लोकायन 26 अभियान | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

INS सुदर्शिनी, लोकायन 2026 / लोकायन 26 अभियान के तहत एंटीगुआ और बारबुडा (कैरेबियाई द्वीप) पहुँचा है।

लोकायन 26 अभियान के बारे में

  • यह 10 महीने की, 22,000 समुद्री मील लंबी अंतर-महासागरीय अभियान है। इसमें 3 देशों और 18 बंदरगाहों की यात्रा शामिल है।
  • इसे जनवरी 2026 में कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान से रवाना किया गया।
  • महत्व: यह वैश्विक महासागरीय क्षेत्र में भारत के बढ़ते प्रभाव को प्रदर्शित करता है और ‘महासागर’ (MAHASAGAR) दृष्टिकोण के अनुरूप है। 

INS सुदर्शिनी के बारे में

  • यह INS तरंगिणी के बाद भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी रूप से निर्मित नौकायन प्रशिक्षण पोत है।
  • इसका निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा किया गया है जिसका केंद्र कोच्चि में है।

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण आपूर्ति की अनिश्चितता के कारण निकेल की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है।

निकेल के बारे में

  • भारत द्वारा इसे 'अति-महत्वपूर्ण खनिज' (Critical mineral) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
  • विशेषताएं: यह चमकदार चाँदी जैसी सफेद धातु है, जिसकी तापीय और विद्युत चालकता कम है।
  • प्राप्ति: यह अपने शुद्ध रूप में प्राकृतिक अवस्था में नहीं पाया जाता है और इसे मॉन्ड प्रक्रिया का उपयोग करके प्राप्त किया जाता है।
    • मॉन्ड प्रक्रिया (या कार्बोनाइल प्रक्रिया) का उपयोग अशुद्ध निकेल को एक विशेष दो-चरणीय ऊष्मीय अपघटन विधि के माध्यम से अत्यधिक शुद्ध धातु में परिवर्तित करने के लिए किया जाता है।
  • उपयोग: इसका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहन, स्टेनलेस स्टील निर्माण आदि में किया जाता है।
  • वैश्विक स्थिति: इंडोनेशिया में इसका सबसे बड़ा निक्षेप (42%) है और इंडोनेशिया विश्व में सबसे बड़ा उत्पादक (54%) भी है।
  • भारत की स्थिति: भारत में इसकी संपूर्ण मांग आयात के माध्यम से पूरी की जाती है।
    • सबसे बड़े निक्षेप भारत में इसका सबसे बड़ा निक्षेप ओडिशा (93%) में पाया जाता है, इसके बाद झारखंड का स्थान आता है।

भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) ने NeSDA, 2025 पोर्टल प्रारंभ किया।

NeSDA 2025 के बारे में

  • यह DARPG द्वारा तैयार किया गया द्विवार्षिक (दो वर्षों में एक बार) मूल्यांकन फ्रेमवर्क है।
  • यह संयुक्त राष्ट्र ई-गवर्नमेंट सर्वेक्षण के ऑनलाइन सेवा सूचकांक पर आधारित है।
  • उद्देश्य: नागरिकों के दृष्टिकोण से ई-गवर्नेंस सेवा प्रदायगी तंत्र की प्रभावशीलता को मापना।
  • NeSDA के तहत मूल्यांकित सभी सरकारी पोर्टलों को दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:
    1. राज्य,संघ राज्य क्षेत्र (UT), शहर और केंद्रीय मंत्रालय के पोर्टल
    2. राज्य, संघ राज्य क्षेत्र, शहर और केंद्रीय मंत्रालय के सेवा पोर्टल।
  • मापदंड: यह राज्यों, संघ राज्य क्षेत्रों और केंद्रीय मंत्रालयों/ विभागों में ऑनलाइन सेवा प्रदायगी की उपलब्धता, सुलभता और परिपक्वता से जुड़े कई मापदंडों का मूल्यांकन करता है।
  • विस्तार: यह प्रमुख क्षेत्रकों में G2C (सरकार से नागरिक) और G2B (सरकार से व्यवसाय) सेवाओं को शामिल करता है।

हाल ही में, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने रूस में अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा फोरम (ISF) की पहली बैठक में भाग लिया।

प्रथम अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा फोरम के बारे में

  • इसका आयोजन रूसी संघ की सुरक्षा परिषद के अंतर्गत मास्को में किया गया।
  • भागीदारी: 120 देशों के प्रतिनिधि।
  • उद्देश्य: वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करना।
  • नोट: एक अन्य अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा फोरम (ISF) भी है, जिसे 2016 में पोलैंड गणराज्य के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री के संरक्षण में एक गैर-लाभकारी संगठन के रूप में स्थापित किया गया था।
    • इसके वार्षिक शिखर सम्मेलन का मुख्य केंद्र ट्रांस-अटलांटिक सुरक्षा, सहयोग तथा यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बीच संबंधों पर होता है।

'वैश्विक वार्षिक से दशकीय जलवायु अद्यतन 2026-2035' रिपोर्ट में अगले पांच वर्षों (2026-2030) के लिए गंभीर वैश्विक तापन और चरम जलवायु दशाओं की चेतावनी दी गई है।

रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु

  • जारीकर्ता: विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) द्वारा। यह रिपोर्ट यूनाइटेड किंगडम के मौसम विज्ञान कार्यालय द्वारा तैयार की जाती है।
  • प्रमुख निष्कर्ष:
    • 2026-2030 के दौरान वैश्विक तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.3°C से 1.9°C तक अधिक रहेगा।
    • 2030 से पहले अस्थायी रूप से 1.5°C की तापवृद्धि सीमा को पार करने की 91% संभावना है।
    • आर्कटिक क्षेत्र में सर्दियों का मौसम हाल के ऐतिहासिक औसत की तुलना में औसतन 2.8°C अधिक गर्म होगा।

विश्व मौसम-विज्ञान संगठन (WMO) के बारे में

  • यह संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक विशेषीकृत एजेंसी है।
  • मुख्यालय: जिनेवा (स्विट्जरलैंड) में।
  • कार्य: यह मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान, जल विज्ञान, और संबंधित भू-भौतिकीय विज्ञान में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है।
  • सदस्य: 193 सदस्य, जिनमें 187 सदस्य देश और 6 क्षेत्र शामिल हैं।

हाल ही में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में एक रंजकहीन (albino) हॉग डियर देखा गया।

  • ऐल्बिनिज़म या रंजकहीनता: यह एक दुर्लभ, वंशानुगत आनुवंशिक विकार है जिसमें शरीर मेलेनिन का उत्पादन बहुत कम या बिल्कुल नहीं करता है। मेलेनिन वह वर्णक है जो त्वचा, बालों और आँखों के रंग के लिए उत्तरदायी होता है।

हॉग डियर के बारे में

  • इसका यह नाम इसके सूअर (Hog) की भाँति सिर नीचे करके दौड़ने की शैली के कारण पड़ा है।
  • प्राप्ति क्षेत्र: यह सिंधु-गंगा के मैदानी क्षेत्रों तथा दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई हिस्सों में पाया जाता है, जिनमें भारत, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार शामिल हैं।
  • संरक्षण स्थिति:
    • IUCN लाल सूची: एंडेंजर्ड
    • वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: अनुसूची-1 के तहत संरक्षित।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की वन सलाहकार समिति (FAC) ने व्हाइट-बेलिड हेरॉन के संरक्षण से जुड़ी चिंताओं के बीच कलाई-II जलविद्युत परियोजना को सैद्धांतिक वन मंजूरी प्रदान कर दी है।

कलाई-II जलविद्युत परियोजना के बारे में

  • अवस्थिति: अंजाव जिला, अरुणाचल प्रदेश।
  • नदी: लोहित नदी (ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी)।

व्हाइट-बेलिड हेरॉन के बारे में

  • अन्य नाम: इम्पीरियल हेरॉन, ग्रेट व्हाइट-बेलिड हेरॉन।
  • वर्तमान प्राप्ति क्षेत्र: इनका प्राप्ति क्षेत्र पूर्वी हिमालय के दक्षिणी गिरिपाद तक सीमित है। ये मुख्य रूप से भूटान, पूर्वोत्तर भारत (असम और अरुणाचल प्रदेश) तथा उत्तरी म्यांमार में प्राप्त होते हैं।
  • विश्व में इनकी अनुमानित संख्या 60 से भी कम है, और भारत में इनकी संख्या केवल 10 तक रह गई है।
  • संरक्षण स्थिति:
    • IUCN लाल सूची: क्रिटिकली एंडेंजर्ड।
    • वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: अनुसूची-1 में सूचीबद्ध।

