विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) कोष के तहत पहला 'ओपन कॉल' लॉन्च किया | Current Affairs | Vision IAS
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  • प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर (टीआरएल) 4 और उससे ऊपर की परियोजनाओं के समर्थन के लिए अपना पहला आरडीआई फंड कॉल लॉन्च किया है।
  • डीएसटी की 1 लाख करोड़ रुपये की पहल, आरडीआई फंड का उद्देश्य भारतीय विचारों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रौद्योगिकियों और उत्पादों में परिवर्तित करना है।
  • वित्तपोषण के तरीकों में दीर्घकालिक संपार्श्विक-मुक्त ऋण, इक्विटी भागीदारी और ऋण को इक्विटी में परिवर्तित करना शामिल है, जिसमें ऊर्जा, डीप टेक, एआई, बायोटेक और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती है।

In Summary

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) द्वारा RDI कोष के तहत आह्वान की गई इस प्रथम ओपन कॉल का मुख्य ध्यान उन परियोजनाओं को समर्थन देना है, जो टेक्नोलॉजी रीडीनेस लेवल (TRL) 4 या उससे ऊपर पर हैं।

  • TRL मुख्य प्रौद्योगिकियों की परिपक्वता का अनुमान लगाने का एक पैमाना है। इससे यह पता चलता है कि कोई तकनीक या उत्पाद बाजार में आने के लिए कितना तैयार है।
  • मूल रूप से नासा (NASA) द्वारा प्रस्तुत किया गया यह पैमाना 1 से 9 तक होता है। इसमें TRL-1 विचार उद्भवन (ideation) की अवस्था है और TRL-9 उच्चतम स्तर की अनुप्रयोग/व्यावसायिक तैयारी को दर्शाता है।

अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) कोष के बारे में

  • यह RDI योजना के तहत एक विशेष प्रयोजन कोष (Special Purpose Fund) है। यह योजना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) की एक प्रमुख पहल है।
  • उद्देश्य: भारत के RDI तंत्र में निवेश को बढ़ाना तथा सनराइज एवं रणनीतिक क्षेत्रकों में कार्य करने वाले निजी क्षेत्रक के उद्यमों, स्टार्ट-अप्स और उद्योगों को समर्थन प्रदान करना, ताकि विचारों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी तकनीकों व उत्पादों में बदला जा सके।
  • कुल प्रारंभिक कोष (Corpus): छह वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपये।
  • वित्त-पोषण के तरीके:
    • ऋण: कुल आवश्यकता का 50% तक (लंबी अवधि और बिना किसी जमानत/ collateral के)।
    • इक्विटी भागीदारी: मांगी गई सहायता का 25% तक।
    • परिवर्तन: भावी तारीख में ऋण को इक्विटी में बदलने का विकल्प।
  • प्राथमिकता वाले क्षेत्रक:
    • ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा संक्रमण और जलवायु परिवर्तन;
    • डीप टेक्नोलॉजी (क्वांटम, रोबोटिक्स और अंतरिक्ष);
    • भारतीय अनुप्रयोगों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI);
    • जैव प्रौद्योगिकी और चिकित्सा प्रौद्योगिकियां;
    • डिजिटल अर्थव्यवस्था और डिजिटल कृषि आदि। 
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डीप टेक्नोलॉजी

यह उन नवीन तकनीकों को संदर्भित करता है जो वैज्ञानिक या इंजीनियरिंग की सफलताओं पर आधारित होती हैं और जिनमें महत्वपूर्ण समाजशास्त्रीय या आर्थिक प्रभाव डालने की क्षमता होती है। उदाहरणों में क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स और उन्नत सामग्री शामिल हैं।

जमानत (Collateral)

ऋण प्राप्त करने के लिए उधारकर्ता द्वारा ऋणदाता को दी जाने वाली कोई संपत्ति, जिसका उपयोग ऋण चुकाने में विफलता की स्थिति में ऋणदाता द्वारा किया जा सकता है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST)

भारत सरकार का एक विभाग है जो वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने, वित्त पोषित करने और लागू करने के लिए जिम्मेदार है।

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