भारतीय गुणवत्ता परिषद ने विश्व प्रत्यायन दिवस 2025 (World Accreditation Day 2025) मनाया।
विश्व प्रत्यायन दिवस 2025 के बारे में
- यह दिवस 9 जून को मनाया गया।
- यह इंटरनेशनल लेबोरेटरी एक्रेडिटेशन को-ऑपरेशन (ILAC) और इंटरनेशनल एक्रेडिटेशन फोरम (IAF) द्वारा प्रत्यायन के महत्व को बढ़ावा देने के लिए एक वैश्विक पहल है।
- इस वर्ष की थीम थी; ‘प्रत्यायन: लघु और मध्यम उद्यमों (SMEs) को सशक्त बनाना’।
भारतीय गुणवत्ता परिषद के बारे में
- स्थापना: इस परिषद की स्थापना 1996 में एक राष्ट्रीय प्रत्यायन संस्था के रूप में की गई।
- प्रत्यायन (Accreditation) एक स्वतंत्र सत्यापन प्रक्रिया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि परीक्षण और प्रमाणीकरण संस्थाएं मान्यता प्राप्त मानकों को पूरा करती हैं।
- QCI एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के माध्यम से एक स्वतंत्र स्वायत्त संगठन के रूप में कार्य करती है।
- इसे भारत सरकार तथा तीन प्रमुख उद्योग संघों - एसोचैम, CII, और फिक्की (FICCI) का समर्थन प्राप्त है।
- नोडल विभाग: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT)।
- QCI के अध्यक्ष की नियुक्ति उद्योग जगत द्वारा सरकार को की गई सिफारिशों के आधार पर प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है।
Article Sources
1 sourceसंयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 2026 को 'अंतर्राष्ट्रीय महिला कृषक वर्ष' घोषित किया है।
- यह संकल्प संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा रखा गया और सर्वसम्मति से अपनाया गया।
- उद्देश्य:
- खाद्य सुरक्षा, पोषण और गरीबी उन्मूलन में महिला कृषकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना।
- लैंगिक समानता को बढ़ावा देना और महिलाओं को सशक्त बनाना।
Article Sources
1 sourceNTPC ने स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के रोडमैप के लिए SEforALL के साथ साझेदारी की है।
सस्टेनेबल एनर्जी फॉर ऑल (SEforALL) के बारे में:
- इसे वर्ष 2011 में संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव बान की मून द्वारा शुरू किया गया था।
- यह एक स्वतंत्र संगठन है, जिसे संयुक्त राष्ट्र परियोजना सेवा कार्यालय (UNOPS) द्वारा होस्ट किया जाता है।
- वैश्विक उद्देश्य: उभरते और विकासशील देशों में स्वच्छ ऊर्जा अपनाने (एनर्जी ट्रांजीशन) की प्रगति को तेज करना।
UNOPS के बारे में:
- यह अब एक स्वतंत्र और स्व-वित्तपोषित संयुक्त राष्ट्र एजेंसी है।
- यह 1994 तक संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) का अंग था।
- मुख्यालय: कोपेनहेगन (डेनमार्क) में।
- उद्देश्य:
- संयुक्त राष्ट्र प्रणाली और उसके साझेदारों को परियोजना सेवाएं प्रदान करना।
- मानवता संबंधी और विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सहायता करना।
- सतत विकास तथा सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) पर विशेष ध्यान केंद्रित करना।
वैज्ञानिकों ने निकेल खनन की एक नई तकनीक विकसित की है। इस तकनीक में कम ऊर्जा की जरूरत पड़ती है और मौजूदा तकनीक की तुलना में प्रत्यक्ष रूप से 84% कम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन करती है।
निकेल के बारे में
- इसकी परमाणु संख्या (एटॉमिक नंबर) 28 है।
- गुण: चमकदार, चांदी जैसी सफेद धातु जो कठोर और तन्य (ductile) है तथा चुंबकीय गुण प्रदर्शित कर सकता है। इसमें लौह (ferrous) और अलौह (non-ferrous), दोनों प्रकार के गुण पाए जाते हैं।
- मुख्य खनिज: पेंटलैंडाइट (Pentlandite), गार्निएराइट (garnierite) और निकेलिफेरस लिमोनाइट (nickeliferous limonite) आदि।
- उपयोग:
- जंगरोधी होने के कारण अन्य धातुओं पर परत चढ़ाने में;
- रिचार्जेबल बैटरी, विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) में किया जाता है।
जर्मनी में वेंडेलस्टीन 7-X स्टेलरेटर के वैज्ञानिकों ने 30 मिलियन डिग्री सेल्सियस तक प्लाज्मा को गर्म करके एक रिकॉर्ड फ्यूजन प्रदर्शन हासिल किया है।
स्टेलरेटर के बारे में
- परिभाषा: स्टेलरेटर ऐसे फ्यूजन रिएक्टर होते हैं जो प्लाज्मा को एक डोनट के आकार की नली (टोरस) में बंद करने के लिए चुंबकीय क्षेत्रों का उपयोग करते हैं। इससे फ्यूजन के लिए आवश्यक परिस्थितियां बनती हैं।
- कार्यप्रणाली: ये शक्तिशाली इलेक्ट्रोमैग्नेट का उपयोग करते हैं जो घुमावदार चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करते हैं। ये क्षेत्र डोनट के आकार के चारों ओर लिपटे होते हैं।
- टोकामक की तुलना में फायदे: जैसे- कम बिजली की आवश्यकता; अधिक डिज़ाइन लचीलापन; प्लाज्मा को नियंत्रित करना अधिक आसान।
- उदाहरण:विस्कॉन्सिन आदि में हेलिकली सिमेट्रिक एक्सपेरिमेंट (HSX) स्टेलरेटर।
चीन में एजियाओ की मांग के कारण पाकिस्तान में गधे की कीमतों में अत्यधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई हैं।
एजियाओ के बारे में:
- यह एक जिलेटिन है जिसका उपयोग निम्नलिखित में किया जाता है:
- यह एक पारंपरिक चीनी दवा है। इसे गधे की खाल को उबालकर और गाढ़ा करके बनाया जाता है।
- इसके लाभ: थकान दूर करने, प्रतिरक्षा बढ़ाने, ट्यूमर हटाने, और एनीमिया में लाभकारी है।
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला टार्डिग्रेड्स को एक प्रयोग के लिए अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर ले जाएंगे।
टार्डिग्रेड्स (जलीय भालू या मॉस पिगलेट) के बारे में
- विशिष्टता: यह आधा मिलीमीटर लंबा आठ पैरों वाला खंडित सूक्ष्म जीव है।
- अत्यंत कठोर: क्रिप्टोबायोसिस, क्रशिंग प्रेशर और विकिरण के माध्यम से चरम उष्ण और शीत तापमान के स्तर को सहन कर सकता है। यह जीव दुनिया भर में पाया जाता है।
- क्रिप्टोबायोसिस प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों से बचने के लिए अत्यधिक निष्क्रियता की स्थिति है। क्रिप्टोबायोटिक अवस्था में, सभी चयापचय प्रक्रियाएं रुक जाती हैं। इससे प्रजनन, विकास और मरम्मत में बाधा आती है।
- इसके दो वर्गों की पहचान की गई है: यूटार्डिग्रेडा और हेटेरोटार्डिग्रेडा (इसमें कुछ समुद्री प्रजातियां शामिल हैं)।