कुछ विशेषज्ञों के अनुसार बन्नी घास के मैदानों में NTPC की प्रस्तावित सौर परियोजना नाजुक पारितंत्र के लिए खतरा उत्पन्न कर सकती है।

बन्नी घास के मैदानों के बारे में

  • यह गुजरात के कच्छ जिले में स्थित विशिष्ट लवण-सहिष्णु घास का मैदान पारितंत्र है।
  • यह एशिया का सबसे बड़ा उष्णकटिबंधीय घास का मैदान है, जो विवर्तनिक गतिविधियों के कारण समुद्र से उभरकर बना है।
  • यहाँ विभिन्न पशुचारक समुदाय, जैसे कि मालधारी, रबारी, मुतवा और मेघवाल निवास करते हैं।
  • यहाँ एक दुर्लभ प्रकाश परिघटना (चिर बत्ती या घोस्ट लाइट्स) देखने को मिलती है, जहां सूर्यास्त के बाद समतल मैदानों पर दुर्लभ प्रकाश दिखाई देता है।
  • इन घास के मैदानों में स्थित छारी ढांड आर्द्रभूमि को 2026 में रामसर स्थल का दर्जा प्रदान किया गया।

'सेवलाइफ फाउंडेशन बनाम भारत संघवाद में, उच्चतम न्यायालय ने 'ट्रॉमा केयर के अधिकार' को अनुच्छेद 21 के तहत ‘जीवन के अधिकार’ का एक अभिन्न अंग माना है। 

  • उच्चतम न्यायालय ने ट्रॉमा केयर में सुधार करने के लिए भी निर्देश दिए हैं। इनमें शामिल हैं-सभी आपातकालीन हेल्पलाइनों का '112' नंबर के साथ एकीकृत करना, पीएम राहत कैशलेस उपचार योजना का संचालन और 'गुड समैरिटन' (नेक इंसान) शिकायत निवारण प्रणालियों की स्थापना करना।
  • अनुच्छेद 21, ‘प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता के संरक्षण’ के मूल अधिकार की गारंटी देता है।
    • न्यायिक व्याख्याओं ने इस अनुच्छेद के अधिकार का विस्तार करके इसमें निजता के संरक्षण का अधिकार (राइट टू प्राइवेसी)स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार आदि को भी शामिल किया है।

ट्रॉमा केयर क्यों महत्वपूर्ण है?

  • राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, भारत में प्रतिवर्ष लगभग 4.67 लाख लोग दुर्घटनाओं में अपनी जान गवां देते हैं।
  • विधि आयोग की 201वीं रिपोर्ट के अनुसार, समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली लगभग आधी मौतों को रोका जा सकता है।
  • आपातकालीन देखभाल में होने वाली देरी के कारण ट्रॉमा से संबंधित कम-से-कम 30% लोगों की मौत होती है। (नीति आयोग-एम्स आपातकालीन और ट्रॉमा केयर रिपोर्ट, 2021)
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

गोवा शिपयार्ड लिमिटेड

गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है जो नौसेना के जहाजों और अन्य समुद्री जहाजों का निर्माण करता है। INS सुदर्शिनी का निर्माण GSL द्वारा ही किया गया है।

दक्षिणी नौसेना कमान

दक्षिणी नौसेना कमान भारतीय नौसेना का एक प्रमुख परिचालन कमान है जिसका मुख्यालय कोच्चि में स्थित है। यह भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े के दक्षिणी हिस्सों की सुरक्षा और परिचालन की जिम्मेदारी संभालता है।

MAHASAGAR

Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions (MAHASAGAR) is an initiative by India aimed at enhancing maritime security and cooperation in the Indian Ocean region. It focuses on shared security concerns, sustainable resource management, and capacity building for littoral states.

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet