भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और नेपाल के नेशनल पेमेंट्स इंटरफेस (NPI) के बीच लिंक की शुरुआत की गई ताकि दोनों देशों के बीच धन प्रेषण (रेमिटेंस) को सहज बनाया जा सके। यह पहल नेपाल के विदेश मंत्री की भारत यात्रा के दौरान शुरू की गई।
UPI के बारे में
- शुरुआत: 11 अप्रैल, 2016 को 'भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम' (NPCI) द्वारा।
- विकास: UPI एक त्वरित भुगतान प्रणाली है। इसका विकास NPCI ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के विनियामक पर्यवेक्षण में किया है।
- डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: भारत के कुल डिजिटल भुगतान में UPI की हिस्सेदारी लगभग 85% है और विश्व स्तर पर रियल-टाइम भुगतान में इसकी हिस्सेदारी 49% है। इस तरह यह प्रणाली वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती है।
- प्रमुख विशेषताएँ:
- टू-फैक्टर सत्यापन: लिंक किए गए मोबाइल नंबर और UPI पिन के माध्यम से दो बार सत्यापन के द्वारा सुरक्षित लेन-देन सुनिश्चित किया जाता है।
- 24×7 एवं प्रत्यक्ष भुगतान: सप्ताहांत और बैंक अवकाशों सहित किसी भी समय और किसी भी दिन तत्काल पैसे भेजने या प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है। लाभार्थी यानी पैसे प्राप्त करने वाले का पंजीकरण किए बिना उसके खाते में सीधे भुगतान किया जा सकता है।
- एक से अधिक बैंक खातों को जोड़ने की सुविधा: एक ही UPI ऐप के माध्यम से कई बैंक खातों को लिंक करने और उनका प्रबंधन करने की सुविधा देता है।
- बिल और QR कोड: यूटिलिटी बिल भुगतान, रिचार्ज, EMI भुगतान और ऑटो-पे के माध्यम से आवर्ती भुगतान (रेकरिंग पेमेंट्स) की सुविधा प्रदान की गई।
- परस्पर समन्वय: विभिन्न बैंकों और UPI-आधारित ऐप्स के बीच बिना किसी बाधा के लेनदेन की सुविधा प्रदान करता है।
- लेन-देन का रिकॉर्ड: UPI के माध्यम से किए गए सभी लेनदेन बैंकों द्वारा दर्ज किए जाते हैं और बैंक स्टेटमेंट (खाता विवरण) में दिखाई देते हैं।
- तकनीक: UPI का निर्माण 'त्वरित भुगतान सेवा' यानी इमीडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) अवसंरचना पर किया गया है, जिससे पैसों का त्वरित और सुरक्षित लेनदेन संभव होता है
- अन्य देश जहाँ UPI से भुगतान स्वीकार किया जाता है: संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर। हाल ही में भारत ने कंबोडिया में भी आंशिक रूप से UPI सेवा शुरू की है।
भारत-नेपाल के बीच अन्य पहलों की शुरुआत
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