अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर शोध कर रहे अंतरिक्ष यात्री ‘अंतरिक्ष में हेमेटोपोएटिक स्टेम कोशिकाओं का विकास (InSPA-StemCellEX-H2)’ पर अनुसंधान के माध्यम से पृथ्वी पर उपचार के लिए बड़ी मात्रा में स्टेम सेल तैयार करने के प्रयास जारी रखे हुए हैं।
- InSPA-StemCellEX-H2 शोध का लक्ष्य चिकित्सा और दवा निर्माण में उपयोग के लिए रक्त स्टेम कोशिकाओं का बड़े पैमाने पर उत्पादन करना है।
- अंतरिक्ष में माइक्रोग्रैविटी की स्थिति के कारण स्टेम कोशिकाओं के विकास के दौरान उनकी गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलती है। इससे इनकी उत्पादन क्षमता बढ़ सकती है और मरीज के अंगों द्वारा इन स्टेम कोशिकाओं को अस्वीकार करने का खतरा कम हो सकता है।
स्टेम कोशिकाएं क्या हैं?
- स्टेम कोशिकाएं शरीर की मूलभूत कोशिकाएं होती हैं, जिनसे अन्य सभी विशेष प्रकार की कोशिकाएं—जैसे रक्त कोशिकाएं, मस्तिष्क कोशिकाएं और हृदय की मांसपेशियों की कोशिकाएं—विकसित होती हैं।
- स्व-नवीकरण की क्षमता: इनमें विभाजित होकर अपनी ही समान प्रतियां बनाने की विशेष क्षमता होती है।
- अन्य कोशिकाओं में बदलने की क्षमता: इनमें शरीर में अलग-अलग कार्य करने वाली विभिन्न विशेष प्रकार की कोशिकाओं में बदलने की प्राकृतिक क्षमता होती है।
- स्टेम कोशिकाओं के प्रकार:
- स्रोत के आधार पर: भ्रूणीय स्टेम कोशिकाएं (ESCs), वयस्क/सोमेटिक स्टेम कोशिकाएं, और इंड्यूस्ड प्लुरिपोटेंट स्टेम कोशिकाएं (iPSCs)।
- अलग-अलग कोशिकाओं में विकसित होने की क्षमता के आधार पर:
- टोटिपोटेंट: जो सभी प्रकार की कोशिकाओं में विकसित होने में सक्षम हैं।
- प्लुरिपोटेंट: जो शरीर के अधिकतर ऊतकों में विकसित हो सकती हैं, लेकिन सभी में नहीं।
