक लगभग 336 GWh ऊर्जा भंडारण क्षमता की आवश्यकता होगी। 
  • BESS के प्रकार:
    • पारंपरिक सॉलिड रिचार्जेबल बैटरी: इसमें ऊर्जा को ठोस धातु इलेक्ट्रोड में भंडारित किया जाता है। इसके उदाहरण हैं; लेड-एसिड बैटरीलिथियम-आयन बैटरी, जिंक-एयर बैटरी आदि।
    • फ्लो बैटरी: इसमें ऊर्जा को अलग-अलग टैंकों में रखे बहने वाले तरल इलेक्ट्रोलाइट्स में भंडारित किया जाता है। इसके उदाहरण हैं-वैनेडियम रेडॉक्स फ्लो बैटरियां, जिंक-आयरन फ्लो बैटरियां, जिंक-ब्रोमीन बैटरियां आदि।
  • चुनौतियां:
    • भंडारण क्षमता सीमित होना,
    • शुरुआती लागत बहुत अधिक होना,
    • इनपुट पदार्थों (लिथियम, कोबाल्ट) के लिए आयात पर निर्भरता, और
    • बैटरी अपशिष्ट के अनुचित तरीके से निपटान से पर्यावरण को खतरा पहुंचना।

भारत में BESS को बढ़ावा देने के लिए पहलें

  • राष्ट्रीय ऊर्जा भंडारण प्रणाली संवर्धन फ्रेमवर्क (2023): इसका उद्देश्य ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के विकास और उपयोग को बढ़ावा देना है।
  • राष्ट्रीय एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी भंडारण कार्यक्रम के लिए उत्पादन-से संबद्ध प्रोत्साहन योजना: इसका उद्देश्य भारत में ही उन्नत केमिस्ट्री सेल बैटरी विनिर्माण को बढ़ावा देना है।
  • व्यवहार्यता अंतराल वित्तपोषण (वायबिलिटी गैप फंडिंग) योजना: इसके तहत 2030-31 तक 4,000 MWh क्षमता वाली BESS परियोजनाओं के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • विद्युत नियमों में संशोधन (2022): इसके तहत 'ऊर्जा भंडारण प्रणाली' (ESS) को विद्युत प्रणाली का एक अनिवार्य और अभिन्न अंग माना गया है।
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

Energy Storage System (ESS)

A broader term encompassing various technologies that store energy for later use, including batteries, pumped hydro, and compressed air. Amendments in electricity rules have made ESS an integral part of the power system.

Viability Gap Funding (VGF)

A grant provided by the government to make projects more financially viable for private investors. It bridges the gap between the cost of the project and the revenue it is expected to generate, thereby encouraging investment in infrastructure and renewable energy.

Production Linked Incentive (PLI) Scheme

A scheme introduced by the Indian government to boost domestic manufacturing and attract foreign investment in key sectors. It provides incentives to eligible companies based on incremental sales of manufactured goods.

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet