केंद्र सरकार गांव की सामूहिक भूमि यानी विलेज कॉमन्स को अलग भूमि-उपयोग श्रेणी के रूप में मान्यता देने पर विचार कर रही है।
गांव की सामूहिक भूमि क्या है?
- गांव की सामूहिक भूमि वे संसाधन हैं जिनका सामूहिक रूप से प्रबंधन किया जाता है। इनमें चरागाह भूमि, तालाब, झीलें, जंगल आदि शामिल होते हैं।
- महत्व
- ग्रामीण लोगों की आजीविका में सहायक;
- जैव विविधता संरक्षण में योगदान;
- पर्यावरणीय सेवाएं प्रदान करती हैं।
- वर्तमान स्थिति: राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन (NSSO), 1998 के अनुसार गाँव की सामूहिक भूमि भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 15% हिस्सा है।
- प्रमुख समस्याएँ: अतिक्रमण, गलत या अवैध उपयोग, बढ़ता जनसंख्या दबाव और विकास संबंधी गतिविधियां।
भारत और विश्व बैंक के बीच 2026–2031 अवधि के लिए नया देशीय साझेदारी फ्रेमवर्क (New Country Partnership Framework: NCPF) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
- इसके तहत भारत को 8–10 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
NCPF के बारे में
- यह साझेदारी निजी क्षेत्र के नेतृत्व में रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित करती है।
- इसके तहत कौशल सुधार; लघु और मध्यम उद्यमों (SMEs) की बाधाओं को कम करने, तथा विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर सृजन को प्रोत्साहित किया जाता है।
- NCPF के चार प्रमुख रणनीतिक लक्ष्य:
- ग्रामीण समृद्धि बढ़ाना और चुनौती से निपटने में सक्षम बनाना: कृषि के अलावा अन्य स्रोतों से आय सृजन के अवसर के माध्यम से;
- शहरी क्षेत्र में रूपांतरण को बढ़ावा देना: ऐसा इसलिए क्योंकि भारत की शहरी आबादी वर्ष 2050 तक बढ़कर 80 करोड़ होने का अनुमान है;
- जन सुविधाओं में निवेश करना: स्वास्थ्य-देखभाल, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना;
- ऊर्जा सुरक्षा, मूल अवसंरचना और जलवायु लचीलापन मजबूत करना। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक परिवहन (ई-मोबिलिटी) पर भी ध्यान दिया जाता है।
बिहार सरकार राशन वितरण व्यवस्था को आसान बनाने के लिए अन्नपूर्ति एटीएम (Grain ATM) स्थापित कर रही है।
अन्नपूर्ति एटीएम क्या है?
- यह एक स्वचालित मशीन है, जिससे गेहूं और चावल लाभार्थियों को वितरित किए जाते हैं।
- विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने ओडिशा में 2024 में अन्नपूर्ति एटीएम की शुरुआत की थी। WFP के अनुसार यह मशीन अनाज वितरण में प्रतीक्षा समय में 70% तक कमी कर सकती है।
- इस मशीन की तकनीक विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) द्वारा विकसित की गई। इसमें भारतीय खाद्य निगम (FCI) और विभिन्न राज्य सरकारों का सहयोग रहा है।
- महत्व: यह एटीएम प्रौद्योगिकी आधारित कल्याण प्रणाली के माध्यम से खाद्य सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। इसके निम्नलिखित लाभ हैं:
- तेज और पारदर्शी तरीके से अनाज वितरण,
- लीकेज और भ्रष्टाचार की संभावना कम होना,
- लाभार्थियों को सम्मानजनक और भरोसेमंद तरीके से राशन मिलना।
Article Sources
1 sourceकेंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने भारत की रामसर सूची में 2 नई आर्द्रभूमियों के सूचीबद्ध होने की घोषणा की। ये हैं; पटना पक्षी अभयारण्य और और छारी-ढांड।
- अब रामसर अभिसमय के तहत भारत में कुल आर्द्रभूमियों की संख्या 98 हो गई है।
पटना पक्षी अभयारण्य के बारे में
- यह उत्तर प्रदेश के एटा जिले में स्थित एक संरक्षित अभयारण्य है। इसकी स्थापना 1991 में हुई थी।
- यह उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा पक्षी अभयारण्य है।
- यहाँ कई प्रकार के जलीय पक्षी प्राप्त होते हैं, जैसे कि: लेसर विसलिंग-बतख, ग्रेलाग कलहंस, कॉम्ब बतख, रडी शेलडक, गॉडवाल, यूरेशियन विजन, इंडियन स्पॉट-बिल्ड बतख, नॉर्दर्न शोवेलर और नॉर्दर्न पिनटेल।
छारी-ढांढ आर्द्रभूमि रिजर्व के बारे में
- यह गुजरात के कच्छ जिले में शुष्क बन्नी घास के मैदानों और कच्छ के रण में नमक के दलदली मैदानों के किनारे पर स्थित है।
- कच्छी भाषा में 'छारी' का अर्थ है "खारा" और 'ढांढ' का अर्थ है "उथली आर्द्रभूमि"।
- यह कई संकटापन्न प्रजातियों का पर्यावास है। इनमें शामिल हैं; डेलमेटियन पेलिकन, ओरिएंटल डार्टर, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क और इंडियन स्किमर।
- यह क्षेत्र "चिर बत्ती" (Chir Batti) या ‘भूतिया रोशनी' के लिए भी प्रसिद्ध है। यह बन्नी घास के मैदानों में अंधेरी रातों में देखी जाने वाली एक अद्भुत परिघटना है।
Article Sources
1 sourceभारतीय रेलवे ने रेल सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए कवच 4.0 (Kavach 4.0) की स्थापना में तेजी ला दी है।
कवच 4.0 के बारे में:
