प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) द्वारा RDI कोष के तहत आह्वान की गई इस प्रथम ओपन कॉल का मुख्य ध्यान उन परियोजनाओं को समर्थन देना है, जो टेक्नोलॉजी रीडीनेस लेवल (TRL) 4 या उससे ऊपर पर हैं।
- TRL मुख्य प्रौद्योगिकियों की परिपक्वता का अनुमान लगाने का एक पैमाना है। इससे यह पता चलता है कि कोई तकनीक या उत्पाद बाजार में आने के लिए कितना तैयार है।
- मूल रूप से नासा (NASA) द्वारा प्रस्तुत किया गया यह पैमाना 1 से 9 तक होता है। इसमें TRL-1 विचार उद्भवन (ideation) की अवस्था है और TRL-9 उच्चतम स्तर की अनुप्रयोग/व्यावसायिक तैयारी को दर्शाता है।

अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) कोष के बारे में
- यह RDI योजना के तहत एक विशेष प्रयोजन कोष (Special Purpose Fund) है। यह योजना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) की एक प्रमुख पहल है।
- उद्देश्य: भारत के RDI तंत्र में निवेश को बढ़ाना तथा सनराइज एवं रणनीतिक क्षेत्रकों में कार्य करने वाले निजी क्षेत्रक के उद्यमों, स्टार्ट-अप्स और उद्योगों को समर्थन प्रदान करना, ताकि विचारों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी तकनीकों व उत्पादों में बदला जा सके।
- कुल प्रारंभिक कोष (Corpus): छह वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपये।
- वित्त-पोषण के तरीके:
- ऋण: कुल आवश्यकता का 50% तक (लंबी अवधि और बिना किसी जमानत/ collateral के)।
- इक्विटी भागीदारी: मांगी गई सहायता का 25% तक।
- परिवर्तन: भावी तारीख में ऋण को इक्विटी में बदलने का विकल्प।
- प्राथमिकता वाले क्षेत्रक:
- ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा संक्रमण और जलवायु परिवर्तन;
- डीप टेक्नोलॉजी (क्वांटम, रोबोटिक्स और अंतरिक्ष);
- भारतीय अनुप्रयोगों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI);
- जैव प्रौद्योगिकी और चिकित्सा प्रौद्योगिकियां;
- डिजिटल अर्थव्यवस्था और डिजिटल कृषि आदि।