प्रधान मंत्री ने असम के नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) में पॉलीप्रोपाइलीन संयंत्र की आधारशिला रखी।
पॉलीप्रोपाइलीन के बारे में
- यह एक सिंथेटिक रेजिन है, जो प्रोपाइलीन के पॉलीमराइजेशन से बनता है।
- पॉलीप्रोपाइलीन को मजबूत, लचीलापन, वजन में हल्के और ताप-प्रतिरोधी गुणों वाले कई प्लास्टिक उत्पादों में ढाला जाता है।
- विशेषताएँ: यह रासायनिक क्षरण का अत्यधिक प्रतिरोधी होता है, जिसकी वजह से पैकेजिंग में इसका अधिक उपयोग होता है। इसमें उच्च इन्सुलेशन और जलरोधी (वाटरप्रूफ) गुण भी प्राप्त होते हैं।
- मुख्य उपयोग: इसका उपयोग फाइबर, वस्त्र, पैकेजिंग, पाइप, चिकित्सा उपकरणों, और इलेक्ट्रिकल उपकरणों के निर्माण में होता है।
Article Sources
1 sourceहाल के एक अध्ययन के अनुसार वायनाड भूस्खलन वास्तव में एक ‘ग्रे राइनो परिघटना’ थी।
ग्रे राइनो परिघटना क्या है?
- ग्रे राइनो ऐसी परिघटनाओं को कहते हैं जिनके घटित होने की आशंका अधिक होती है और जिनका असर बहुत व्यापक होता है, फिर भी इन्हें नज़रअंदाज़ किया जाता है।
- ये परिघटनाएं अचानक या अप्रत्याशित नहीं घटित होती (जैसे कि ब्लैक स्वान घटित होती हैं) बल्कि इनके बारे में पहले से चेतावनी दी गई होती है और सबूत भी मौजूद होते हैं।
वायनाड भूस्खलन को ‘ग्रे राइनो परिघटना’ क्यों कहा गया?
- अध्ययन के अनुसार, वायनाड भूस्खलन उस क्षेत्र में हुआ जिसे पहले से ही भूस्खलन-प्रवण क्षेत्र के रूप में पहचान की गई थी। हाल के वर्षों में यहाँ बार-बार भूस्खलन भी हुए थे, फिर भी सरकार ने इसे अनदेखा कर दिया।
हाल ही में, झारखंड की ‘हो’ जनजाति ने अपनी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था ‘मानकी-मुंडा’ में हस्तक्षेप के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया।
- पारंपरिक मुंडा-मानकी व्यवस्था में निम्नलिखित शामिल हैं:
- मुंडा: वंशानुगत ग्राम प्रधान, जो गांव स्तर पर सामाजिक-राजनीतिक विवादों का समाधान करता है।
- मानकी: क्षेत्रीय प्रधान, जो मुंडा के स्तर पर नहीं अनसुलझे विवादों का समाधान करता है।
‘हो’ जनजाति के बारे में
- इन्हें हो, होडोको, होरो, कोल्हा आदि नामों से भी जाना जाता है।
- नृजातीय समूह: ऑस्ट्रो एशियाटिक मुंडा नृजातीय समूह।
- प्राप्ति क्षेत्र: झारखंड के कोल्हान क्षेत्र और ओडिशा में। साथ ही पश्चिम बंगाल, बिहार, बांग्लादेश और नेपाल में भी उनकी आबादी प्राप्त होती है।
- इन्हें ‘विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG)’ में शामिल नहीं किया गया है।
विदेश मंत्रालय के स्तर पर पहली ‘भारत-ईरान-उज़्बेकिस्तान त्रिपक्षीय बैठक’ तेहरान में आयोजित की गई।
- बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उज़्बेकिस्तान को भारत के साथ व्यापार में चाबहार पोर्ट का अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC) के अलावा बंदरगाहों की रणनीतिक अवस्थिति का भी लाभ उठाने पर सहमति बनी।
- हाल ही में, भारत-ईरान-अर्मेनिया ने भी अपनी त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य जोर अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा और अर्मेनिया के माध्यम से चाबहार पोर्ट के उपयोग पर रहा।
फिलीपींस ने स्कारबोरो शोल पर चीन द्वारा नेचर रिजर्व स्थापित करने के कदम की कड़ी आलोचना की है।
स्कारबोरो शोल के बारे में

- स्कारबोरो शोल को चीन में हुआंगयान द्वीप और फिलीपींस में पानाटैग शोल कहा जाता है। यह दक्षिणी चीन सागर में स्थित एक लघु एटॉल है।
- चीन और फिलीपींस, दोनों देश इसे अपना हिस्सा मानते हैं।
ज़ापाड-2025 (Zapad-2025)
भारत ने रूस और बेलारूस द्वारा आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास ज़ापाड-2025 में हिस्सा लिया। यह सैन्य अभ्यास रूस में आयोजित किया गया।
ज़ापाड अभ्यास के बारे में
- इसकी शुरुआत 1999 में हुई थी। यह बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाला बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास है। यह 2009 से हर चार साल पर आयोजित होता है।
- उद्देश्य: बाहरी खतरों के खिलाफ अपनी रक्षा क्षमता का आकलन करना।
- अभ्यास में शामिल हथियार: इसमें परमाणु-सक्षम हथियारों के साथ प्रशिक्षण शामिल है। इसमें रूस की हाइपरसोनिक जिरकॉन मिसाइल भी शामिल होती है।
भारतीय नौसेना को स्वदेश में निर्मित एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW) पोत ‘आन्द्रोत’ सौंपा गया।
आन्द्रोत के बारे में
- यह आठ एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW SWC) में से दूसरा पोत है। इन्हें गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता द्वारा बनाया जा रहा है।
- इसका नाम आन्द्रोत द्वीप से लिया गया है, जो लक्षद्वीप का हिस्सा है।
- ये पोत डीजल इंजन-वाटर जेट के संयोजन से संचालित होते हैं। यह अत्याधुनिक हल्के टॉरपीडो और स्वदेशी एंटी-सबमरीन वारफेयर रॉकेट्स से भी लैस है।
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1 sourceजैस्मिन लंबोरिया और मीनाक्षी हुड्डा ने हाल ही में आयोजित वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2025 में स्वर्ण पदक जीते हैं।
वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2025 के बारे में
- यह यूनाइटेड किंगडम के लिवरपूल में आयोजित हुई।
- पहली बार पुरुष और महिला, दोनों वर्गों की प्रतिस्पर्धाएं एक साथ आयोजित की गईं।
- भारत ने कुल चार पदक जीते: जैस्मिन लंबोरिया (57 किलोग्राम वर्ग) और मीनाक्षी हुड्डा (48 किलोग्राम) ने स्वर्ण पदक तथा नूपुर श्योराण ने रजत पदक और पूजा रानी ने कांस्य पदक जीते।
- कज़ाख़िस्तान पदक तालिका में शीर्ष पर रहा।