भारत में अवसंरचना विकास में अत्यधिक निवेश हुआ है। सरकारी पूंजीगत व्यय जो वित्त वर्ष 2014-15 में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये था, वह वित्त वर्ष 2026-27 में बढ़कर 12.2 लाख करोड़ रुपये हो गया।

आगे की राह
हालांकि अवसंरचना विकास को वित्तीय संसाधनों की कमी, भ्रष्टाचार और पर्यावरणीय प्रभाव जैसी कई चुनौतियों का सामना करता है, फिर भी नए वित्तपोषण तंत्र, प्रभावी सुशासन और सामुदायिक भागीदारी पर आधारित समग्र दृष्टिकोण इसके व्यापक लाभ सुनिश्चित कर सकता है।