- यह भारत की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (Automatic Train Protection - ATP) प्रणाली का नवीनतम और सबसे अत्याधुनिक संस्करण है।
- प्रमुख विशेषताएं:
- इसमें माइक्रोप्रोसेसर, ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) और रेडियो संचार तकनीकों का एक साथ उपयोग किया गया है।
- यह सिग्नल पासिंग एट डेंजर (SPAD) के खिलाफ स्वचालित सुरक्षा प्रदान करता है और ट्रेनों के बीच आमने-सामने की टक्कर को रोकता है।
- यह लगातार ट्रेन की गति की निगरानी करता है और ओवरस्पीडिंग को नियंत्रित करता है। यह कम दृश्यता या खराब मौसम के दौरान भी सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करता है।
- यदि ट्रेन गलत दिशा में या रिवर्स (पीछे की ओर) चलती है, तो यह प्रणाली तुरंत अलर्ट उत्पन्न करती है।
- यह SIL-4 मानकों का अनुपालन करता है, जो विश्व स्तर पर सुरक्षा मानक का उच्चतम स्तर है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने घोषणा की है कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) ऋण वितरण को बढ़ाने के लिए अपने ऋण उत्पादों में विविधता लाएंगे।
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) के बारे में
- इनकी स्थापना RRB अधिनियम, 1976 के प्रावधानों के तहत की गई थी।
- स्वामित्व संरचना: इन बैंकों का संयुक्त स्वामित्व भारत सरकार (50% हिस्सेदारी), प्रायोजक बैंक (35%) और राज्य सरकार (15%) के पास है।
- विनियमन: ये भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत विनियमित होते हैं।
- पर्यवेक्षण: इनका पर्यवेक्षण नाबार्ड द्वारा किया जाता है।
- उद्देश्य: इनका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, व्यापार, वाणिज्य, उद्योग और अन्य उत्पादक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
- प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रक ऋण (PSL): RRBs के लिए अपने कुल ऋण का न्यूनतम 75% हिस्सा प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रक (Priority Sector) को देना अनिवार्य है। इसे 2016 में संशोधित किया गया था। इसके लिए RBI ने उप-लक्ष्य (सब-टार्गेट्स) निर्धारित किए हैं।
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ने हेलिक्स निहारिका की एक अद्भुत तस्वीर कैद की है।
- यह नई तस्वीर वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करेगी कि मरते हुए तारे अंतरिक्ष में कार्बन जैसे तत्वों को कैसे पुनर्चक्रित करते हैं, जिससे भविष्य में नए तारों और ग्रहों का निर्माण होता है।
निहारिका क्या है?
- ये अंतरिक्ष में गैस और धूल के विशाल बादल होते हैं।
- इन्हें अक्सर तारों का 'जन्मस्थान' और 'कब्रिस्तान' कहा जाता है।
अंतरिक्ष के अन्य महत्वपूर्ण पिंड :
- सेफिड्स (Cepheids): ये वे तारे हैं जिनकी चमक समय-समय पर घटती और बढ़ती रहती है।
- पल्सर (Pulsars): ये तेजी से घूर्णन करने वाले न्यूट्रॉन तारे हैं। इनसे बहुत ही नियमित अंतराल पर विकिरण की किरणें निकलती हैं।
हाल के एक अध्ययन के अनुसार सौर कोरोना से निकलने वाला एक सूक्ष्म कोरोनल मास इजेक्शन (CME) भी पृथ्वी पर तीव्र भू-चुंबकीय तूफान उत्पन्न कर सकता है।
कोरोनल मास इजेक्शन (CME) के बारे में
- यह सूर्य के कोरोना (बाहरी वायुमंडल) से प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र का विशाल उत्सर्जन है।
- गति और प्रभाव: CME अंतरिक्ष में बहुत उच्च गति से यात्रा करते हैं और पृथ्वी के चुंबकीय मंडल (magnetosphere) में व्यवधान उत्पन्न कर सकते हैं। इससे भू-चुंबकीय तूफान आते हैं।
- कारण: ये अक्सर सौर ज्वालाओं (solar flares) और सक्रिय सौर कलंक (sunspot) क्षेत्रों से जुड़े होते हैं।
- प्रभाव: इनके कारण उपग्रहों, पावर ग्रिड, नेविगेशन सिस्टम (जैसे-GPS) और रेडियो संचार, आदि में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है।
Article Sources
1 sourceभारत के विदेश मंत्री ने अरब लीग के मंत्रियों से संवाद के जरिए संबंधों को मजबूत करने पर बल दिया।
अरब देशों के संघ (या अरब लीग) के बारे में
- यह मध्य पूर्व और अफ्रीका के कुछ हिस्सों के अरब देशों का एक अंतर-सरकारी क्षेत्रीय संगठन है।
- स्थापना: इसकी स्थापना 1945 में काहिरा में हुई थी। यह 1944 के अलेक्जेंड्रिया प्रोटोकॉल को अपनाने के बाद अस्तित्व में आया।
- मुख्यालय: काहिरा (मिस्र)
- अधिदेश (Mandate): सदस्य देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना; नीतियों का समन्वय करना तथा राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक तथा विधिक मुद्दों पर सहयोग करना।
- सदस्य: 22 देश। इनमें फिलिस्तीन (एक देश के रूप में मान्यता प्राप्त) भी शामिल है।
- इसके संस्थापक सदस्य हैं: मिस्र, सीरिया, लेबनान, इराक, जॉर्डन, सऊदी अरब और यमन।