उच्चतम न्यायालय ने ऑटिज्म के उपचार के लिए स्टेम सेल के उपयोग को अनैतिक घोषित किया | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

In Summary

  • सर्वोच्च न्यायालय ने ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के लिए स्टेम सेल थेरेपी पर प्रतिबंध लगा दिया है क्योंकि इसकी सुरक्षा और प्रभावकारिता सिद्ध नहीं हुई है।
  • आईसीएमआर और एनएमसी एएसडी के लिए एससीटी की सिफारिश नहीं करते हैं; अनुमोदित नैदानिक ​​परीक्षणों के बाहर इसका उपयोग पेशेवर कदाचार माना जाता है।
  • ऊतक पुनर्जनन के लिए विशेष कोशिकाओं का उपयोग करने वाली स्टेम सेल थेरेपी, केवल रक्त संबंधी विकारों के लिए ही मानक उपचार है।

In Summary

उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट रूप से चिकित्सा पेशेवरों (डॉक्टरों) को ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) के इलाज के रूप में स्टेम सेल थेरेपी (SCT) प्रदान करने से रोक दिया है।

  • ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) एक स्नायु-विज्ञान विषयक (न्यूरोलॉजिकल) और विकासात्मक विकार है। यह लोग दूसरों के साथ कैसे अंतर्क्रिया करते हैं, संवाद करते हैं, सीखते हैं और व्यवहार करते हैं इन सभी को प्रभावित करता है।

ASD के लिए स्टेम सेल थेरेपी के उपयोग से जुड़े नैतिक मुद्दे

  • प्रभावकारिता का प्रमाण: इसमें सुरक्षा और प्रभावशीलता के ठोस प्रमाणों की कमी है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा इसकी सिफारिश नहीं की जाती है।
  • अनैतिक व्यावसायिक उपयोग: इसे नियमित उपचार के रूप में प्रस्तुत करना स्वीकृत चिकित्सा मानकों और नैतिकता (बोलम टेस्ट) का उल्लंघन है।
  • सहमति परमाधिकार नहीं है: संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत रोगी की स्वायत्तता (स्वतंत्रता) अप्रमाणित और असुरक्षित उपचारों को चुनने तक विस्तारित नहीं है।
  • केवल अनुसंधान की अनुमति: इसकी अनुमति केवल स्वीकृत नैदानिक परीक्षणों में है, वह भी विनियामक और नैतिक सुरक्षा उपायों के साथ।
  • पेशेवर कदाचार: इसका उपयोग, प्रचार या विज्ञापन करना NMC मानदंडों के तहत पेशेवर कदाचार माना जाएगा।

स्टेम सेल थेरेपी (SCT) क्या है?

  • यह किसी स्वास्थ्य स्थिति या बीमारी के इलाज के रूप में स्टेम सेल्स का उपयोग करती है।
    • स्टेम सेल्स: ये विशेष कोशिकाएं होती हैं, जो आमतौर पर भ्रूण और वयस्क कोशिकाओं में पाई जाती हैं। ये विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं में बदल सकती हैं। कुछ मामलों में इनमें स्वयं को नवीनीकृत करने की क्षमता भी होती है।
  • मानक अनुप्रयोग: ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर), लिंफोमा, पार्किंसंस रोग आदि।
    • ICMR ने (दिशा-निर्देश, 2021) स्टेम सेल थेरेपी को केवल हेमेटोलॉजिकल विकारों (रक्त और रक्त बनाने वाले अंगों के विकार) के लिए मानक उपचार के रूप में मान्यता दी थी।
  • लाभ: 
    • ऊतक पुनर्जनन को सक्षम बनाती है;
    • विशेष रूप से उन बीमारियों में जहां पारंपरिक उपचार सीमित हैं, लक्षित उपचार और संभावित इलाज प्रदान करती है, आदि।
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

हेमेटोलॉजिकल विकारों

रक्त और रक्त बनाने वाले अंगों से संबंधित विकार, जैसे कि ल्यूकेमिया और लिंफोमा, जिनका स्टेम सेल थेरेपी से उपचार किया जा सकता है।

अनुच्छेद 21

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा का अधिकार प्रदान करता है। सर्वोच्च न्यायालय ने इसे गरिमा के साथ जीवन जीने के अधिकार के विस्तार के रूप में व्याख्यायित किया है, जिसमें मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रबंधन तक पहुंच भी शामिल है।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC)

भारत में चिकित्सा शिक्षा और अभ्यास को विनियमित करने वाली एक वैधानिक संस्था, जो चिकित्सा पेशेवरों के पंजीकरण और आचरण के मानकों को निर्धारित करती है।

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet